खुफिया एजेन्सियों के सूत्रों ने कहा है कि खालिस्तान समर्थक संगठन ‘सिख फॉर जस्टिस’ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पंजाब में फिरोजपुर दौरे से कुछ दिन पहले ही लोगों से उनकी यात्रा का विरोध करने को कहा था। मोदी बुधवार को फिरोजपुर में विकास परियोजनाओं का शिलान्यास करने के लिए जा रहे थे कि एक फ्लाईओवर पर लोगों द्वारा रास्ता रोके जाने के कारण उन्हें अपना कार्यक्रम स्थगित कर वापस लौटना पड़ा।
विरोध प्रदर्शन के लिए उकसाया
सिख फॉर जस्टिस संगठन के तथाकथित जनरल काउंसिल गुरूपतवंत सिंह पन्नून द्वारा जारी वीडियो में वह लोगों से 5 जनवरी को प्रधानमंत्री की यात्रा के विरोध में ‘शो द शू’ प्रदर्शन करने को कह रहे हैं। वीडियो में पन्नून ने आरोप लगाया है कि प्रधानमंत्री 3700 से भी अधिक किसानों की मौत के जिम्मेदार हैं। पन्नून ने इस विरोध प्रदर्शन के लिए एक लाख अमेरिकी डॉलर तक देने की पेशकश भी की। वीडियो में खालिस्तान समर्थक पन्नून ने पंजाब के लोगों से खालिस्तान जनमतसंग्रह के लिए अभियान चलाने और पंजाब से भारतीय सुरक्षा बलों को भगाने का अनुरोध किया है।
प्रधानमंत्री की सुरक्षा में गंभीर चूक
खालिस्तान समर्थक संगठन की इस घोषणा और लुधियाना विस्फोट के सिलसिले में जर्मनी में इस संगठन के सदस्य जसविंदर सिंह मुल्तानी की गिरफ्तारी के मद्देनजर केन्द्रीय सुरक्षा एजेन्सियां बेहद चौकन्नी तथा सर्तक थी और उन्होंने पंजाब पुलिस से प्रधानमंत्री के दौरे के लिए सुरक्षा के चाक चौबंद इंतजाम करने को कहा था। सुरक्षा सूत्रों ने कहा कि प्रधानमंत्री के कार्यक्रम को रद्द किये जाने से इस बात के संकेत मिलते हैं कि राज्य पुलिस ने पर्याप्त सुरक्षा उपाय नहीं किये थे। केन्द्र ने आरोप लगाया है कि पंजाब सरकार ने प्रधानमंत्री की सुरक्षा में गंभीर चूक की है और इस बारे में राज्य सरकार से विस्तृत रिपोर्ट भी मांगी है।
पीएम नरेंद्र मोदी की सुरक्षा में सेंध लग गई। ये इतना गंभीर विषय है, लेकिन पंजाब की चरणजीत चन्नी सरकार इस मसले पर पैंतरेबाजी कर रही है। अब तक सरकार ने केंद्रीय गृह मंत्रालय को इस मामले में रिपोर्ट नहीं भेजी है। यहां तक कि किसी अफसर पर कार्रवाई तक नहीं की गई है। मसला गंभीर होने के बाद भी पंजाब की कांग्रेस सरकार किस तरह इसमें टालमटोल कर रही है कि उसने आज सुबह सुरक्षा में सेंध की जांच करने के लिए एक कमेटी बनाई है। पंजाब सरकार के सूत्रों का कहना है कि कमेटी की जांच रिपोर्ट मिलने के बाद ही केंद्र को रिपोर्ट भेजी जाएगी।
चंडीगढ़ में पंजाब सरकार के सूत्रों ने बताया कि पीएम मोदी की सुरक्षा को हुए खतरे के मामले की जांच के लिए उच्चस्तरीय जांच कमेटी बनी है। इस कमेटी में रिटायर्ड जस्टिस मेहताब सिंह गिल, जस्टिस अनुराग वर्मा और गृह विभाग के प्रमुख सचिव को रखा गया है। कमेटी से रिपोर्ट कितने दिन में मांगी गई है, इसकी जानकारी सूत्रों ने नहीं दी, लेकिन फिलहाल कहा जा रहा है कि करीब 3 दिन जांच में लगेंगे। यानी साफ हो गया है कि पंजाब सरकार अभी केंद्र सरकार को कोई रिपोर्ट नहीं भेजने जा रही है। जब तक रिपोर्ट न मिले, गृह मंत्रालय इस मामले में कार्रवाई भी नहीं कर सकता। कुल मिलाकर मामले को टालने की ये कोशिश दिखती है।
पंजाब के सीएम चरणजीत सिंह चन्नी पहले ही इसे सुरक्षा चूक मानने से इनकार कर चुके हैं। यहां तक कि कल उन्होंने ये भी साफ कह दिया था कि किसी अफसर पर अभी कार्रवाई का सवाल ही नहीं उठता। चन्नी ने ये भी कहा था कि पीएम का रास्ता रोकने वाले उनके अपने लोग हैं और इनपर लाठीचार्ज भी वो नहीं करा सकते थे। बता दें कि बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने आरोप लगाया है कि पीएम जब फ्लाईओवर पर फंसे थे, तो चन्नी को फोन लगाया गया, लेकिन उन्होंने फोन तक रिसीव नहीं किया।





