कवर्धा में बीते रविवार को दो संप्रदायों के बीच झंडा लगाने को लेकर हुए विवाद के बाद हुई हिंसा के विरोध में गुरुवार को विश्व हिंदू परिषद (विहिप) और बजरंग दल के 1,700 से अधिक कार्यकर्ताओं ने ब्लाक मुख्यालय में गिरफ्तारी दी। हालांकि शहर में माहौल शांतिपूर्ण बना रहा। वहीं इस मामले को लेकर राजनीति भी शुरू हो गई है। भाजपा नेता व पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर ने आइजी दुर्ग रेंज विवेकानंद सिन्हा पर भाजपा को बदनाम करने का आरोप लगाते हुए उनकेखिलाफ दसरंगपुर पुलिस चौकी में शिकायत कर एफआइआर दर्ज करने की मांग की है। नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने इस घटना पर कहा है कि प्रदेश में हिंदुत्व खतरे में है। इस बीच मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि तीन दिन में कवर्धा में हुए दंगे का सच सामने आ जाएगा।
सुरक्षा की दृष्टि से कवर्धा शहर में गुरुवार को भी कर्फ्यू लगा रहा। इंटरनेट सेवा बंद रही। पुलिस ने गुरुवार को फिर 22 लोगों को गिरफ्तार किया गया। इस तरह अब तक 92 संदिग्धों की गिरफ्तारी की जा चुकी है। विहिप और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने सांप्रदायिक हिंसा की न्यायिक जांच, कार्यकर्ताओं की बिना शर्त रिहाई, दूसरे पक्ष की भूमिका की जांच और लाठीचार्ज के लिए पुलिस माफीमांगने आदि मांगों को लेकर राज्यभर में प्रदर्शन कर गिरफ्तारियां दीं। चार दिनों से बाजार बंद होने के विरोध में शहर के व्यापारी भी स़ड़क पर उतर आए थे।
आइजी दुर्ग रेंज की शिकायतः कुरुद विधायक अजय चंद्राकर गुरुवार को समर्थकों के साथ रायपुर से कवर्धा पहुंचे, तो उन्हें शहर के बाहर ही रोक दिया गया। उन्होंने दुर्ग आइजी विवेकानंद सिन्हा पर आरोप लगाया है कि कवर्धा दंगे में भाजपा का हाथ होने की बात कह वे साजिश की तहत पार्टी की छवि खराब कर रहे हैं। भाजपा नेता शिवरतन शर्मा व विजय शर्मा ने ने डीजीपी को पत्र लिखकर आइजी की भूमिका पर सवाल उठाया है।
आज शांति मार्च : गुरुवार को शहर में शांति समिति की बैठक हुई, जिसमें 34 समाज प्रमुखों ने बाहरी जिलों से आकर कवर्धा में दंगा करने वालों के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पास किया। वहीं कलेक्टर रमेश शर्मा की अध्यक्षता में आठ अक्टूबर को शांति मार्च निकालने और दोनों पक्षों को समझाने नगर के सभी 27 वार्डों में नौ प्रतिनिधिमंडल गठित करने का निर्णय लिया गया।





