पूर्व सांसद अतीक अहमद की दबंगई जेल से भी कायम है। यूपी से गुजरात तक की जेल में अतीक का सिस्टम बन चुका है। चुनाव से पूर्व एक बार फिर अतीक की दबंगई की चर्चा है। हालांकि इस बार निशाने पर उनका रिश्तेदार ही आया। इस मामले में पुलिस ने पीड़ित की तहरीर बदलवा कर अतीक को नामजद नहीं किया है। जेल से कॉल करके धमकाने में अतीक पर यह आरोप कोई पहली बार नहीं लगा है। 31 दिसंबर को अतीक के साढ़ू इमरान के भाई जीशान ने आरोप लगाया था कि अतीक के बेटे अली ने फोन से अतीक से बात कराई। कहा गया था कि पांच करोड़ रुपये बंगले में पहुंचा दो या प्रॉपर्टी उनकी पत्नी के नाम कर दो।
सोशल मीडिया पर तहरीर वायरल होने पर पुलिस ने मुकदमा तो दर्ज किया लेकिन तहरीर बदलवा दी। अतीक को छोड़ अन्य नौ लोगों को नामजद किया। इससे पूर्व भी इसी अहमदाबाद जेल से अतीक ने दिसंबर 2019 में कॉल करके प्रॉपर्टी डीलर जैद को धमकाया था। अतीक गैंग के सक्रिय सदस्य मल्ली पर आरोप था कि उसने जैद को पकड़कर अतीक से फोन पर बात कराई थी। बाद में अतीक और जैद की कॉल रिकॉर्डिंग सोशल मीडिया पर वायरल भी हुई।
इससे पूर्व देवरिया जेल की कहानी किसी से छिपी नहीं। पहले लखनऊ के प्रॉपर्टी डीलर और बाद में प्रयागराज से जैद और उसके साथी को अगवा करके देवरिया जेल ले जाकर पीटा गया था। लखनऊ के प्रॉपर्टी डीलर मोहित जायसवाल के मामले की जांच तो सीबीआई कर रही है। यहां जैद ने धूमनगंज में मुकदमा दर्ज कराया था। जुलाई 2018 में अतीक का बसपा नेता आसिफ से रंगदारी मांगने का आडियो वायरल हुआ था। इससे पूर्व अतीक के नैनी जेल में बंद रहते हुए भी कई लोगों की पिटाई का मामला सामने आया था। उस वक्त चर्चा थी कि जैमर बंद न करने पर एक डिप्टी जेलर की जमकर पिटाई की गई थी। लेकिन जेल प्रशासन ने मुकदमा दर्ज नहीं कराया था।





