केंद्रीय मंत्री नारायण राणे (Narayan Rane) के खिलाफ शिवसेना के विरोध और FIR के बाद उनकी गिरफ्तारी को लेकर जारी ऑर्डर पर राणे परिवार की पहली प्रतिक्रिया सामने आई है. नारायण राणे के बेटे नीलेश राणे ने सीएम उद्धव ठाकरे को चेतावनी (Warning To CM Uddhav Tahckeray) देते हुए कहा है कि अगर सही में मां का दूध पिया है, तो सामने आओ, हम तुम्हें औकात बताते हैं.
वहीं गिरफ्तारी के ऑर्डर (Arrest Order) जारी होने के बाद नारायण राणे हाई कोर्ट जाने की तैयारी में हैं. वह कोर्ट में अग्रिम जमानत की याचिका दाखिल कर सकत्ते है. फिलहाल केंद्रीय मंत्री अपने वकील संजय चिटणीस के साथ रिम्ज होटल में कानूनी सलाह (Legal Advice) ले रहे हैं. थोड़ी देर में वह मीडिया को संबोधित करेंगे.
थप्पड़ मारने वाले बयान पर राजनीति गर्म
बता दें कि नारायण राणे पर दो एफआईआर दर्ज होने के बाद उनकी गिरफ्तारी को लेकर ऑर्डर जारी किए गए हैं. जिसके बाद उनके बेटे की प्रतिक्रिया सामने आई है. दरअसल बीजेपी नेता के विरोध में शिवसेना ने सोमवार रात को दादर इलाके में मुर्गी चोर के पोस्टर्स भी लगाए थे. हालांकि सुबह होते ही बीएमसी ने पोस्टर्स को हटा दिया था. उद्धव ठाकरे को थप्पड़ मारने वाले बयान को लेकर महाराष्ट्र की राजनीति काफी गर्म हो गई है. शिवसेना प्रमुख के खिलाफ की गई विवादित बयानबाजी से शिवसेना कार्यकर्ता काफी भड़के हुए हैं. उन्होंने नासिक के बीजेपी दफ्तर में आज जमकर तोड़फोड़ की है.कार्यकर्ताओं ने बीजेपी दफ्तर पर पत्थरों से हमला कर दिया.
‘बयान देकर राज्य की जनता का किया अपमान’
वहीं महाराष्ट्र सरकार में मंत्री और एनसीपी प्रवक्ता नवाब मलिक ने कहा है कि नारायण राणे ने जिस तरह से एक सीएम के खिलाफ बयान दिया है वह सीएम का ही नहीं बल्कि राज्य की जनता का भी अपमान है. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि बीजेपी नेता के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए. इसके साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी महाराष्ट्र में भी पश्चिम बंगाल जैसा माहौल बनाने की कोशिश कर रही है.
बता दें कि नारायण राणे के खिलाफ नासिक शिवसेना महानगर प्रमुख सुधाकर बडगुजर ने FIR दर्ज कराई है. उन्होंने कहा कि सीएम के खिलाफ की गई बयानबाजी बिल्कुल गलत है. यह जनभावना और लोकभावना दोनों का अनादर है. यह शिनसैनिकों को चेतावनी देने वाला बयान है. उन्होंने कहा कि नारायण राणे को जिन बाला साहेब ने सीएम बनाया उन्हीं के बेटे के खिलाफ उन्होंने गलत बयान दिया है.
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के खिलाफ विवादास्पद टिप्पणी के आरोप में गिरफ्तार किए गए केंद्रीय मंत्री नारायण राणे को मंगलवार रात रायगढ़ जिले में महाड की एक अदालत ने जमानत दे दी। इससे पहले भाजपा नेता राणे के वकील अनिकेत निकम ने आरोप लगाया कि पुलिस राणे को गिरफ्तार करने से पहले कानून की उचित प्रक्रिया का पालन करने में विफल रही और वह उनकी गिरफ्तारी का विरोध करेंगे। केंद्रीय सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्री राणे की टिप्पणी को लेकर महाराष्ट्र में उनके खिलाफ चार प्राथमिकी दर्ज की गई हैं। उन्हें रत्नागिरि पुलिस ने मंगलवार को दोपहर बाद गिरफ्तार किया था और फिर उन्हें महाड ले जाया गया। महाड में उनके खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 189 (लोकसेवक को नुकसान पहुंचाने की धमकी देने) और धारा 504 (शांति भंग करने के लिए जानबूझकर अपमान करना) तथा धारा 505 (सार्वजनिक तौर पर शरारत से संबंधित बयान) के तहत मामला दर्ज किया गया। राणे ने दावा किया था कि स्वतंत्रता दिवस के मौके पर अपने संबोधन में मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे यह भूल गए कि देश की आजादी को कितने साल हुए हैं। राणे ने रायगढ़ जिले में सोमवार को ‘जन आशीर्वाद यात्रा’ के दौरान कहा, ‘‘यह शर्मनाक है कि मुख्यमंत्री को यह नहीं पता कि आजादी को कितने साल हो गए हैं। भाषण के दौरान वह पीछे मुड़कर इस बारे में पूछते नजर आए थे। अगर मैं वहां होता तो उन्हें एक जोरदार थप्पड़ मारता।’’ राणे अपनी इस टिप्पणी के बाद विवादों में घिर गए और शिवसेना के कार्यकर्ताओं ने राज्य के कई शहरों में विरोध प्रदर्शन किया।





