कोलकाता.पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले के रामपुरहाट में सोमवार रात हुई हिंसा(West Bengal Political Violence) ने सरकार और पुलिस प्रशासन को कठघरे में लाकर खड़ा कर दिया है। क्षेत्र में तनाव का माहौल है। यहां रहने वाले लोग बहुत डरे हुए हैं। वे कानून व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं कि जब उपद्रवी उनके घर जला रहे थे, तब पुलिस कहां थीं? हालत यह थी कि पुलिस को लाशें गठरी में बांधकर ले जानी पड़ीं। इस हिंसा में 8 लोगों को जिंदा जला दिया गया था। इस मामले को लेकर सोशल मीडिया पर भी लोगों का आक्रोश दिखाई दे रहा है। ज्यादातर लोग पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति शासन(President Rule) की मांग कर रहे हैं।
पश्चिम बंगाल के बीरभूम में 10 लोगों को जलाकर मार दिया गया, मारे जाने का वीडियो इतना भयावह है कि देखने की हिम्मत तक नहीं हो रही है
ममता बनर्जी दूसरे राज्यों में होने वाली घटनाओं पर सड़क से संसद तक प्रदर्शन-हल्ला करती हैं। लेकिन ममता इस जघन्य अपराध पर वो चुप क्यों हैं? pic.twitter.com/YglQAKWonL
— आदित्य तिवारी / Aditya Tiwari (@aditytiwarilive) March 22, 2022
TMC leader Bhadu Sheikh was killed on Monday: हम बहुत डरे हुए हैं
बता दें कि हिंसा की शुरुआत तृणमूल कांग्रेस(TMC) के स्थानीय नेता और बरशल ग्राम पंचायत बोकतुई के उप प्रमुख भादु शेख की सोमवार को किसी रंजिश के चलते हुई हत्या के बाद हुई। शेख पर बम से हमला किया गया था। उनकी हत्या के बाद टीएमसी के कार्यकर्ताओं ने उपद्रव शुरू कर दिया। TMC के समर्थकों ने भाजपा समर्थकों के घरों में आग लगा दी। हालांकि पुलिस तर्क दे रही है कि घरों में आग शॉर्ट सर्किट से लगी। इसे लेकर पुलिस की निंदा हो रही है। हिंसा के बाद इलाके में पलायन शुरू हो गया है। मंगलवार रात कई परिवार अपना सामान समेटकर यहां से निकलते देखे गए। वे आक्रोशित और डरे-सहमे नजर आए। इन्होंने मीडिया से कहा कि वे डरे हुए हैं; अब यहां कैसे रह पाएंगे? एक ने साफ कह कि घरों को छोड़ना बेहतर है, क्योंकि यह क्षेत्र सुरक्षित नहीं रहा।
11 लोगों को अरेस्ट किया गया
हिंसा मामले में पुलिस ने 11 लोगों की गिरफ्तारी का दावा किया है। इस मामले की जांच के लिए पुलिस से SIT का गठन किया है। लेकिन लोगों को पुलिस पर भरोसा नहीं हैं। उन्होंने गुस्सा जाहिर किया कि जब उपद्रवी उनके घर जला रहे थे, तब पुलिस कहां थी? लोगों ने कहा कि सोमवार की रात को कभी नहीं भूल सकते।
TMC ने भाजपा पर लगाया साजिश का आरोप
इस मामले में TMC अपना बचाव करते दिखाई दे रही है। उसने इस घटनाक्रम को साजिश बताया है। वहीं, भाजपा ने इसके लिए तृणमूल कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराया है। भाजपा ने बुधवार को पूरे प्रदेश में विरोध-प्रदर्शन का ऐलान किया है। केंद्रीय टीम गुरुवार को क्षेत्र का दौरा करेगी।
सोशल मीडिया पर छाया बीरभूम हिंसा मामला
भाजपा कार्यकर्ता vikram gahlot ने tweet किया-जब साबरमती एक्सप्रेस की बोगी में 59 कारसेवकों को जिंदा जलाया था, तब भी यही कहा गया था कि आग तो ट्रेन के अंदर से ही लगी थी। जैसे आज #Birbhum में 8 को जिंदा जलाने पर TMC कह रही है कि आग तो घर के अंदर short circuit की वजह से लगी थी
भाजपा की बंगाल राज्य सचिव लॉकेट चटर्जी ने कहा-हमने देखा है पुराना कश्मीर। यह पीएम मोदी के नेतृत्व में बेहतर हुआ। लेकिन अब बंगाल कश्मीर की राह पर चल रहा है। यह वही हो जाएगा, जो कभी कश्मीर था। एसआईटी पर्याप्त नहीं है, हम सीबीआई / एनआईए जांच की मांग करते हैं। 2 मई के बाद पूरे देश ने देखा कि विधानसभा चुनाव के बाद हुई हिंसा में तृणमूल कांग्रेस द्वारा भाजपा के 100 के आसपास कार्यकर्ताओं की हत्या की गई। पूरा पश्चिम बंगाल आज बारूद के ढेर पर बैठा है।
एक यूजर Pawan Kumar ने tweet किया-वीभत्स, बर्बर, अविश्वसनीय, अमानवीय, जंगलराज, शर्मनाक। #Birbhum से आ रही ख़बर लोमहर्षक है। महिलाएं, बच्चे ज़िंदा जला कर मार डाले गए। ज़रा सी भी लाज है, तो आपको एक सेकेंड भी मुख्यमंत्री के पद पर नहीं रहना चाहिए।
सनातन रक्षक सम्राट मिहिर भोज़ ने कहा-बंगाल को कश्मीर जैसी पुनरावृत्ति होने से रोकना होगा। हम बंगाल” में राष्ट्रपति शासन की मांग करते हैं!
Adv Gautam kumar yadav ने ट़्वीट किया-नफरतों के बाजार में मुंह खोलेगा कौन, हम भी चुप रहे हैं तो फिर बोलेगा कौन। बंगाल में जो हुआ वो उतना ही भयंकर है, जैसा कश्मीर में हुआ था। ममता बनर्जी को एक पल भी सत्ता में रहने का अधिकार नहीं।
प्रदीप कुमार मंडल ने लिखा-ये पश्चिम बंगाल इसी देश में है ना। मतलब बीरभूम की घटना ने तालिबान को भी पीछे छोड़ दिया। लॉ एंड ऑर्डर तो छोड़िए, कुछ इंसानियत की ही शर्म कर लो। जिंदा जला दिया लोगों को और दीदी को अब भी ये छोटी-मोटी घटना ही लगेगी
West Bengal has seen 26 political murders in one week.
Visuals are from Birbhum massacre in which 12 women and kids were burnt alive.
WB is now the rink of jihadi terror and Communist-era criminals, with growing pockets of Hindutva backlash.
[Warning: Disturbing visuals] pic.twitter.com/fcoPOEQfQp— Abhijit Majumder (@abhijitmajumder) March 22, 2022





