Thursday, February 22, 2024
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नेता बने धोबी का कुत्ता, ना घर के ना घाट के, न इधर हड्डी डाली ना उधर हड्डी मिली

कांग्रेस ने आज विधानसभा चुनाव के लिए पहली सूची जारी कर दी है। इस सूची में 144 उम्मीदवारों को टिकट दिया गया

भोपाल: कांग्रेस ने आज विधानसभा चुनाव के लिए पहली सूची जारी कर दी है। इस सूची में 144 उम्मीदवारों को टिकट दिया गया है। खास बात यह कि सभी नेतागण कांग्रेस के पुराने नेता है, इस लिस्ट में भाजपा छोड़कर आने वाले नेताओं दीपक जोशी और बैजनाथ यादव को बड़ा झटका लगा है। कांग्रेस ने शिवराज के सामने विक्रम मास्ताल को चुनाव मैदान में उतारा है। इनके अलावा अजय सिंह राहुल को चुरहट, दिग्विजय सिंह के भाई लक्ष्मण सिंह को चांचौड़ा, दिग्विजय के बेटे जयवर्धन सिंह को राघोगढ़, जीतू पटवारी को राऊ, सत्यदेव कटारे के बेटे हेमंत कटारे को अटेर, कांतिलाल भूरिया के बेटे विक्रांत भूरिया को झाबुआ विधानसभा सीट से उतारा गया है।

इधर के हुए न उधर के रहे” ये कहावत टिकट की आस में बीजेपी से कांग्रेस में शामिल हुए नेताओं पर सटीक बैठ रही है।कांग्रेस पार्टी द्वारा रविवार की सुबह घोषित की गई 144 प्रत्याशियों की सूची ने विधानसभा चुनाव लड़कर जन सेवा का सपना संजोए बैठे दलबदलू नेताओं के अरमानों पर पानी फेर दिया। दलबदलू नेता अब उस समय को कोस रहे हैं जब उन्होंने कांग्रेस में शामिल होने का फैसला लिया था। कांग्रेस पार्टी द्वारा घोषित की गई प्रत्याशियों की सूची में दलबदलू नेताओं को टिकट नहीं मिलने के बाद सोशल मीडिया पर उनकी जमकर खिल्ली उड़ाई जा रही है।आम लोगों के साथ-साथ बीजेपी नेता भी दलबदलू नेताओं के जमकर मजे ले रहे हैं। सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए बीजेपी नेता सुरेंद्र शर्मा ने बीजेपी से कांग्रेस में शामिल हुए नेताओं का मज़ाक उड़ाते हुए इशारों-इशारों में पीसीसी चीफ कमलनाथ पर निशाना साधते हुए लिखा है कि “वाह धोखानाथ जी बड़े बड़े सब्ज बाग दिखाकर दीपक जोशी जी एवम तमाम नेताओं को कांग्रेस में शामिल किया और आखिरी में धोखा दे दिया। किसी की गाड़ी आउटर पर खड़ी कर दी, किसी को रेड सिग्नल दे दिया और किसी की तो पटरी से ही उतार दी”

दीपक जोशी को नहीं मिला टिकट

कांग्रेस ने हाटपिपल्या से राजवीर सिंह बघेल को टिकट दिया है, जबकि इसी सीट से बीजेपी छोड़कर कांग्रेस में शामिल हुए दीपक जोशी दावेदारी कर रहे थे। दीपक जोशी पूर्व सीएम कैलाश जोशी के बेटे हैं। उन्होंने हाल ही में भाजपा पर अनदेखा करने का आरोप लगाकर कांग्रेस ज्वाइन की थी। वे हाटपिपल्या से मनोज चौधरी को तवज्जों दिए जाने से नाराज थे। लेकिन कांग्रेस की 144 उम्मीदवारों में उनका नाम नहीं है।

वीरेंद्र रघुवंशी को लगा झटका

वहीं कांग्रेस कोलारस से बैजनाथ यादव को टिकट दिया है, जबकि इस सीट पर बीजेपी छोड़कर कांग्रेस में शामिल हुए वर्तमान विधायक वीरेंद्र रघुवंशी ताल ठोक रहे थे। बैजनाथ यादव सिंधिया के साथ कांग्रेस छोड़कर भाजपा में चले गए थे, लेकिन कुछ समय पहले वापस कांग्रेस में आ गए थे।

कांग्रेस ने दिग्गज नेताओं के रिश्तेदारों को मैदान में उतारे

कांग्रेस की 144 उम्मीदवारों की सूची में कांग्रेस के कई दिग्गजों के रिश्तेदार भी शामिल हैं। इनमें पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन सिंह के पुत्र अजय सिंह को चुरहट से कांग्रेस ने टिकट दिया है। नेता प्रतिपक्ष रहे कांग्रेस विधायक सत्यदेव कटारे के पुत्र हेमंत कटारे को अटेर से टिकट दिया है। वहीं केंद्रीय मंत्री और पूर्व कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कांतिलाल भूरिया के पुत्र विक्रांत भूरिया को झाबुआ से टिकट दिया गया है।

सिंधिया के साथ चला जाता तो अच्छा था

कांग्रेस ने अपनी पहली सूची में कई विधायकों का टिकट काट दिया है। वहीं, उम्मीदवारों की सूची जारी होने के बाद कांग्रेस पार्टी भारी असंतोष देखने को मिल रहा है। इतना ही नहीं लिस्ट जारी होते कई दिग्गज नेताओं ने तो इस्तीफा तक दे दिया।

Congress 1st list 2023 Madhya Pradesh मिली जानकारी के अनुसार कांग्रेस के ग्वालियर ग्रामीण के कार्यवाहक जिलाध्यक्ष कल्याण सिंह कंसाना ने इस्तीफा दे दिया है। बताया जा रहा है कि टिकट नहीं मिलने से वे नाराज हैं और इसी के चलते उन्होंने पार्टी का साथ छोड़ दिया है। कांग्रेस से इस्तीफा देने के बाद कल्याण सिंह कंसाना का बड़ा बयान सामने आया है।

कल्याण सिंह कंसाना ने इस्तीफा देने के बाद कहा कि पार्टी के लिए 30 साल से काम कर रहा था, लेकिन अब पार्टी ये सिला दिया। उन्होंने आगे कहा कि ज्योतिरादित्य सिंधिया के कहने पर बीजेपी में शामिल नहीं हुआ, जिसका नुकसान भी उठाया। पार्टी ने इतनी कुर्बानी के बाद आज मुझे नजरअंदाज कर गद्दारों को टिकट दे दिया। ग्वालियर में जिले में सभी बाहरियों को टिकट दिया है, केवल प्रवीण पाठक को छोड़कर, पार्टी को अंजाम भुगतान पड़ेगा।

वहीं, दूसरी ओर ग्वालियर से कांग्रेस नेता केदार कंसाना ने कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। इतनी ही नहीं कंसाना के साथ उनके करीब 500 समर्थकों ने भी पार्टी छोड़ दी है। पार्टी से रिजाइन करने के बाद केदार कंसाना ने कहा कि मैं चुनाव लड़ूंगा, किस पार्टी से लड़ूंगा इसका ऐलान शाम को करूंगा। मैं पार्टी के लिए 25 साल से काम कर रहा था, लेकिन पार्टी ने गद्दारों को टिकट दिया है, चुनाव के नतीजों में गद्दारों पर पार्टी को सबक मिलेगा।

उन्होंने आगे कहा कि मैं प्रदेश की 230 विधानसभा में ऐसा व्यक्ति हूं, जिसने अपनी पार्टी ने घूम घूमकर 25 हजार से ज्यादा लोगों को कांग्रेस से जोड़ा है, तन, धन और मन से पार्टी के लिए लगा था। लेकिन पार्टी ने ये सिला दिया है। बता दें केदार कंसाना ग्वालियर ग्रामीण विधानसभा से कांग्रेस के प्रबल दावेदार थे। यहां से कांग्रेस पार्टी ने साहब सिंह गुर्जर को प्रत्याशी बनाया है, साहब सिंह गुर्जर साल 2018 में बीएसपी से चुनाव लड़े थे।

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