ऐसी घटनाओं को अक्सर राजनीतिक तूल देकर बवंडर खड़ा करने व घटना के तुरंत बाद पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचने वाले कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी व महासचिव प्रियंका गांधी इन दिनों मूकदर्शक बने हुए हैं। हालांकि उनका मूकदर्शक बनना लाजिमी भी है, क्योंकि राजस्थान में उनके चहेते नेता की सरकार जो है। यहां महिलाओं के साथ हो रहे जघन्य अपराधों को लेकर कांग्रेस के शीर्ष नेताओं की चुप्पी उनके दोहरे रवैये की पोल खोल रही है, जिसे देश की जनता भी भलीभांति समझ रही है कि कांग्रेस के नेता भाजपा शासित राज्यों में होने वाली घटनाओं पर तो बतंगड़ बना देते हैं, जबकि कांग्रेस शासन वाले राज्यों में झकझोर देने वाली घटनाओं पर भी उनकी चुप्पी नहीं टूटती।
ताजा मामला राजस्थान के दौसा जिले का है, जहां एक अनुसूचित जाति की महिला का अपहरण व गैंगरेप के बाद चेहरा जलाकर हत्या करने का मामला सामने आया है। दरअसल, महिला 23 अप्रैल को ससुराल जयपुर से अपने पीहर लालसोट के एक गांव के लिए रवाना हुई। इस दौरान वह सोनड गांव के बस स्टैंड तक पहुंची, जहां से गांव जाने के लिए कार सवार बदमाशों ने उसे लिफ्ट देकर बैठा लिया। देर शाम तक महिला के घर नहीं पहुंचने पर परिजनों ने 24 अप्रैल को पुलिस थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज की जांच करते हुए उसमें दिखी कार को तलाश किया तो वह सिसोदिया गांव निवासी कालूराम की निकली, जिसे पकड़कर सख्ती से पूछताछ की तो उसने अपने दोस्तों के साथ महिला से गैंगरेप कर हत्या के बाद शव को कुएं में डालने की बात स्वीकार की। आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने 24 अप्रैल की रात को ही जयपुर जिले के एक गांव के कुएं से महिला का शव बरामद किया, जिसका चेहरा बुरी तरह जला हुआ था।
दौसा के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ लालचंद ने बताया कि आरोपियों ने लिफ्ट देने के बहाने महिला को कार में बैठा लिया था, जिसे सुनसान जगह ले जाकर उसके साथ गैंगरेप किया गया। बाद में घटनाक्रम के उजागर होने से बचने के लिए महिला की हत्या कर शव को कुएं में फेंक दिया। मामले की भनक लगते ही बड़ी तादाद में ग्रामीण दौसा जिला अस्पताल पहुंच गए तथा मुआवजा देने की मांग को लेकर शव लेने से इंकार कर दिया। करीब 10 घंटे के बाद जिला कलेक्टर के आश्वासन पर परिजनों ने शव लिया, जिसका बीती देर शाम अंतिम संस्कार किया गया। महिला के दो मासूम बच्चे भी हैं, जिनका रोकर बुरा हाल हो गया है। लोगों ने गैंगरेप की वारदात में शामिल सभी आरोपियों को शीघ्र गिरफ्तार कर उन्हें फांसी की सजा दिलाने की मांग की है।
महिला से गैंगरेप व हत्या का यह पूरा घटनाक्रम राज्य सरकार के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री परसादीलाल मीणा के निर्वाचन क्षेत्र लालसोट के रामगढ़ पचवारा थाना इलाके में हुआ। जिस पर अभी तक एक भी कांग्रेस नेता की चुप्पी नहीं टूटी है और न ही किसी कथित दलित संगठन की। महिला से दरिंदगी पर दौसा जिले से आने वाले राजस्थान सरकार के 3 मंत्रियों ने अभी तक संवेदना तक व्यक्त नहीं की है। इनकी संवेदनहीनता के खिलाफ लोगों में रोष बना हुआ है।
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नँगे पांव दौड़ कर पहुंचते थे,राहुल गांधी, प्रियंका वाड्रा, अब दलित का गैंगरेप जला दिया चेहरा हत्या,फोन तक नही उठ रहा कांग्रेस का
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