Thursday, May 7, 2026
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भोपाल मध्यप्रदेश केस: नाबालिग हिन्दू ओबीसी लड़की का बलात्कार,दो पुलिसकर्मियों का दबाव लड़की पर,कांग्रेस नेता का खास है जिहादी,टालमटोल हर जगह मोटी रकम खाई?

लव जिहाद मूलतः शब्दों से मिलकर बना होता है – लव और जिहाद. लव एक अंग्रेजी शब्द है जिसका मतलब होता है प्यार और जिहाद एक अरबी शब्द है जिसका मतलब होता है किसी मकसद को पूरा करने के लिए अपनी पूरी ताकत लगा देना. यानि सिंपल भाषा में लव जिहाद का मतलब समझे तो यह है कि किसी लड़की को अपना कोई खास मकसद पूरा करने के लिए अपने प्यार के जाल में फंसाना और उसका धर्म परिवर्तन करवाना. इसे ही लव जिहाद कहते हैं.

लव जिहाद का कारण (Cause of Love Jihad)
जो लोग लव जिहाद को मानते हैं उनके अनुसार मुस्लिम युवक जानबूझकर हिंदू लड़कियों को अपने प्यार के जाल में फंसाकर जबरन उनका धर्म परिवर्तन करवाते हैं. इसके पीछे उनका मकसद अपने धर्म का विस्तार करना होता है. हालांकि मुस्लिम समाज से जुड़े लोग इस बात का खंडन करते हुए इसे गलत बताते हैं.

सुप्रीम कोर्ट ने माना लव जिहाद?

लव जिहाद होता है या नहीं यह बात सुप्रीम कोर्ट मानता है या नहीं, इसको लेकर तो फ़िलहाल कुछ कहा नहीं जा सकता, लेकिन अखिला उर्फ हादिया केस की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने जरूर यह कहा था कि, ‘जिस तरह इंटरनेट गेम ब्लू व्हेल में किसी लड़के या लड़की को टास्क दिए जाते हैं और जिसमें उसे आखिर में सुसाइड करना होता है, उसी तरह आजकल किसी को भी खास मकसद के लिए राजी करना आसान हो गया है’.

लव जिहाद को लेकर सबसे पहले उत्तरप्रदेश की सरकार ने एक कानून ‘गैर कानूनी धर्मांतरण विधेयक 2020’ बनाया था. इस कानून के तहत किसी का शादी के बाद या पहले जबरन धर्म परिवर्तन करने पर गैर जमानती धाराओं में मामला दर्ज करने और 10 साल की कड़ी सजा का प्रावधान है. हालांकि भारत के कई राज्यों में जबरन धर्म परिवर्तन को लेकर सख्त कानून बने हुए है. देश में जबरन धर्म परिवर्तन को लेकर छत्तीसगढ़, झारखण्ड, ओड़िशा, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, राजस्थान, गुजरात, अरुणाचल प्रदेश और मध्यप्रदेश में कानून है.
दरअसल लव जिहाद को लेकर लोगों के अलग-अलग मत हैं. हमारे देश में ऐसे अनेक मामले सामने आए हैं, जहाँ एक मुस्लिम लड़के ने हिंदू लड़की को अपने प्यार के जाल में फंसाने के लिए अपना धर्म छुपाया है और खुद को हिंदू लड़का बताया है. इसके अलावा ऐसे भी मामले सामने आते हैं जहाँ शादी के तुरंत बाद लड़की का धर्म परिवर्तन करा दिया जाता है. हमारे देश में कई लड़कियों ने मीडिया के सामने आकर बताया है कि कैसे उनके साथ धोखा हुआ है.

राजधानी के देहात के थाने परवालिया इलाके में एक नाबालिग को अपहरण कर दो दिनों तक लगातार दुष्कर्म का मामला सामने आया है। पुलिस की भूमिका इस
मामले में संदिग्ध है। पीड़िता के परिजन पिछले सात दिनों से थाने में एफआइआर दर्ज कराने के लिए चक्कर काट रहे थे,लेकिन पुलिस केस दर्ज करने में आनाकानी कर रही है। बाद में जब इस मामले को सामाजिक संस्था के लोगों
ने अधिकारियों के जानकारी में इस मामले की जानकारी दी। तब जाकर इस पूरे मामले में रविवार को डीएसपी महिला सेल ने जांच के बाद नाबालिग का मेडिकल कराया गया। परवलिया थाने में नाबालिग से दुष्कर्म की धारा बढ़ाने के निर्देश दिए। इससे पहले पुलिस अपहरण का मामला तो दर्ज कर कर चुकी है। चौंकाने वाली बात यह है कि इस मामले में थाने के दो पुलिस कर्मियों की भूमिका भी संदिग्ध मिली है। आरोपित थाने के पास नाबालिग को छोड़कर गया था और पुलिसकर्मियों के साथ मिलीभगत कर एफआइआर दर्ज नहीं होने को लेकर दबाव बना रहा था।

पुलिस के मुताबिक 17 वर्षीय नाबालिग परवलिया थाना इलाके में रहती है। वह छठवीं कक्षा की छात्रा है। पिता एक मंदिर में पुजारी है। तीन माह पहले तक वह समसगढ़ रातीबड़ में निवास कर रहे थे। नाबालिग के घर के पास से ही मंजूर खान को छात्रा का जानती थी। बाद में नाबालिग के पिता परवलिया इलाके में आकर रहने लगा। मंजूर खान जहां बीती 27 अप्रैल नाबालिग पास के मंदिर में शाम को हो रही आरती में शामिल होने गई थी। इसी दौरान मंजूर खान पहुंचा और छात्रा को बहला-फुसलाकर उसका अपहरण करके ले गया। परिजनों ने परवलिया थाने में गुमशुदगी का आवेदन दिया। पुलिस ने अगले दिन 28 अप्रैल को गुमशुदगी कायम की। 29 अप्रैल को आरोपित नाबालिग को थाने के पास छोड़ गए। सूचना पर परिजन पहुंचे, तो नाबालिग ने पूरा घटनाक्रम बताया। छात्रा ने पुलिस को पूरा घटनाक्रम बताते हुए कहा कि मंजूर उसे ले गया था। दो दिन तक उसने उसे समसगढ़ में एक मकान में रखा। जहां उसके साथ दुष्कर्म किया गया,लेकिन पुलिस ने मामले लीपापोती कर दी और मामले को दबाने का भरसक कोशिश की। छात्रा समेत परिजनों को थाने से चलता कर दिया। इस दौरान सात दिन से लगातार नाबालिग के परिजन पुलिस से दुष्कर्म की धारा बढ़ाने की मांग कर रहे थे।
दो पुलिसकर्मियों पर धमकाने आरोप
पीड़िता ने दो पुलिसकर्मियों पर घर आकर धमकाने का भी आरोप लगाया है। जब पीड़िता ने मामले की शिकायत बाल कल्याण आयोग में की,तो यह बात आरोपित मंजूर को पता चल गई। आरोपित की तरफ से पीड़िता व उसके परिजनों को धमकी मिलने लगी। अब पीडि़ता व उसके परिजन डर के माहौल में है। बाद में यह मामला अधिकारियों के संज्ञान में आया तो रविवार को महिला सेल की डीएसपी मंजू चौहान नाबालिग के बयान लेकर उसका मेडिकल कराया। उसके बाद उन्होंने परवलिया थाने के थाना प्रभारी को इस मामले में दुष्कर्म समेत अन्य धारा बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।

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