इस्लामाबाद. पाकिस्तान (Pakistan) के सियासी घमासान में इमरान खान (Imran Khan) प्रधानमंत्री का पद गंवा चुके हैं और अब वे चुनाव में लोगों की सहानुभूति बटोरने की जुगत लगा रहे हैं. उन्होंने अविश्वास प्रस्ताव खारिज करवाकर अपनी इज्जत तो बचाई लेकिन यही दांव उन पर भारी पड़ सकता है. राजनीतिक एक्सपर्ट्स का मानना है कि विपक्ष एकजुट हो गया है और यदि इस चुनाव में इमरान को सत्ता नहीं मिली तो उन्हें सजा जरूर मिलेगी. पाकिस्तान की नेशनल एसेंबली भंग हो चुकी है, इससे देश में 90 दिनों के भीतर आम चुनाव होने हैं. अगर चुनाव में विपक्ष की जीत होती है तो इमरान खान पर राजद्रोह का मामला चल सकता है.
विपक्षी नेता कई मोर्चों पर इमरान को देशद्रोही कह चुके हैं. इमरान का हाल जनरल परवेज मुशर्रफ जैसा भी हो सकता है. एक समय नवाज शरीफ सरकार ने मुशर्रफ के खिलाफ राजद्रोह का मुकदमा दर्ज किया था और कोर्ट से फांसी की सजा दिलवाई थी. हालांकि मुशर्रफ अभी पाकिस्तान से दूर दुबई में हैं. पाकिस्तान में तमाम अटकलें और अफवाहों का दौर जारी है.
राजनीतिक एक्सपर्ट्स का कहना है कि चुनाव का नतीजा ही तस्वीर साफ करेगा. यदि इमरान खान की पार्टी, बहुमत हासिल करने में नाकाम रही तो विपक्ष उनसे बदला जरूर लेगा. पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के भाई और अब विपक्ष के नेता शहबाज शरीफ ने कहा है कि इमरान खान ने अविश्वास प्रस्ताव खारिज करवाकर संविधान के खिलाफ काम किया है. गौरतलब है कि इमरान खान ने पाकिस्तान नेशनल एसेंबली में अविश्वास प्रस्ताव खारिज करवा दिया था और उसके बाद राष्ट्रपति आरिफ अल्वी से मिलकर के देश में विदेशी साजिश का हवाला दिया था. राष्ट्रपति ने भी नेशनल एसेंबली भंग करवाकर देश में आम चुनाव की घोषणा कर दी थी.





