Wednesday, April 29, 2026
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जिसको दफनाया,जिसकी हत्या के आरोप में पति जेल में,बाजार में घूमती मिली

पलामू जिला के नौडीहा बाजार थाना क्षेत्र की जिस खुशबून निशा को मृत समझकर स्वजनों ने नौ सितंबर को दफन कर दिया वह रविवार को छतरपुर के बाजार में जिंदा मिली। सूचना पर पहुंची छतरपुर पुलिस महिला से पूछताछ कर रही है।

बाजार में टहल रही खुशबुन की हत्या के आरोप में पति जेल में, पुलिस की जांच पर उठे सवाल
जिस खुशबून निशा को मृत समझकर स्वजनों ने दफन कर दिया, वह जिंदा मिली।

पलामू,जासं। पलामू जिले के नौडीहा बाजार थाना क्षेत्र के तरीडीह गांव में नौ सितंबर 2021 को जिस खुशबुन निशा को मृत समझकर स्वजनों ने दफना दिया था, वह रविवार रात छतरपुर बाजार में पुत्र के साथ टहलती मिली। वहीं, खुशबुन की हत्या के आरोप में पुलिस ने उसके पति को जेल भेज दिया है। पुलिस की जांच पर तो यहां सवाल उठ ही रहे हैं, यह भी प्रश्न खड़ा हो गया है कि जिस महिला को खुशबुन समझ दफनाया गया, वह कौन थी। मसले को सुलझाने के लिए पुलिस ने कब्र से महिला का शव निकाल कर डीएनए जांच कराने का निर्णय लिया है।

छतरपुर पुलिस ने खुशबुन से पूछताछ की तो उसने पूरे मामले पर हैरानी जताई। कहा, मेरे पति ने पांच शादियां की हैं। मैं उसके साथ नहीं रहती, उससे मेरे संबंध अच्छे नहीं थे। मैं उनसे अलग रह रही थी, मेरे परिजनों को भी इसकी जानकारी नहीं थी। मुझे नहीं पता था कि मेरी हत्या के आरोप में मेरा पति जेल में है। मालूम हो कि आठ सितंबर को पलामू जिले के हरिहरगंज थाना क्षेत्र में ईंट भट्ठा के निकट झाड़ी में नग्न अवस्था में एक महिला का शव मिला था। उसके चेहरे को पत्थर से कुचल दिया गया था।

नौडीहा बाजार प्रखंड के तरीडीह गांव के जाबिर अंसारी ने अपनी पत्नी खुशबुन निशा के रूप में शव की शिनाख्त की थी। हरिहरगंज थाने में हत्या की प्राथमिकी दर्ज कराई थी। शव की पहचान खुशबुन निशा के मायके के लोगों ने भी की थी। पोस्टमार्टम कराने के बाद पुलिस ने शव को मायके वालों के हवाले कर दिया गया था। खुशबुन के पिता सुलेमान मियां ने दामाद जुबेर अंसारी व उनके स्वजन पर मुकदमा किया था। शव को खैरदोहर कब्रिस्तान में दफना गया था। इसी आधार पर पुलिस ने महिला के पति जाबिर अंसारी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

उधर, रविवार को छतरपुर के एक युवक ने मृत समझी जा रही खुशबुन निशा को बच्चे के साथ छतरपुर बाजार में देखा तो पुलिस को सूचना दी। यह जानकार पुलिस के होश उड़ गए। खुशबुन निशा महिला थाने को सुपुर्द कर दी गई है। उससे पूछताछ चल रही है। वहीं, पुलिस कह रही कि एक पिता पुत्री को पहचाने में इतनी बड़ी गलती कैसे कर सकता है। हरिहरगंज थाना प्रभारी सुदामा प्रसाद दास ने कहा कि जांच की जा रही है। अब शव को निकाल कर डीएनए सैंपल लिया जाएगा। पुलिस आसपास के क्षेत्रों से गायब किसी महिला के बारे में भी पता कर रही है।

‘घरवालों ने हाथ और पैर से ही शव की पहचान की थी। उसका चेहरा पत्थर से कूचा हुआ था। अब भांजी के वापस आने की सूचना से सभी लोग अचंभित हैं।’ -अल्ताफ अंसारी, खुशबुन के मामा।

रांची में भी हो चुकी है ऐसी एक घटना

रांची जिले के चुटिया थाना क्षेत्र में भी 15 फरवरी 2014 को चुटिया की प्रीति गायब हो गई थी। दूसरे ही दिन बुंडू थाना क्षेत्र स्थित माझी टोली के पास एक युवती का जला हुआ शव बरामद हुआ। प्रीति के स्वजन ने उसे अपना समझकर शव का अंतिम संस्कार कर दिया। पुलिस ने डीएनए मैच भी नहीं कराया। धुर्वा के तीन युवक अजीत कुमार, अमरजीत कुमार और अभिमन्यु उर्फ मोनू इस मामले में जेल गए थे। चार माह बाद 14 जून 2014 को प्रीति जिंदा मिली। सीआइडी ने तथ्य की भूल बताते हुए कोर्ट में आवेदन दिया था। इसके बाद तीनों बाइज्जत बरी हुए थे। इसमें पुलिस वालों पर कार्रवाई भी हुई थी। मानवाधिकार आयोग ने तीनों को एक-एक लाख मुआवजा देने का भी आदेश दिया है।

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