22 अप्रैल को नोटिस जारी
22 अप्रैल को जारी एक नोटिस में कहा गया है कि, ‘कोई भी भारतीय नागरिक या भारत का प्रवासी नागरिक, जो पाकिस्तान के किसी भी डिग्री कॉलेज या शैक्षणिक संस्थान में प्रवेश लेना चाहता है, वह पाकिस्तान में प्राप्त की गई ऐसी शैक्षिक योग्यता (किसी भी विषय में) के आधार पर भारत में रोजगार या उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए पात्र नहीं होगा’। यूजीसी और एआईसीटीई ने कहा कि, पाकिस्तानी शैक्षिक डिग्री वाले प्रवासी, जिन्हें भारतीय नागरिकता दी गई है, उन्हें गृह मंत्रालय से मंजूरी के बाद ही भारत में नौकरियों के लिए विचार किया जा सकता है।
भारतीय छात्रों को चेतावनी
समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, एआईसीटीई के अध्यक्ष अनिल सहस्रबुद्धे ने कहा कि, भारतीय छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए किन देशों में जाना है, इस पर सलाह की जरूरत है, ताकि वे ‘भारतीय नियमों के साथ समानता के बिना डिग्री के साथ न उतरें’। द टाइम्स ऑफ इंडिया ने एआईसीटीई के अध्यक्ष के हवाले से कहा कि, ‘माता-पिता और छात्रों को अपनी मेहनत की कमाई को किसी ऐसी चीज के लिए बर्बाद नहीं करना चाहिए, जिसकी भारत में समानता न हो।’ उन्होंन कहा कि ‘हमने यूक्रेन और सहित अन्य देशों के साथ भी इसी तरह के मामले देखे हैं और फिलहाल चीन में पढ़ने वाले छात्र भी इसका ताजा उदाहरण बने हैं’।
UGC & AICTE has advised students not to travel to Pakistan for pursuing higher education. pic.twitter.com/L1vl5XmotQ
— ANI (@ANI) April 23, 2022





