Tuesday, April 28, 2026
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【LIVE VIDEO】 फिर पकड़ाया दिग्विजय सिंह का झूठ,

मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले में कथित तौर से पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगने के मामले में कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने पुलिस के दावों पर सवाल उठाया है। बता दें कि इस घटना के तीन दिन बाद पुलिस ने 16 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया था और इन सभी पर आरोप था कि इन्होंने मुहर्रम जुलूस के दौरान पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगाए। इस मामले में कांग्रेस ने मुहर्रम जुलूस के आयोजनकर्ताओं का समर्थन करते हुए कहा है कि पुलिस ने इस वीडियो को मॉर्फ्ड किया है और वहां पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे नहीं लगाए गए बल्कि वहां काजी साहब जिंदाबाद कहा गया था।
सोमवार को  मुहर्रम जुलूस के आयोजनकर्ताओं ने एक वीडियो फुटेज जारी किया है जिसमें लोग काजी साहब जिंदाबाद कहते नजर आ रहे हैं। इसके जवाब में पुलिस ने एक काउंटर वीडियो भी जारी किया है। जिसमें लोग पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगा रहे हैं और फिर इसके बाद काजी साहब जिंदाबाद के नारे लगा रहे हैं। इस पूरे मामले में पुलिस के दावे को लेकर मुहर्रम जुलूस के एक आयोजनकर्ता मुज़ीब काजी़ की तरफ से कहा गया कि  ‘पुलिस ने वीडियो मॉर्फ्ड किया है। वहां मौजूद लोगों ने कोई राष्ट्र विरोधी नारे लगाए।’ उज्जैन के गीता कॉलोनी में निकाले गये इस जुलूस को लेकर कांग्रेस नेता और राज्यसभा सांसद दिग्वजिय सिंह ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है। दिग्विजय सिंह ने कहा कि ‘पुलिस ने फर्जी वीडियो के आधार पर एक्शन लिया है। उन लोगों को पहले सच की पड़ताल करनी चाहिए। केस वापस लिया जाना चाहिए।’

इस मामले पर कांग्रेस की नगर पार्षद माया त्रिवेदी ने कहा कि किसी ने भी राष्ट्र विरोधी नारे नहीं लगाए। यह केस फर्जी वीडियो के आधार पर किये गये हैं। इस मामले में चल रही राजनीतिक बयानबाजी के बीच उज्जैन पुलिस ने 10 मिनट का एक वीडियो जारी किया है, जिसमें लोग यह दोनों ही नारे लगाते सुनाई दे रहे हैं। उज्जैन के पुलिस अधीक्षक सत्येन्द्र शुक्ला ने कहा कि ‘हमने इस मामले में एक्शन लिया है। यह एक्शन सिर्फ पुलिसकर्मियों और जिला प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा शूट किये गये वीडियो के आधार पर किया गया है। हमें इस वीडियो को लेकर कोई आशंका नहीं है। यह घटना रात 10 बजे के आसपास हुई है। जिसके बाद पुलिस ने आधे घंटे के अंदर केस दर्ज कर लिया।’

कॉन्ग्रेस के वरिष्ठ नेता और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री रह चुके दिग्विजय सिंह ने उज्जैन में पाकिस्तान के समर्थन में नारेबाजी करने वालों का बचाव किया है । उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश पुलिस को वास्तविकता का पता लगाना चाहिए और यदि गिरफ्तारी हुई है तो प्रकरण वापस लेना चाहिए।

उज्जैन में 19 अगस्त 2021 को मुहर्रम के दिन ताजिया उठाने के दौरान पाकिस्तान समर्थित नारेबाजी की गई थी। इसके संबंध में ऑल्ट न्यूज की फैक्ट चेक रिपोर्ट को आधार मानते हुए कॉन्ग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने ट्वीट करके कहा, “फेक न्यूज़ के आधार पर “काजी साहब जिंदाबाद” को “पाकिस्तान जिंदाबाद” बता कर कई लोगों पर मुक़दमे दायर हो गए। मप्र पुलिस को कार्रवाई करने के पूर्व वास्तविकता का पता लगा लेना चाहिए था। यदि गिरफ़्तारी हुई है तो प्रकरण वापस लेना चाहिए।”

दिग्विजय सिंह के ट्वीट पर प्रतिक्रिया देते हुए हुए मप्र के गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि मध्य प्रदेश में तालिबानी सोच और राष्ट्र विरोधी मानसिकता वालों को नहीं बख्शा जाएगा। सिंह के बयान पर गृहमंत्री मिश्रा ने कहा कि दिग्विजय सिंह अपनी तुष्टिकरण की मानसिकता के चलते विरोधी लोगों के पक्ष में खड़े होते आए हैं और उन्हें ऐसे लोगों एक नेतृत्व कर पाकिस्तान ले जाना चाहिए। उन्होंने उज्जैन मामले की नए सिरे से जाँच की बात को सिरे से नकार दिया।

दिग्विजय सिंह ने ऑल्ट न्यूज की जिस रिपोर्ट को आधार माना है, उसमें यह दावा किया गया है कि सोशल मीडिया पर वायरल उज्जैन के वीडियो का एनालिसिस करने पर यह पता चलता है कि वीडियो में पाकिस्तान जिंदाबाद नहीं, बल्कि काजी साब जिंदाबाद का नारा लगाया गया था। ऑल्ट न्यूज के सह-संस्थापक प्रतीक सिन्हा ने वीडियो के बेहतर क्वालिटी वाले क्लिप्स का एनालिसिस करने का दावा किया है।

ज्ञात हो कि गुरुवार (19 अगस्त 2021) को उज्जैन में मोहर्रम के अवसर पर देश विरोधी नारे लगाने का मामला सामने आया था। गीता कॉलोनी में मोहर्रम का ताजिया उठ रहा था, इसी दौरान देश विरोधी नारे लगे और कई युवक पाकिस्तान जिंदाबाद चिल्लाने लगे। सोशल मीडिया पर वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपितों की पहचान की थी और 15 लोगों के खिलाफ देशद्रोह का मामला दर्ज किया था। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस मामले में शनिवार की शाम तक 12 लोगों की गिरफ्तारी की जा चुकी है।

 

 

 

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