इंदौर शहर में फेरी लगाकर चूड़ियां बेच रहे 25 वर्षीय व्यक्ति को भीड़ द्वारा नाम पूछे जाने के बाद पीटे जाने पर मचे बवाल के बीच नया मोड़ आ गया, जब पुलिस ने सोमवार शाम इस शख्स पर 13 वर्षीय स्कूली छात्रा के लैंगिक उत्पीड़न और दस्तावेजों की जालसाजी के आरोपों में मामला दर्ज किया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि कक्षा छह में पढ़ने वाली छात्रा ने बाणगंगा पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई है कि रविवार दोपहर तस्लीम अली (25) अपना नाम “गोलू पिता मोहनसिंह” बताकर चूड़ियां बेचने उसके घर आया और उसने उसे “बहुत सुंदर” बताते हुए बुरी नीयत से उसके शरीर को छुआ। अधिकारियों ने बताया कि नाबालिग लड़की ने शिकायत में कहा कि अली की इस हरकत को लेकर उसके शोर मचाने पर उसकी मां उसके पास पहुंची, तो चूड़ी विक्रेता उन्हें जान से मारने की कथित धमकी देकर भागने लगा, लेकिन आस-पड़ोस के लोगों ने पीछा कर उसे पकड़ लिया। उन्होंने प्राथमिकी के हवाले से बताया कि अली द्वारा जल्दबाजी में छोड़ दी गई थैली से दो आधार कार्ड मिले हैं और इनमें से एक में इसके धारक के नाम के रूप में “असलीम पिता मोरसिंह” छपा है, जबकि दूसरे आधार कार्ड में “तस्लीम पिता मोहर अली” छापा गया है।अधिकारियों ने बताया कि लड़की की शिकायत पर अली के खिलाफ लैंगिक अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम (पॉक्सो एक्ट) और भारतीय दंड विधान की धारा 420 (धोखाधड़ी), 471 (जाली दस्तावेज को असली के रूप में इस्तेमाल करना) और अन्य सम्बद्ध प्रावधानों के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। इस बीच, प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता अमीनुल खान सूरी ने मूलतः उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले के रहने वाले चूड़ी विक्रेता अली का 44 सेकंड का वीडियो ट्विटर पर जारी किया। इस वीडियो में चूड़ी विक्रेता ने कहा, “मेरे गांव में बरसों पहले बने एक पहचान पत्र में मेरा बोल-चाल का नाम भूरा लिख दिया गया था, जबकि बाद में बनाए गए आधार कार्ड में मेरा नाम तसलीम अली लिखा गया। इनमें से कोई भी पहचान पत्र फर्जी नहीं है और ये दोनों असली हैं।” अली की पिटाई के मामले के तूल पकड़ने के बीच राज्य के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि सावन के पवित्र माह में इस शख्स द्वारा खुद को हिंदू बताकर महिलाओं को चूड़ियां बेचने से विवाद की शुरुआत हुई, जबकि वह अन्य समुदाय से ताल्लुक रखता है। मिश्रा ने भोपाल में संवाददाताओं से कहा, “गृह विभाग की रिपोर्ट है कि इंदौर में चूड़ी बेच रहे व्यक्ति (तस्लीम अली) ने स्वयं का हिंदू नाम रखा हुआ था, जबकि वह दूसरे समुदाय का है। उसके पास से इस तरह के दो (संदिग्ध) आधार कार्ड भी मिले हैं।” गृह मंत्री के मुताबिक अली द्वारा सावन के पवित्र माह में अपना नाम कथित तौर पर बदलकर महिलाओं को चूड़ी बेचने को लेकर विवाद शुरू हुआ था और इस झगड़े से जुड़े दोनों पक्षों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई है।मिश्रा ने बताया कि अली की पिटाई के आरोप में भीड़ में शामिल तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। घटना के वायरल वीडियो में भीड़ में शामिल लोग चूड़ी विक्रेता को पीटते दिखाई दे रहे हैं, जबकि वह उनसे छोड़ देने का आग्रह कर रहा है। घटना के दूसरे वीडियो में चूड़ी विक्रेता को पीट रहा एक व्यक्ति उस पर महिलाओं से छेड़छाड़ का आरोप लगाते हुए मौके पर मौजूद अन्य लोगों को उसकी पिटाई के लिए उकसा रहा है। वीडियो में यह व्यक्ति गाली-गलौज करने के साथ चूड़ी विक्रेता को धमकाते हुए कहता सुनाई पड़ रहा है कि वह (चूड़ी विक्रेता) गोविंद नगर में आइंदा दिखाई नहीं देना चाहिए। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि चूड़ी विक्रेता ने रविवार देर रात सेंट्रल कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई कि गोविंद नगर में भीड़ में शामिल पांच-छह लोगों ने उसका नाम पूछा और जब उसने अपना नाम बताया, तो उन्होंने उसे पीटना शुरू कर दिया। उन्होंने बताया कि चूड़ी विक्रेता ने अपनी शिकायत में यह आरोप भी लगाया कि लोगों ने उसके लिए सांप्रदायिक तौर पर आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया और उससे 10,000 रुपये नकदी, मोबाइल फोन, आधार कार्ड और अन्य दस्तावेजों के साथ ही करीब 25,000 रुपये मूल्य की चूड़ियां छीन लीं।
मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh News) के इंदौर में चूड़ी वाले के साथ मारपीट का विवाद गहराता जा रहा है. पुलिस का कहना है कि इस घटना के बाद सेंट्रल कोतवाली थाने पर प्रदर्शन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) ने किया था.
इंदौर. मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh News) के इंदौर (Indore News) में चूड़ी बेचने वाले के साथ मारपीट का विवाद गहराता जा रहा है. पुलिस ने इस मामले में बड़ा खुलासा किया है. पुलिस का दावा है कि इस घटना के बाद सेंट्रल कोतवाली थाने पर प्रदर्शन विवादित संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) ने किया था. चूड़ी वाले से मारपीट करने वाले तीनों मुख्य आरोपी राकेश पवार, राजकुमार भटनागर और विवेक व्यास को गिरफ्तार कर लिया गया है. एक आरोपी को ग्वालियर से गिरफ्तार किया गया है.
घटना को लेकर कलेक्टर मनीष सिंह ने कहा कि शांति बनाकर रखा जा रहा है. रविवार की घटना में प्रदर्शन आपत्तिजनक था. इसमें एसडीपीआई और पीएफआई के लोगों का हाथ सामने आया है. दोनों संगठनों पर इंटेलिजेंंस नजर रख रहा है. उन्होंने कहा कि जो भी माहौल बिगाड़ने का काम कर रहा है, उस पर सख्त कार्रवाई होगी.
मंत्री ने कहा- पुलिस को फ्री हैंड
इस मामले पर जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट ने कहा कि इंदौर पुलिस को फ्री हैंड है. सांप्रदायिक फिजा बिगाड़ने वालों को बख्शा नहीं जाएगा. आतंकी संगठनों की भूमिका के सवाल पर मंत्री ने कहा कि इसकी गहन जांच होगी. आतंकी संगठनों को जड़ों तक जाकर खत्म करेंगे.
मच गया था बवाल
गौरतलब है कि, इंदौर में एक चूड़ी बेचने वाले (Bangle Seller) से सरेआम पिटाई का वीडियो वायरल होने से बवाल मच गया था है. इस घटना के विरोध में एक समुदाय विशेष के लोगों ने सेंट्रल कोतवाली थाने का घेराव कर दिया था. हंगामे के बाद इंदौर पुलिस (Indore Police) ने अज्ञात लोगों के खिलाफ 14 धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली थी. वहीं इस मामले पर मध्य प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा (Narottam Mishra) ने सख्त कारवाई करने का भरोसा दिया है था.
महिलाओं से छेड़छाड़ का लगा आरोप
हालांकि लोगों का कहना है कि चूड़ी बेचने के बहाने महिलाओं से छेडछाड़ करने के चलते इस युवक की पिटाई की गई है. वहीं तस्लीम नाम के इस युवक का कहना है कि रविवार को गोविंद नगर कॉलोनी में वो चूड़ियां बेच रहा था. इस दौरान कुछ लोगों ने उसकी जाति पूछी और जैसे ही उसने अपनी जाति बताई लोगों ने मारपीट शुरू कर दी और पैसे छीन लिए. हालांकि घटना के बाद पीड़ित युवक ने पुलिस में कोई शिकायत नहीं की.
पुलिस ने कही ये बात
वहीं, इंदौर के एसपी ईस्ट आशुतोष बागरी का कहना है कि वायरल वीडियो की पड़ताल की जा रही है. इस घटना में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. सेंट्रल कोतवाली थाने में एफआईआर दर्ज कर ली गई है. हम जल्द ही आरोपियों को पकड़ लेंगे. लोग अफवाहों पर ध्यान न दें और शांति व्यवस्था बनाएं रखें. घटना को घटना की तरह ही लें, उसे शांति व्यवस्था की समस्या बनाने का प्रयास न करें. पुलिस-प्रशासन सम्पूर्ण विधिक कार्रवाई कठोरता के साथ कर रहा है, लेकिन जिन लोगों ने भीड़ इकट्ठा कर थाने पर हंगामा किया है उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी. इसके अलावा उन्होंने कहा कि इंदौर में कुछ दिनों से सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिशें की जा रही हैं. हालांकि पुलिस प्रशासन पूरी मुस्तैदी से अपना काम कर रहा है.
दोनों पक्षों पर होगी कार्रवाई: नरोत्तम मिश्रा
इस मामले पर मध्य प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि गृह विभाग की रिपोर्ट है कि वो चूड़ी बेचता था, लेकिन उसने अपना हिन्दू नाम रखा था. उसके पास से दो आधार कार्ड मिले हैं. वह सावन के महीने में बेटी-बहनों को चूड़ी पहना रहा था,तब ये विवाद शुरू हुआ. इस मामले में दोनों पक्षों पर सख्त कारवाई होगी.
यही नहीं, इस मामले को लेकर कांग्रेस नेता और शायर इमरान प्रतापगढ़ी ने शिवराज सरकार पर निशाना साधा है, तो कुमार विश्वास ने भी सीएम शिवराज सिंह चौहान से न्याय की उम्मीद जताई है.





