Wednesday, April 29, 2026
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तालिबान की खुली चेतावनी: कश्मीर मामले से हमारा कोई वास्ता नही,मीडिया हाउस अफवाह न फैलाये,बीबीसी उर्दू को फटकार झूठ बोलने पर

तालिबान के प्रवक्ता सुहैल शाहीन बोले- मेरी बातों को तोड़ मड़ोड़ कर पेश किया गया, कश्मीर मुद्दे पर नहीं देंगे दखल
तालिबान के प्रवक्ता सुहैल शाहीन बोले- मेरी बातों को तोड़ मड़ोड़ कर पेश किया गया, कश्मीर मुद्दे पर नहीं देंगे दखल

तालिबानी प्रवक्ता सुहैल शाहीन ने बीबीसी उर्दू के बयान को गलत बताया. उन्होंने कहा, ‘मेरी बातों को गलत तरीके से पेश किया गया. मैं इससे हैरान हूं’

अफगानिस्तान में तालिबान की सरकार को भारत मान्यता देगा या नहीं इसको लेकर फिलहाल तस्वीर साफ नहीं है. लेकिन इस बीच तालिबान (Taliban) ने कश्मीर मुद्दे (Kashmir Issue) पर अपने बयान को लेकर सफाई दी है. तालिबान के प्रवक्ता सुहैल शाहीन ने कहा है कि उनकी बातों को तोड़ मोड़ कर पेश किया गया. सुहैल ने कहा कि उन्होंने कभी भी ऐसा नहीं कहा कि तालिबान कश्मीर के मुद्दे पर दखल देगा. उन्होंने साफ-साफ कहा कि कश्मीर भारत और पाकिस्तान का मसला है और दोनों देश खुद इसे सुलझाए. हालांकि सुहैल ने ये भी कहा कि मुसलमानों के खिलाफ अत्याचार पर तालिबान जरूर आवाज़ उठाएगा.

बता दें कि दो दिन पहले तालिबान के प्रवक्ता सुहैल शाहीन के उस बयान को प्रमुखता से छापा गया था जिसमें उन्होंने कहा था कि वो कश्मीरी मुस्लिम के लिए आवाज उठाएंगे. उनका ये बयान बीबीसी उर्दू ने सुहैल के इंटरव्यू के बाद छापा था. लेकिन सुहैल ने अपने बयान को लेकर अब सफाई दी है.

कश्मीर भारत का समला
इंडिया टूडे से बात करते हुए सुहैल ने कहा, ‘कश्मीर भारत और पाकिस्तान का अंदरूनी मामला है और हम इसके बीच में नहीं पड़ेंगे. दोनों मुल्क इसका खुद हल निकाले. हमारी जमीन का इस्तेमाल हम किसी देश के खिलाफ नहीं होने देंगे और हम आतंकवाद के खिलाफ लड़ेंगे. हम चाहते हैं कि दोनों शांतिपूर्वक तरीके से आपस में इसे सुलझाएं.’

सुहैल की सफाई
तालिबानी प्रवक्ता ने बीबीसी उर्दू के बयान को गलत बताया. उन्होंने कहा, ‘मेरी बातों को गलत तरीके से पेश किया गया. मैं इससे हैरान हूं. जिस तरह किसी भी देश में हिंदू या सिखों के खिलाफ अत्याचार होता है तो भारत अपनी बात रखता है. ठीक उसी तरह कहीं मुस्लिमों के खिलाफ अन्याय होने पर हम अपना नजरिया रखेंगे. इसके खिलाफ आवाज़ उठाएंगे.’

हक्कानी नेटवर्क ने भी कश्मीर से किया था किनारा
इससे पहले अनस हक्कानी ने भी कहा था कि वे कश्मीर मुद्दे में दखल नहीं देंगे. साथ ही उन्होंने कहा था कि तालिबान भारत समेत अन्य देशों के साथ अच्छे संबंध चाहता है. उन्होंने कहा था, ‘कश्मीर हमारे अधिकार क्षेत्र में नहीं है और दखल देना हमारी नीति के खिलाफ है. हम हमारी नीति के खिलाफ कैसे जा सकते हैं? यह साफ है कि हम हस्तक्षेप नहीं करेंगे. हम भारत के साथ अच्छे रिश्ते चाहते हैं.’

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