सूचना के मुताबिक, सोनू सूद पर टैक्स चोरी का आरोप लगा है. आरोप है कि उन्होंने एक डील में टैक्स चोरी की है, जिसमें लखनऊ की एक रियल एस्टेट कंपनी भी शामिल है. इस कंपनी में भी आयकर विभाग सर्वे कर रहा है. पीटीआई के मुताबिक लखनऊ की इस रीयल एस्टेट कंपनी और सोनू सूद की फर्म के बीच एक लैंड डील हुई है, जिसका सर्वे आयकर विभाग कर रहा है. इसमें लखनऊ के एक बड़े कारोबारी अनिल सिंह का नाम भी सामने आ रहा है. हाल ही में अनिल सिंह के दफ्तर पर आयकर विभाग का छापा पड़ा है. सोनू सूद और अनिल सिंह कारोबार में पार्टनर बताए जा रहे हैं. ऐसे में उन सभी संस्थाओं की जांच हो रही है, जो इन दोनों से जुड़े हैं.
आयकर विभाग ने क्या किया?
जानकारी के मुताबिक, सर्वे के दौरान आयकर विभाग के अधिकारियों ने अभिनेता सोनू सूद के घर पर मौजूद उनके परिवार और स्टाफ के लोगों से भी पूछताछ की है. उनके घर से अधिकारी कुछ फाइलें और कागजात भी अपने साथ ले गए हैं. आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 133ए के प्रावधानों के तहत किए जाने वाले ‘सर्वे अभियान’ में आयकर अधिकारी केवल व्यावसायिक परिसरों और उससे जुड़े परिसरों में अवलोकन करते हैं. हालांकि, अधिकारी दस्तावेज भी जब्त कर सकते हैं. कोरोना काल में सोनू सूद ने हजारों लोगों की मदद की है. इनका एक एनजीओ भी चल रहा है, जिसका नाम ‘सूद चैरिटी फाउंडेशन’ है. यह NGO हेल्थकेयर, एजुकेशन, नौकरी और तकनीकी एडवान्समेंट पर काम करता है. आयकर विभाग की रडार पर सोनू का एनजीओ भी, जिसके जरिए करोड़ों रुपए के लेन-देन होते हैं.
छापे और सर्वे में अंतर क्या है?
अक्सर लोग आयकर विभाग के सर्वे को छापेमारी समझ लेते हैं, जबकि दोनों के बीच बहुत बड़ा अंतर है. जैसा कि पहले बताया कि आयकर विभाग का सर्वे आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 133ए के अंतर्गत आता है. यह केवल व्यवसाय या पेशे के स्थान पर ही हो सकता है. यह आवासीय स्थान पर तब तक नहीं हो सकता जब तक दस्तावेज आवासीय स्थान पर नहीं रखे जाते. यह केवल कार्य दिवसों पर कार्य घंटों के दौरान ही हो सकता है. यह काम के घंटों के बाद भी जारी रह सकता है. अधिकारी को जब्त करने की कोई शक्ति नहीं होती है. किसी व्यक्ति की व्यक्तिगत खोज नहीं की जा सकती. जरूरत पड़ने पर पुलिस की सहायता ली जा सकती है.
लगातार तीसरे दिन सोनू सूद के घर IT विभाग का तलाशी अभियान, बड़ी मात्रा में टैक्स चोरी का पता चला: रिपोर्ट
अभिनेता सोनू सूद के घर लगातार तीसरे दिन IT विभाग का तलाशी अभियान जारी है। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो बड़ी मात्रा में टैक्स चोरी की बात भी पता चली है। ‘न्यूज़ 18’ ने अपने सूत्रों के हवाले से ये जानकारी दी है। बताया जा रहा है कि उन्हें फिल्मों के जरिए मिली धनराशि और उन्हें किए गए कई व्यक्तिगत पेमेंट्स में भी टैक्स चोरी की बात पता चली है। ‘सूद चैरिटी फाउंडेशन’ का वित्त भी जाँच के घेरे में है।
ये लगातार तीसरा दिन है, जब आयकर विभाग के अधिकारी सोनू सूद के ठिकानों पर तलाशी अभियान चला रहे हैं और सर्वे कर रहे हैं। सोनू सूद न सिर्फ बॉलीवुड, बल्कि दक्षिण भारतीय फिल्मों में भी खासे सक्रिय रहे हैं। अभी तक IT विभाग की तलाशी को एजेंसी ने ‘छापेमारी (Raid)’ नहीं बताया है, इसे ‘सर्वे’ ही कहा गया है। सोनू सूद का एकाउंटेंट यात्रा में है, जिस कारण जाँच में और भी देर हो रही है।
ये सर्वे बुधवार (15 सितंबर, 2021) को शुरू हुआ, जब मुंबई और लखनऊ में सोनू सूद से जुड़े 6 ठिकानों पर तलाशी ली गई। सोनू सूद द्वारा की गई एक रियल एस्टेट डील भी जाँच के घेरे में है। ये मामला टैक्स चोरी से जुड़ा हुआ है। सोनू सूद ‘बृहन्मुम्बई महानगरपालिका (BMC)’ की रडार पे भी आए थे, जब उन पर जुहू में स्थित एक 6 मंजिला इमारत को बिना ज़रूरी अनुमति लिए होटल में तब्दील कर देने के आरोप लगे थे।
अवैध निर्माण के आरोपों के मामले में BMC के विरुद्ध अदालत का दरवाजा भी खटखटाया था। जब बॉम्बे हाईकोर्ट ने उनकी अपील को रद्द कर दी तो वो सुप्रीम कोर्ट पहुँचे। हाल ही में दिल्ली की AAP सरकार ने उन्हें स्कूल में बच्चों के मेंटरशिप योजना का ब्रांड एम्बेसडर नियुक्त किया है। हालाँकि, राजनीति में आने की अटकलों को वो टालते रहे हैं। उन्होंने इन अटकलों को झूठा और आधारहीन बताते हुए कहा था कि उनकी या उनके परिवार की राजनीति में कोई रुचि नहीं है।
48 वर्षीय सोनू सूद कोरोना महामारी के दौरान खासे चर्चा में रहे थे, जब दावा किया गया था कि उन्होंने कई मजदूरों व गरीबों की मदद की है। कोरोना की लहर जब अपने उच्चतम स्तर पर थी, तब उन्होंने कई मजदूरों को ट्रेनों व फ्लाइट्स के जरिए घर भेजा था। वहीं अब अरविंद केजरीवाल की पार्टी और कॉन्ग्रेस उनके समर्थन में उतर आई है। दोनों ने केंद्र की राजग सरकार पर बदले की कार्रवाई का आरोप लगाया है।
वैसे 2012 में आयकर (IT) विभाग सोनू सूद के घर पर छापेमारी कर चुकी है, जब केंद्र में यूपीए-2 की सरकार थी। हाल ही में अभिनेता सोनू सूद ने घोषणा की थी कि वह अगले साल रूस के कज़ान में विशेष ओलंपिक विश्व शीतकालीन खेलों में भारतीय दल के साथ जाएँगे। वह इस आयोजन के भारतीय ब्रांड एंबेसडर हैं। उन्होंने 31 जुलाई को अपने जन्मदिन पर विशेष ओलंपिक भारत के विशेष एथलीटों और अधिकारियों के साथ एक वर्चुअल बातचीत के दौरान यह घोषणा की।
This is not the first time that IT officials have come to Sonu Sood's house. They have also been there in 2012 after red flags were raised regarding his acquisition of a house worth ₹30 crores.
How desperate was the Congress back then @SupriyaShrinate?? #SonuSoodITSurvey pic.twitter.com/JVVncwcmOA
— Priti Gandhi – प्रीति गांधी (@MrsGandhi) September 16, 2021





