नोएडा. दिल्ली के गाजीपुर बॉर्डर पर किसानों और बीजेपी कार्यकर्ताओं के बीच हुई झड़प का मामला थमने का नाम नहीं ले रहा है. इसी क्रम में शनिवार को वाल्मीकि समाज के लोगों ने भारतीय किसान यूनियन (BKU) के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत (Rakesh Tikait) के खिलाफ धरना-प्रदर्शन किया. वाल्मीकि समाज के सैकड़ों लोग निर्गुण मार्केट के अंबेडकर पार्क में पहुंचे और यहां राकेश टिकैत के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. इस दौरान उन्होंने राकेश टिकैत के पुतले को गधे पर बिठाकर उसकी सवारी निकाली और बाद में उन्होंने उनका पुतला दहन (Effigy Burn) किया.
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि ऐसी ही गलती राकेश टिकैत के पिता महेंद्र सिंह टिकैत ने की थी जिसका खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ा था. वही गलती अब राकेश टिकैत दोहरा रहे हैं. उन्हें यह पसंद नहीं आया कि किस कदर निचले तबके के लोगों को पार्टी द्वारा सम्मान दिया जा रहा है. ऐसा पहली बार नहीं हुआ कि गाजीपुर बॉर्डर पर किसी नेता (अमित वाल्मीकि) का स्वागत हो रहा हो. लेकिन क्योंकि हम लोग वाल्मीकि समाज से जुड़े हुए थे, यह बात राकेश टिकैत और उनके गुर्गों को नहीं पची. उन्होंने बेवजह हमारे साथ मारपीट की, तलवारों से हमला किया गया. वाल्मीकि समाज के लोगों का यह भी कहना है कि उन्होंने पुलिस को 30 जून को इस संबंध में एक शिकायत दी थी जिसपर कोई कार्रवाई नहीं हुई.
उन्होंने कहा कि राकेश टिकैत के ऊपर एससी/एसटी के तहत मुकदमा दर्ज होना चाहिए. अगर राकेश टिकैत पर कार्रवाई नहीं हुई तो वाल्मीकि समाज के लोग जिलाधिकारी और एसएसपी दफ्तर एवं आवास पर कूड़ा फेंक कर अपना विरोध दर्ज करवाएंगे





