एआईएमआईएम (AIMIM) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अससुद्दीन ओवौसी (Asaduddin Owaisi) के बहराइच (Behraich) दौरे के दौरान गाजी मियां की मजार पर जाने का विवाद थमता नज़र नहीं आ रहा है. सोमवार को बीजेपी और राजभर समाज के लोगों ने ओमप्रकाश राजभर (Omprakash Rajbhar) के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया. ओमप्रकाश राजभर की अपनी ही विधानसभा जहूराबाद के कासिमाबाद इलाके में उनकी सांकेतिक शव यात्रा निकाली गई और विरोध में जमके नारेबाज़ी हुई. वैसे तो ओमप्रकाश राजभर एक बड़े गठबंधन की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन अपने ही गठबंधन पार्टनर के इस वाकये के कारण खुद के ही घर मे घिरते हुए नजर आ रहे हैं. जिसके बाद बीजेपी ओमप्रकाश को उनके घर मे ही घेरते हुई नजर आ रही है उनकी मुश्किलें काम होने का नाम नहीं ले रही.
दरअसल, यूपी की 100 सीटों पर चुनाव लड़ने का ऐलान कर चुके ओवैसी ने पिछले दिनों पूर्वी यूपी के लिए अपने कैंप ऑफिस का उद्घाटन करने बहराइच पहुंचे थे. इस दौरान उन्होंने गाजी सलार मसूद की दरगाह पर पहुंचे, लेकिन उन्होंने महाराजा सुहेलदेव की अनदेखी की. इस मौके को बीजेपी ने गंवाया नहीं और उनके गठबंधन पार्टनर राजभर को घेरा. योगी सरकार में मंत्री अनिल राजभर ने ओमप्रकाश राजभर पर निशाना साधते हुए कहा था कि जिस गजनी शासक के खिलाफ महराजा सुहेलदेव ने लड़ाई लड़ी राजभर उसी के साथ हैं. हालांकि राजभर ने इसका जवाब दिया और कहा कि मैं तो ओवैसी के साथ मजार पर गया ही नहीं।.
राजभर समाज में आक्रोश
इसी बात को लेकर बीजेपी और राजभर समाज में आक्रोश है. राजभर समाज का कहना है कि विधायक और मंत्री बनने के बाद वह समाज के सम्मान के साथ लगातार खिलवाड़ कर रहे हैं. उन्होंने बीते गुरुवार को बहराइच में एआईएमआईएम केे अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी के साथ गाजी मियां की मजार पर चादर चढ़ाई और बगल में महाराजा सुहेलदेव की प्रतिमा पर माल्यार्पण न कर उनका अपमान किया। इसे समाज उन्हें कभी माफ नहीं करेगा.
लगाया ये आरोप
भाजयुमो के काशी क्षेत्र के पूर्व अध्यक्ष राजेश राजभर की अगुवाई में कार्यकर्त्ताओं ने ओवैसी और ओमप्रकाश राजभर का पुतला फूंका. इस मौके पर प्रदर्शनकारियों ने कहा कि महाराजा सुहेलदेव का अपमान राजभर समाज नहीं सहेगा. ओमप्रकाश राजभर ने बहराइच में ओवैसी के साथ सैय्यद सालार की मजार पर चादर चढ़ाकर हिन्दू समाज और राजभर समाज को अपमानित किया है. जबकि ओम प्रकाश राजभर ने बगल में ही महाराजा सुहेल देव की प्रतिमा पर माल्यार्पण न कर पूरे राजभर समाज को अपमानित करने का काम किया है. इसी तरह राजभर समाज के लोगों ने जहूराबाद क्षेत्र में भी ओमप्रकाश राजभर का पुतला फूंका और उनकी प्रतीकात्मक शव यात्रा निकाली. राजभर समाज के लोगों ने ओमप्रकाश राजभर के इस्तीफे की मांग की है. प्रदर्शनकारियों ने कहा कि ओमप्रकाश राजभर ने हमेशा राजभर समाज को छला है. विधायक और मंत्री बनने के बाद से वो लगातार राजभर समाज के सम्मान के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं. ओमप्रकाश राजभर के ऐसे कामों के लिए राजभर समाज उन्हें कभी माफ नही करेगा।
उत्तर प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव (UP Election 2022) को लेकर सियासी समीकरण और गठजोड़ बनाए जा रहे हैं. बीजेपी को सत्ता में आने से रोकने के लिए सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के प्रमुख ओम प्रकाश राजभर ने असदुद्दीन ओवैसी (asaduddin owaisi) की ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के साथ मिलकर भागीदारी संकल्प मोर्चा (om prakash rajbhar alliance) बनाया है. राजभर अब आम आदमी पार्टी को भी अपने मोर्चे के साथ जोड़ना चाहते हैं, जिसके लिए वो 17 जुलाई को दिल्ली में अरविंद केजरीवाल से मुलाकात करने का दावा किया है. हालांकि, आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने साफ इनकार किया है कि राजभर के साथ केजरीवाल की कोई मुलाकात नहीं होनी है.
राजभर का केजरीवाल से मिलने का दावा
बता दें कि भागीदारी संकल्प मोर्चा के संयोजक ओम प्रकाश राजभर ने सोमवार को कहा था कि आम आदमी पार्टी के नेता एवं दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से गठबंधन को लेकर मुलाकात करेंगे और इस दौरान आम आदमी पार्टी से भागीदारी संकल्प मोर्चा के साथ गठबंधन को लेकर निर्णायक बातचीत होगी. केजरीवाल से मुलाकात के दौरान आप सांसद संजय सिंह भी मौजूद रहेंगे.
ओम प्रकाश राजभर ने बताया कि उनकी पिछले दिनों आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह से मुलाकात हुई थी. इसके बाद उन्होंने स्वयं पहल कर केजरीवाल से फोन पर बातचीत की थी और अब आमने-सामने बैठकर गठबंधन पर निर्णायक फैसला होगा. राजभर ने दावा किया कि इस बार यूपी में छोटे दलों की निर्णायक भूमिका होगी. उन्होंने कहा कि बीजेपी को मजबूरन अनुप्रिया पटेल को केंद्रीय मंत्री बनाना पड़ा और संजय निषाद को साथ रखना पड़ रहा है. वहीं, दूसरी तरफ सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव भी छोटे दलों से गठबंधन की बात कर रहे हैं.
‘राजभर और केजरीवाल की मुलाकात बेबुनियाद’
वहीं, आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने ट्वीट कर लिखा कि अरविंद केजरीवाल और ओमप्रकाश राजभर के बीच मीटिंग की खबर जो मीडिया में प्रकाशित हो रही है वह झूठी और बेबुनियाद है. मीडिया से अनुरोध है कि ऐसी कोई भी खबर चलाने से पहले तथ्यों की सही जानकारी कर लें. इससे साफ जाहिर है कि आम आदमी पार्टी किसी तरह का कोई गठबंधन करने के मूड में नहीं है.
बीजेपी को रोकना AIMIM का मकसद
AIMIM के प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली ने कहा कि भागीदारी संकल्प मोर्चा में 8 पार्टियां शामिल हैं. इस मोर्चा के संयोजक ओम प्रकाश राजभर हैं और यूपी में वो एक मजबूत गठबंधन बनाने में जुटे हैं. यूपी में हमारा लक्ष्य बीजेपी को सत्ता में आने से हरहाल में रोकने है. ऐसे में भागीदारी मोर्चा के साथ अरविंद केजरीवाल आते हैं तो उनका स्वागत है, लेकिन इस फैसला हमें नहीं बल्कि ओम प्रकाश राजभर को करना है. केजरीवाल के साथ चुनावी मंच शेयर करने की बात है तो इस पर पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी फैसला करेंगे.





