Tuesday, May 5, 2026
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(LIVE VIDEO) जब सोनिया गांधी फूट फूट कर रो पड़ी थीं

नई दिल्ली। अहमदाबाद और दिल्ली का बाटला हाउस। इनमें एक समानता है। समानता ये कि अहमदाबाद में साल 2008 में जो बम ब्लास्ट हुए थे, उनमें शामिल दोषियों में से 4 दिल्ली के बाटला हाउस एनकाउंटर के बाद धरे गए थे। जबकि, कांग्रेस लगातार दोनों मामलों के दोषियों को गुनहगार मानने से इनकार करती और उनके पार छिपाने की कोशिश में जुटी रही। यहां तक कि कांग्रेस के नेता और यूपीए सरकार में विदेश मंत्री रहे सलमान खुर्शीद ने ये तक बयान दिया कि बाटला हाउस एनकाउंटर के बारे में सुनकर कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की आंखों में आंसू तक आ गए थे। कुल मिलाकर मामले को बीजेपी और आरएसएस की तरफ मोड़ने की कोशिश कांग्रेस की तत्कालीन सरकार की थी, लेकिन वो इसमें नाकाम रही।

पुलिस ने जब बाटला हाउस कांड की जांच की थी, तो पता चला था कि यहां से एनकाउंटर के बाद गिरफ्तार आतंकियों में शामिल मोहम्मद सैफ, जीशान अहमद, जिया-उर रहमान और मोहम्मद शकील अहमदाबाद में 21 जगह विस्फोट करने की घटना में भी शामिल थे। पुलिस ने इस मामले में कयामुद्दीन, मोहम्मद अकबर, मोहम्मद मुबीन और मोहम्मद आरिफ के भी बम धमाकों में शामिल होने की जांच की थी। बाटला कांड के बाद पुलिस ने आतंकियों के खिलाफ जो चार्जशीट दाखिल की थी, उसमे कहा था कि इस घटना के 12 आतंकी अहमदाबाद जाकर बम धमाके करने की साजिश में भी शामिल रहे थे। इनमें से दो आतिम अमीन और मोहम्मद साजिद उर्फ बड़ा को दिल्ली पुलिस ने बाटला हाउस एनकाउंटर में मार गिराया था।

Batla House

बाटला हाउस एनकाउंटर में दिल्ली पुलिस के बेहतरीन अफसर मोहन चंद शर्मा वीरगति को प्राप्त हुए थे, लेकिन कांग्रेस और यूपीए की सरकार की ओर से इस मामले में इस्लामी आतंकवाद की हकीकत को पूरी तरह छिपाने की कोशिश हुई। ऐसा किस वजह से किया गया, ये खुलासा अब तक नहीं हुआ है। दो आतंकी मिर्जा शादाब बेग और मोहम्मद खालिद की अब भी तलाश की जा रही है। पुलिस के मुताबिक पहले अमीन, साजिद और सैफ अहमदाबाद गए थे। इनके बाद 9 अन्य आतंकी अहमदाबाद गए।

 

 

 

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