रामनवमी के मौके पर निकली शोभायात्रा को देश में कई जगहों पर निशाना बनाया गया। गुजरात, झारखंड से लेकर पश्चिम बंगाल और मध्य प्रदेश तक से हिंसा की घटनाएँ सामने आई। मध्य प्रदेश के खरगोन में रविवार (10 अप्रैल 2022) को रामनवमी जुलूस पर पथराव किया गया। 30 से ज्यादा दुकानों और मकानों में आग लगा दी गई और मंदिरों में भी तोड़फोड़ की गई।
बताया गया कि मुस्लिम भीड़ को रामनवमी जुलूस में बज रहे डीजे से आपत्ति थी। हालाँकि दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के मुताबिक यह घटना अचानक नहीं घटी। यह पूर्व नियोजित हमला था। उपद्रवियों ने पहले से ही छतों पर पत्थर और पेट्रोल बम जमा कर रखे थे। एक बार नहीं, बल्कि दो-दो बार आगजनी की घटना को अंजाम दिया गया। शाम में हुए हमले के बाद शांति-व्यवस्था कायम रखने के लिए कर्फ्यू लगा दिया गया। इसके बाद रात के लगभग 12 बजे एक बार फिर से हिंसा भड़की और कई घरों को आग के हवाले कर दिया गया। कई घरों में लूटपाट की गई। इसके बाद इलाके में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है।
जानकारी के मुताबिक हिंसा में 10 पुलिसकर्मी और 20 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। टीआई बनवारी मंडलोई, SP सिद्धार्थ चौधरी के अलावा 6 और पुलिसकर्मी के भी घायल होने की खबर है। पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए अब तक 77 उपद्रवियों को गिरफ्तार किया है।
मध्य प्रदेश के खरगोन में रामनवमी पर सांप्रदायिक तनाव फैलाने वाले दंगाइयों पर आफत आ गई है. उनके घर और दुकानों पर बुलडोजर चल गया है. प्रशासन सख्त से सख्त कार्रवाई करने के मूड में है. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी इस घटना पर सख्ती दिखा चुके हैं. सोमवार को उन्होंने कहा कि इस मामले में जो भी दोषी होगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा. सबसे पहले प्रशासन ने खरगोन के छोटी मोहन टॉकीज पर बड़ी कार्रवाई की. मौके पर प्रशासनिक अमला और भारी पुलिस फोर्स तैनात की गई.
मध्य प्रदेश के खरगोन में रामनवमी पर सांप्रदायिक तनाव फैलाने वाले उपद्रवियों पर कानूनी कार्रवाई होनी शुरू हो गई है. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की सख्ती के बाद खरगोन प्रशासन एक्शन में आ गया है. दंगाइयों के घरों-दुकानों पर बुल्डोजर चलना शुरू हो गए. सबसे पहले प्रशासन ने छोटी मोहन टॉकीज पर बड़ी कार्रवाई की. मौके पर प्रशासनिक अमला और भारी पुलिस फोर्स तैनात की गई.
गौरतलब है कि खरगोन में रामनवमी पर निकाली गई श्रीराम शोभायात्रा पर पथराव के बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने दंगाइयों पर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए. उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि खरगोन में दुर्भाग्यपूर्ण घटना हुई है. दंगाइयों को बख्शा नहीं जाएगा. मध्य प्रदेश में शांति भंग करने वालों को सिर्फ जेल ही नहीं भेजा जाएगा, बल्कि उनसे संपत्ति के नुकसान की सारी वसूली भी की जाएगी.





