…….विरोधियों ने इसकी उम्मीद तो कत्तई नहीं की होगी….सारे पासे ही उल्टे पड़ गए….मंदिर विवाद का अंत ऐसा होगा ये शायद ही किसी ने सोचा होगा……..आज ट्रस्ट की मीटिंग मे जो हुआ….उसे देखकर आज कईयों को नींद नहीं आएगी….
* राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने….चम्पत राय और अनिल मिश्रा का इस्तीफा स्वीकार कर लिया.
* चम्पत राय की जगह कृष्न मोहन को महासचिव की जिम्मेदारी दी गई…..जो पूर्व IFS हैं…..और…..”दलित समाज” से आते हैं.
* ये उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं और रिटायर होने के बाद संघ से जुड़े.
….ध्यान रहे कि…
* राम मंदिर शिलान्यास की पहली ईंट कामेश्वर चौपाल ने रखी थी 9 नवंबर 1989 को…..वो भी दलित समाज से ही थे.
* और आज एक बार फिर राम मंदिर की बागडोर एक दलित के हाथ मे सौंप दी गई.
……..तो निष्कर्ष ये है कि राम मंदिर आंदोलन से ले के आज तक….उससे जुड़े नेतृत्व मे दलित समाज की भागीदारी पहले भी रही है….और आज भी है………..तो जो लोग संघ को दलित विरोधी बताते थे…..उनके लिए तो ये मुद्दा उल्टा पड़ गया……….
जय श्रीराम 🙏🚩






