नागरिकता संसोधन कानून ( CAA ) के विरुद्ध दिल्ली के शाहीन बाग़ में सड़क जाम करके साल 2020 में हजारों मुस्लिमों ने कई महीनों तक विरोध प्रदर्शन किया। सरदार डीएस बिंद्रा अपना फ़्लैट बेंचकर शाहीन बाग़ में लंगर लगाते थे, लोग अब सरदार जी से पूछ रहे हैं कि अफगानिस्तान से जो सिख भाई-बहन आये है उनके लिए क्या व्यवस्था किये हो?
उल्लेखनीय है कि अफगानिस्तान पर इस्लामिक आतंकी गुट तालिबान ने कब्जा कर लिया है, लोग अब वहां से जान बचाकर भाग रहे हैं और दूसरे देशों में शरण ले रहे हैं, अफगानिस्तान के बहुत से सिख और हिन्दू भी भारत आये हैं, अफगानिस्तान के एकमात्र सिख सांसद नरेंदर सिंह खालसा भी अफगानिस्तान में अपना घर-बार छोड़कर जान बचाकर भारत चले आये हैं. दिल्ली पहुंचने पर नरेंदर सिंह ने अफगानिस्तान से सुरक्षित निकालने के लिए भारत सरकार तथा प्रधानमंत्री मोदी का धन्यवाद किया है। अफगानिस्तान से आये लोगों की भारत सरकार पूरी मदद कर रही है.
लेकिन अब सोशल मीडिया पर लोग शाहीन बाग़ में लंगर चलाने वाले सरदार डीएस बिंद्रा से पूछ रहे हैं कि क्या मानवता के नाम पर अफगान से आये सिख बहन-भाइयों के लिए भी लंगर लगाएंगे, बता दें कि शाहीन बाग़ में लंगर लगाने के लिए सरदार डीएस बिंद्रा ने अपना फ़्लैट तक बेंच दिया था, डीएस बिंद्रा पेशे से दिल्ली हाई कोर्ट में वकील हैं. उन्होंने कहा, लोगों की सेवा करने के लिए उन्होंने अपना फ्लैट तक बेच दिया है. सरदार डीएस बिंद्रा का एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें वह खुद को असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM का सिपाही बता रहे थे..





