कोरोना वायरस के संक्रमण पर प्रभावी नियंत्रण के लिए गांवों में घर-घर जाकर कोरोना के लक्षण वाले रोगियों पहचान करने के लिए चलाए जा रहे अभियान के साथ ही प्रदेश में कोरोना कर्फ्यू को लगातार लागू करने का मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का प्रयास सफल होता नजर आ रहा है। प्रदेश में बीते 10 दिन में करीब 1 लाख एक्टिव केस कम हो गए हैं। यही वजह है कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने योगी सरकार (Yogi Adityanath Government) की प्रशंसा की है। डब्ल्यूएचओ ने सीएम योगी के ट्रेस, टेस्ट एंड ट्रीट फार्मूले की भी जमकर तारीफ की है।
डब्ल्यूएचओ की एक रिपोर्ट के मुताबिक यूपी सरकार ने ग्रामीण इलाकों में कोविड-19 के मद्देनजर हाउस टू हाउस केस फाइंडिग कैंपेन शुरू की है। इस प्रोसेस में उन लोगों को जल्द से जल्द आइसोलेट किया जाता है, जिनमें कोविड के लक्षण मिलते हैं। ऐसे लोगों के संपर्क में आने वालों की रैपिड एंटीजेन और जरूरत पड़ने पर RT-PCR जांच कराई जाती है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने योगी सरकार इस अभियान की तुलना पोलिया कैंपेन से की है।
बताघ कि सरकार की मॉनिटरिंग टीम ने प्रदेश के 97,941 गांवों का निरीक्षण किया और कोरोना के लक्षणों के आधार पर वृहद स्तर पर टेस्टिंग अभियान को अंजाम दिया। संक्रमित मरीजों को होम आइसोलेट किया और मेडिसिन किट प्रदान की गई। इस प्रक्रिया से काफी सुधार हो गया है। उत्तर प्रदेश सरकार का संक्रमितों को तेजी से अलग करने, उनको इलाज देने और इनके सम्पर्क में आने वालों की खोज कर उनको भी आगाह करने का तरीका बेहद कारगर साबित हुआ।





