मुंबई 2006’ जैसी चलती ट्रेन में ब्लास्ट, निशाने पर दरभंगा-सिकंदराबाद: UP के शामली पैदा, Pak में बम ट्रेनिंग और हैदराबाद में ठिकाना
बिहार के दरभंगा रेलवे स्टेशन पर हुए पार्सल ब्लास्ट के मामले में एनआईए ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। एनआईए ने दो मुख्य आरोपित इमरान मलिक उर्फ इमरान खान और मोहम्मद नासिर खान उर्फ नासिर मलिक को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपित का पाकिस्तान कनेक्शन सामने आया है और उन्हें लश्कर का आतंकी बताया गया है। दोनों हैदराबाद में रह रहे थे और देश के अलग-अलग हिस्सों में आतंकी हमलों के जरिए दहशत फैलाना चाहते थे। अब एनआईए ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया है और उनके जरिए कई जरूरी जानकारी सामने निकल आई है।
एनआईए (NIA) की प्रवक्ता जया राय ने बताया कि 17 जून को दरभंगा रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 1 पर पार्सल में विस्फोट हुआ था। जाँच के दौरान पुलिस को केमिकल ब्लास्ट का शक हुआ क्योंकि मौका ए वारदात पर केमिकल की बोतल भी बरामद हुई थी। इस मामले में 24 जून को एनआईए ने जाँच शुरू की थी। इमरान मलिक और मोहम्मद नासिर खान से शुरुआती पूछताछ में चौंकाने वाला खुलासा करते हुए बताया कि उन्होंने लोकल केमिकल का इस्तेमाल कर आईईडी तैयार तैयार किया था।
पार्सल ब्लास्ट का ‘पाकिस्तान कनेक्शन’
जाँच में NIA को पता चला कि दोनों आतंकी लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े हुए हैं। ये लोग देश में और भी आतंकी घटनाओं को अंजाम देने की साजिश की फिराक में थे। NIA के मुताबिक, ये दोनों पाकिस्तान में बैठे अपने आका के आदेश पर हिंदुस्तान में आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने में जुटे थे। पूरी साजिश पाकिस्तान में मौजूद आतंकी संगठन लश्कर ए तैयबा के इशारे पर रची गई थी। दोनों भाइयों को जल्द ही एनआईए ट्रांजिट रिमांड पर पटना लाएगी।
गिरफ्तार आरोपित मोहम्मद नासिर खान और उसके भाई इमरान मलिक ने ये आईईडी बम बनाया था। उस बम को कपड़े के एक पार्सल में पैक किया, जिसे सिकंदराबाद से दरभंगा तक लंबी दूरी तय करने वाली ट्रेन में रखा गया। इनका मकसद था एक चलती हुई यात्री ट्रेन में विस्फोट करना – जैसा 2006 में मुंबई की लोकल ट्रेनों में किया गया था। गिरफ्तार आरोपित मोहम्मद नासिर खान ने वर्ष 2012 में पाकिस्तान का दौरा किया था और वहीं केमिकल बम बनाना सीखा था।
अब उसी तकनीक के जरिए ये आतंकी चलती ट्रेन में भी बड़ी वारदात को अंजाम देना चाहते थे, लेकिन उनके मंसूबे नाकामयाब रह गए और अब उनकी गिरफ्तारी भी हो गई है। जाँच में यह बात भी सामने आई है कि दोनों भाई अपने हैंडलर से बात करने के लिए सुरक्षित संचार माध्यमों का इस्तेमाल कर रहे थे। नासिर और इमरान दराबाद के नामपल्लई में रहते थे पर दोनों मूलत: उत्तर प्रदेश के शामली के हैं। आरोपितों से अभी भी जाँच जारी है, ऐसे में और भी कई चौंकाने वाली बातें सामने आ सकती हैं।
17 जून को दरभंगा रेलवे स्टेशन पर सिकंदराबाद से आए कपड़े के बंडल वाले पार्सल में हुआ धमाका (Blast) किसी बड़ी साजिश का हिस्सा था, यह बात अब जाहिर हो चुकी है. लेकिन जांच एजेंसियों के समक्ष इन्वेस्टिगेशन (Investigation) के दौरान कुछ ऐसी बातें भी सामने आ रही हैं, जिसने तमाम सुरक्षा एजेंसियों के साथ ही शासन-प्रशासन में खलबली मचा दी है. दरअसल कपड़ों के बंडल के बीच 100 मिली की शीशी में केमिकल बम होना ही अपने आप में बड़ा सबूत है कि इसके पीछे कोई बड़ी आतंकी साजिश ही थी. आतंकी नेटवर्क के इसमें शामिल होने के साथ ही जांच एजेंसियों के समक्ष अब यह सवाल आ गया है कि क्या साजिशकर्ताओं के निशाने पर दरभंगा एयरपोर्ट था? क्या दरभंगा एयरपोर्ट से उड़ान भरने वाली फ्लाइट्स ( Flights) आतंकवादियों की टारगेट थीं?
दरअसल कई मीडिया रिपोर्ट्स ये बताती हैं कि जांच एजेंसियों ने इस दरभंगा एयरपोर्ट के एंगल पर जांच शुरू कर दी है. इसके पीछे की बड़ी वजह यह है कि सिकंदराबाद से दरभंगा स्टेशन के लिए बुक करवाया गया पार्सल मो. सूफियान के नाम से भेजा गया था. वह शायद इसे रिसीव भी कर लेता और इसे कहीं एहतियात के साथ स्टोर भी किया जाता. इसके बाद मौका देख किसी बड़ी घटना को अंजाम दिया जाता. हालांकि यह लिक्विड एक्स्प्लोसिव पहले ही वो ब्लास्ट कर गया. अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में लगी हुई हैं क्या कभी देश के अन्य क्षेत्रों में ऐसे लिक्विड एक्सप्लोसिव (Liquid Explosive) का भी उपयोग किया गया था या नहीं?

(फेक पैन कार्ड जिससे बुक हुआ पार्सल)
इंडियन मुजाहिदीन से जुड़े तार
जांच एजेंसियों के हवाले से यह खबर भी सामने आ रही है कि बड़ी साजिश की आशंका के तहत ही तेलंगाना और उत्तर प्रदेश की रेल व ATS टीम के जांच करने के बाद इसके इन्वेस्टिगेशन का जिम्मा NIA को सौंपा गया है. मीडिया रिपोर्ट्स बताती हैं कि जांच एजेंसियों ने जैसे-जैसे तफ्तीश आगे बढ़ाई, दरभंगा ब्लास्ट के कनेक्शन हैदराबाद सीरियल ब्लास्ट के आरोपी और आतंकी संगठन इंडियन मुजाहिद्दीन (Indian Mujahiddin के आका यासीन भटकल से जुड़ गया. बता दें कि यासीन भटकल अपने दो साथी आतंकवादियों असदुल्लाह उर्फ हड्डी और हैदर के साथ हैदराबाद की जेल में कैद है. असदुल्लाह बम बनाने में माहिर माना जाता





