Tuesday, July 16, 2024
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राहुल गांधी 7 केस में जमानत पर,3 बार अदालत में माफी मांगी और फिर ड्रामा,मुझे डर नही लगता

वे कहते हैं कि अपराधी नहीं हैं। हम कहते हैं अपराधी हैं, लेकिन 7 जमानत पर तो हैं।एमपी के मंत्री ने कहा, 7 बार राहुल जमानत पर क्यों हैं, ये बताएं? तीन बार अदालतों से माफी क्यों मांगी?

भोपालः मोदी सरनेम मामले में दोषी ठहराए जाने और सजा के ऐलान पर मध्य प्रदेश के मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कांग्रेस नेता पर निशाना साधा। नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि अगर राहुल गांधी जेल जाने से डरते नहीं हैं फिर जमानत क्यों ली? गौरतलब है कि गुरुवार गुजरात की एक अदालत ने ‘मोदी सरनेम’ वाले बयान से जुड़े मानहानि केस में कांग्रेस नेता राहुल गांधी को 2-वर्ष जेल की सजा सुनाई। हालांकि कुछ ही देर में उन्हें जमानत मिल गई।

मीडिया से बात करते हुए नरोत्तम मिश्रा ने कहा, कइयों कांग्रेसियों के ट्वीट मैंने देखी। वे कहते हैं कि अपराधी नहीं हैं। हम कहते हैं अपराधी हैं, लेकिन 7 जमानत पर तो हैं। 7 बार जमानत पर क्यों हैं, ये बताएं? तीन बार अदालतों से माफी क्यों मांगी?

बकौल एमपी मंत्री- अगर सत्य बोलते हैं तो माफी क्यों मांगते हैं। मूल प्रश्न ये हैं। उन्होंने लिखा कि जेल जाने से डरते नहीं हैं तो फिर जमानत क्यों ली? ये भी बताना चाहिए। इधर जमानत ले रहे हैं और कहते हैं कि जेल जाने से डरते नहीं हैं।  नरोत्तम मिश्रा ने आगे कहा कि विदेश में जाकर देश के खिलाफ बोलने की आदत और देश में रहकर देश के लोगों को बदनाम करने की आदत जिन लोगों को होती है, उन लोगों को बाद में ऐसे निर्णय आ जाते हैं।

गौरतलब है कि केरल की वायनाड संसदीय सीट का प्रतिनिधित्व कर रहे राहुल गांधी को सूरत की एक अदालत द्वारा वर्ष 2019 के मानहानि के एक मामले में सजा सुनाये जाने के मद्देनजर शुक्रवार को लोकसभा की सदस्यता के लिए अयोग्य ठहरा दिया गया। लोकसभा सचिवालय की ओर से जारी अधिसूचना में कहा गया है कि उनकी अयोग्यता संबंधी आदेश 23 मार्च से प्रभावी होगा।

अधिसूचना में कहा गया है कि उन्हें (राहुल गांधी) संविधान के अनुच्छेद 102 (1) और जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 8 के तहत अयोग्य घोषित किया गया है। सूरत की एक अदालत ने ‘‘मोदी उपनाम’’ संबंधी टिप्पणी को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ 2019 में दर्ज आपराधिक मानहानि के एक मामले में उन्हें गुरुवार को दोषी ठहराया तथा दो साल कारावास की सजा सुनाई थी।

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