…….चार देश….फ्रांस…बेल्जियम…स्पेन और चिली…जहां पिछले 1 हफ्ते से अराजकता फैलाई जा रही है….
* फ्रांस ने ईरान के मुद्दे पर अमेरिका का साथ नहीं दिया…अमेरिकी हमले का विरोध किया…जिसके बाद वहां स्कूल ठीक करने के नाम पर एक आंदोलन शुरू हुआ और आज पूरे फ्रांस मे आग लगी हुई है.
* बेल्जियम की कहानी भी वही है….इसने भी ईरान युद्ध मे अमेरिका का विरोध किया…वहां भी शिक्षा व्यवस्था के नाम पर आंदोलन शुरू हुआ और आज पूरा बेल्जियम जल रहा है.
* चिली ने वेनेजुएला में तख्तापलट के मुद्दे पर अमेरिका का विरोध किया…..वहां भी वही सेम पैटर्न शिक्षा व्यवस्था को सुधारने के नाम पर आंदोलन शुरू हुआ…और पूरे चिली में आज अराजकता फैली हुई है.
* स्पेन ने भी ईरान के खिलाफ युद्ध में अमेरिका का साथ देने से इंकार कर दिया….नतीजा…वहाँ भी युवाओं के नाम पर मकान और हॉस्टल के किराए मे कमी के मांग को लेकर आंदोलन शुरू हुआ….और पूरा स्पेन इसकी आग मे जल रहा है.
……..भारत ने….
* अमेरिका के शर्तों पर ट्रेड डील करने से मना कर दिया.
* रूस से तेल खरीदने पर रोक को मना कर दिया.
* tariff का कोई असर नहीं हुआ.
* अमेरिका के कुसई भी दबाव को मानने से इंकार कर दिया.
…….नतीजा….भारत मे भी इसी तरह की आग लगाने की कोशिश हो रही है….
* पहले NEET के नाम पर….सरकार ने अपनी सूझबूझ से मामला संभाल लिया.
* स्कूल ठीक करो का आंदोलन जनता ने ही फेल कर दिया.
* अब ये जबर्दस्ती का वोट चोरी के नाम पर देश मे किसी तरह आग लगाने की कोशिश हो रही है.
……….मुद्दा एक ही है….किसी तरह भारत को झुकाया जाए…इसकी तरक्की को रोका जाए…
जय श्रीराम 🙏🚩
मनीष केसरी






