उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 (Uttar Pradesh Assembly Elections 2022) के पहले चरण का मतदान गुरूवार, 10 फरवरी को संपन्न हो गया. मतदान के कुछ घंटे बाद ही प्रदेश में ईवीएम (EVM) को लेकर सियासी खेल शुरू हो गया. यूपी के शामली जिले के कैराना विधानसभा में एक अज्ञात वाहन में एक ईवीएम मिली. जिस गाड़ी में यह EVM मिली, उस गाड़ी पर नंबर प्लेट भी नहीं लगी हुई थी. ऐसे में हड़कंप मचना स्वाभाविक था.
UP: कैराना में बिना नंबर प्लेट के वाहन में मिली EVM मशीन, मौके पर पहुंचे एसडीएम…शायद झोल शुरू हो गया है सभी कैंडिडेट ध्यान रखे कुछ भी हो सकता है इन मशीनों का पहरा दे ले.. @PoliceShamli महोदय इस तरह की घटना रोके 🙏@samajwadiparty @yadavakhilesh @jayantrld @RLDparty @Uppolice pic.twitter.com/GvIUG0gdJj
— आसिफ राणा 🚲 🇮🇳 (@AsifRanaSP) February 10, 2022
रिपोर्ट के मुताबिक गाड़ी में ईवीएम को सबसे पहले समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) के एक कार्यकर्ता ने देखा. गाड़ी में EVM देखते ही उसने अधिकारियों को फोन कर इसकी जानकारी दी. मौके पर कैराना (Kairana) से सपा के प्रत्याशी नाहिद हसन (Nahid Hasan) की बहन इकरा हसन (Iqra Hasan) भी पहुंच गईं और उन्होंने इसे लेकर विरोध जताया. इसके बाद एसडीएम और अन्य अधिकारियों ने छानबीन शुरू की.
क्या निकली हकीकत?
चुनाव प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों ने इकरा हसन और सपा के अन्य नेताओं के सामने जब वोटिंग मशीन की जांच की तो हकीकत कुछ और ही निकली. शामली जिले के एडीएम संतोष कुमार सिंह ने मीडिया को बताया कि कैराना के जोनल मजिस्ट्रेट एमपी सिंह की गाड़ी में यह EVM रखी हुई थी जोकि एक रिजर्व ईवीएम थी. गाड़ी में बैठे लोगों ने मेरठ के एक होटल में खाना खाने के लिए गाड़ी रोकी थी, इसी दौरान कुछ लोगों ने EVM देख ली. एडीएम के मुताबिक मामले की जांच की जा रही है, दोषी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. उधर, इस मामले में जिला अधिकारी का कहना है कि यह चुनाव सुरक्षा प्रोटोकॉल का उल्लंघन है.
मौके पर तत्काल पुलिस बल के साथ जाकर एसडीएम द्वारा जांच की गई तो पाया गया कि ये EVM रिजर्व EVM हैं । शिकायत कर्ताओं को संतुष्ट कर दिया गया है । आवश्यक कार्यवाही की जा रही है ।
— Shamli police (@PoliceShamli) February 10, 2022





