Tuesday, February 24, 2026
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57 मुसलमान देश,कोई इन मुसलमानों को पनाह नही देता,काबुल खान ,मिठु हुसैन लश्कर,,नाजिर हुसैन लश्कर ,रिपन खान की नमकहरामी पढ़िए

असम बाढ की भीषण विभीषिका से जूझ रहा है। असम का कछार जिला भी बाढ के कारण उफनाई नदी की लहरों के थपेड़े झेल रहा है। कछार जिले में बराक नदी का तटबंध टूट जाने के कारण सिलचर शहर बाढ के पानी में डूब गया। सिलचर शहर के बाढ के पानी में डूब जाने के बाद पुलिस ने इसे लेकर चौंकाने वाला खुलासा किया है।

असम पुलिस ने खुलासा किया है कि, कछार जिले में बराक नदी पर बनाया गया बांध टूटा नहीं था, बल्कि इसे काटा गया था। सिलचर शहर की बाढ प्राकृतिक आपदा नहीं है। साजिश के कारण ऐसा हुआ है। पुलिस ने इस मामले में चार धर्मांध आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस का दावा है कि, छह लोगों ने बंधा काटने की साजिश रची थी।

पुलिस ने इस मामले में बेतुकांदी इलाके के रहने वाले काबुल खान नाम के व्यक्ति को गिरफ्तार किया था। काबुल खान से पूछताछ में साजिश का खुलासा हुआ और इसके आधार पर पुलिस ने उसी इलाके के रहने वाले तीन अन्य आरोपियों को पकड़ा। पुलिस के अनुसार, काबुल खान से पूछताछ के बाद पकड़े गए आरोपियों के नाम मिठु हुसैन लश्कर, नाजिर हुसैन लश्कर और रिपन खान है।

पुलिस अधीक्षक रमनदीप कौर ने ये जानकारी देते हुए कहा है कि, बेतुकांदी बांध साजिश के तहत काटा गया। इसकी वजह से बराक नदी का पानी काफी तेजी से सिलचर में घुसा और देखते ही देखते पूरा इलाका जलमग्न हो गया। बाढ के कारण सिलचर शहर की दो लाख से अधिक आबादी बेघर हो गई है।

सिलचर शहर में आधी रात यानी ठीक 12 बजे बाढ का पानी घुसना शुरू हुआ। रात 12 बजे से 1 बजकर 30 मिनट तक पूरा सिलचर शहर बाढ के पानी में डूब गया। बराक नदी का पानी शहर के मधुरबंद, बेरेंगा, भागाडहर, बड़जुराइ, सोनाई रोड, मालिनी बिल, चांदमारी रोड, पब्लिक स्कूल रोड, बिलपार, रांगीरखाड़ी, दास कॉलोनी और तारापुर सहित कई इलाके जलमग्न हो गए।

रिपोर्ट के अनुसार, तटबंध टूटने के पीछे कुल छह लोग जिम्मेदार हैं. इस मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार ने इसकी जांच सीआईडी (CID) को सौंप दी है. सीआईडी ने इस मामले में केस दर्ज कर इसकी जांच के लिए एक विशेष जांच दल बनाने का एलान किया है.

 

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