क्राइम का किस्सा’ में पेश इस सच्ची मगर डरावनी कहानी की शुरुआत तो अब से करीब 30 साल पहले हो चुकी थी. सन् 1990 की शुरुआत में. हाल-फिलहाल इस कहानी के सबसे खतरनाक और इकलौते किरदार रहे सीरियल किलर का नाम अब फिर चर्चाओं में आ गया है. इसलिए क्योंकि 57 साल के इस सनकी सीरियल किलर को अदालत ने एक दो उम्रकैद की दो-दो सजाएं सुना दी हैं.
मतलब इंसान के रूप में भेड़िये सी हरकतों को अंजाम देने वाले इस शख्स को जीवन की अंतिम सांस भी अब जेल की काल कोठरी के भीतर ही लेनी होगी. फैसला सुनाने के वक्त जज ने भी इस खतरनाक मुजरिम की तुलना इंसान के रूप में भेड़िए से की है. अदालत और इस सीरियल से जुड़े मामलों की जांच करने वाली पुलिस को हैरत इस बात पर थी कि, खूनी मानसिकता वाला शख्स अपनी 57 साल की उम्र में अपने गृहनगर (Hometown) के दायरे में ही 200 महिला-लड़कियों को कत्ल कर चुका था.
जबकि समाज में इसकी किसी को कानो-कान भनक तक नहीं लगी. ‘डेली स्टार’ की खबर के मुताबिक यह खौफनाक सोच का सीरियल किलर पेशे से एक पुलिसकर्मी था. 57 साल के मिखाइल को कुछ समय पहले ही दो दो उम्रकैद की सजाएं सुनाए जाने के बाद से ये चर्चा में है. हत्याओं के जिन मामलों में मिखाइल को एक साथ उम्रकैद की जो दो-दो सजाएं सुनाई गई हैं, वे सभी मामले लड़कियों-महिलाओं की हत्याओं से ही जुड़े हुए हैं.
200 में से 22 हत्याएं साबित हो गईं
फिलहाल कुछ समय पहले 22 हत्याओं के मामलों में इस सीरियल किलर पूर्व पुलिसकर्मी को उम्रकैद कैद की दो-दो सजाएं एक साथ मुकर्रर की गईं, गिरफ्तारी के बाद पुलिस द्वारा की गई पूछताछ में हालांकि आरोपी ने सन् 1990 से लेकर सन् 2010 के बीच करीब 200 लड़कियों-महिलाओं की हत्या करने का जुर्म कबूला था. मगर 22 मामलों के अलावा बाकी तमाम हत्यायों से संबंधित सबूत जुटा पाना पुलिस के लिए मुश्किल हो गया था. लिहाजा अदालत ने जांच एजेंसी द्वारा सिद्ध किए गए 22 कत्लों के मामले में ही आरोपी को दो-दो आजीवन कारवास की सजाएं मुकर्रर की दीं. मिखाइल को सजा सुनाते वक्त कोर्ट में जज ने टिप्पणी की कि, “यह मानव रुप में एक भेड़िया है.”
200 मर्डर को गुनाह नहीं मानता मुजरिम
सीरियल किलर मिखाइल पोपकोव ने पुलिस द्वारा की गई पूछताछ में कबूला था कि, उसने महिलाओं की हत्याएं करके कोई गुनाह नहीं किया है. अपितु जिन भी 200 महिलाओं लड़कियों को उसने अपनी जिंदगी में कत्ल किया था वे सब, समाज और उसके शहर की गंदगी थीं. इसलिए उन सबको कत्ल करके उसने शहर को साफ रखने का काम किया है. हर शिकार को कत्ल के बाद आरोपी उसकी लाश को जंगल में फेंक देता था.
महिलाओं की तलाश में वो शहर के क्लब और बार हाउस के इर्द-गिर्द मंडराता रहता था. उसके बाद शिकार को लिफ्ट देने के बहाने कार में बैठा लेता था. उसके बाद उनके साथ दुष्कर्म की घटना को अंजाम देने के बाद उन्हें मार डालता था. बीबीसी के मुताबिक मिखाइल ने महिलाओं के सिवाए एक अन्य शख्स और एक पुलिस वाले के कत्ल का भी जुर्म कबूला था.
अदालत में हुए सनसनीखेज खुलासे
क्राइम का किस्सा (Crime Ka Kissa) की इस कड़ी में मैं जिस घटना का जिक्र आज कर रहा हूं वो रूस के शहर अंगार्स्क की है. अदालत में जब मुकदमा चला तब कई और भी सनसनीखेज बातों का खुलासा हुआ था. पता चला कि आरोपी मिखाइल एक के बाद एक 200 हत्याओं की इन वारदातों को सिर्फ और सिर्फ अपने होमटाउन में ही अंजाम देता रहा था. इस खूनी दरिंदे के बारे में किसी को कानो-कान भनक नहीं लगी थी.
शायद इसलिए क्योंकि लोगों की नजरों में तो वो रूसी पुलिस का कर्मचारी था. ऐसे सनकी सीरियल किलर के पकड़े जाने की भी अपनी दिलचस्प कहानी है. खबर के मुताबिक, आरोपी द्वारा कत्ल की गई एक लड़की की लाश के पास ही पुलिस को कार के टायरों के निशान मिले थे. टायर के उन निशानों का मिलान करने पर वे आरोपी की कार के टायर निकले





