उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में अवैध रूप से हो रहे धर्मांतरण व लव जिहाद से जुड़े अनेकों मामले सामने आते हैं। ऐसे मामलों पर यूपी पुलिस के साथ-साथ उत्तर प्रदेश सरकार भी बेहद गंभीरता के साथ सख्ती दिखाती हुई नजर आ रही है। बावजूद इसके धर्मांतरण व लव जिहाद से जुड़े मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। इसी से जुड़ा एक नया मामला लखनऊ के मलिहाबाद थाना क्षेत्र से सामने आया, जहां रहने वाले पीड़ित शिवकुमार ने बताया कि उनकी 17 साल की बेटी को मलिहाबाद का ही रहने वाला मो० रईस लुधियाना से भगाकर ले आया है और घटना के 20 दिन बीत जाने के बाद भी बेटी का कुछ पता नहीं चल पा रहा है। उन्होंने कहा कि आरोपी रईस ने कहीं प्रेमजाल में फंसाकर बेटी का धर्मांतरण न करा दिया हो।
लुधियाना में सिलाई का काम करते हैं पिता, पढ़ाई के लिए बेटी को ले गए थे साथ
पीड़ित शिवकुमार ने बताया कि वे लुधियाना में सिलाई का काम करते हैं। उनके साथ उनका 14 वर्षीय बेटा प्रिंस लुधियाना में ही रहकर एक स्कूल में कक्षा 8 में पढ़ाई करता है। वहीं, उनकी 17 साल की बेटी व उनकी पत्नी लखनऊ में रहते हैं। उन्होंने बताया कि बीते 7 जुलाई को वह अपनी बेटी और पत्नी को लेकर लुधियाना आए थे। उन्होंने कहा कि उनकी इच्छा थी कि लखनऊ में हाईस्कूल पास करने के बाद लुधियाना में ही बेटी का एडमिशन करा कर इंटर तक की पढ़ाई पूरी कर दी जाए, इसके बाद पूरा परिवार वापस लखनऊ आकर बस जाएगा। उन्होंने बताया कि लुधियाना में एक प्राइवेट स्कूल में उन्होंने अपनी बेटी का एडमिशन करा दिया और वह रोजाना घर से स्कूल जाने लगी।
14 अगस्त को फीस के 10 हजार लेकर घर से निकली बेटी
पिता का कहना है कि 15 अगस्त के मौके पर स्कूल में फंक्शन की तैयारी चल रही थी। उनकी बेटी 14 अगस्त को स्कूल के लिए घर से निकली। उस दौरान उसकी फीस के 10 हजार रुपये पिता की ओर से दे दिए गए और कहा गया कि स्कूल में जाकर जमा कर देना। पिता ने कहा की बेटी की डेढ़ बजे छुट्टी हो जाती है। दोपहर बाद तक इंतजार करने के बाद भी जब बेटी घर नहीं आई तो उन्होंने स्कूल जाकर वहां पूछताछ की। स्कूल में पता चला कि वह आज स्कूल ही नहीं आई है। ये सुनकर पिता के पैरों तले जमीन खिसक गई। उन्होंने स्कूल में मौजूद बेटी की सहेलियों से पूछताछ की तो वहां भी बेटी से जुड़ी कोई जानकारी पिता को नहीं मिली, जिसके बाद पीड़ित पिता शिवकुमार ने लुधियाना के सराबानगर थाने में तहरीर देकर गुमशुदगी दर्ज कराई।
लुधियाना की पुलिस बोली- पहले बस और रेलवे स्टेशन पर करो छानबीन
पीड़ित शिवकुमार ने बताया कि सराबानगर थाने के पुलिस इंस्पेक्टर ने कहा कि बस स्टेशन और रेलवे स्टेशन पर देखो पहले, तब पुलिस देखना शुरू करेगी। पीड़ित ने कहा कि 14 अगस्त की रात करीब 12 बजे तक वे बेटी को ढूंढते रहे लेकिन उसका कुछ पता नहीं चला। फिर थाने के दारोगा ने रिश्तेदारों के यहां देखने को कहा। 14 अगस्त की देर रात वे रिश्तेदारों के यहां पता कड़ते हुए लखनऊ के लिए रावाना हुए। लखनऊ पहुंचकर लोगों से पूछताछ की तो कुछ पता नहीं चला। इसी बीच लखनऊ में आकर बेटी की सहेली शिवानी और समीक्षा से उनके घर जाकर बात की। उन्होंने भी बिटिया से जुड़ी कोई भी जानकारी होने से इनकार कर दिया।
इंस्टाग्राम चैट ने खोला राज, बेटी को भगाकर ले गया रईस
पीड़ित पिता ने बताया कि उनकी बेटी इंस्टाग्राम पर अपनी मम्मी के फोन से अपनी दोनों सहेलियों से बात करती थी। बाद में शिवकुमार ने अपनी पत्नी के फोन से और जानकारी जुटाई तो पता चला कि मो० रईस नाम के लड़के से भी बेटी की बात होती थी। इतना ही नहीं, लखनऊ में हाईस्कूल की परीक्षा के दौरान मो० रईस ही बेटी को एग्जाम दिलाने ले जाता था। फिर पता चला कि वही बेटी को भगाकर ले गया है। पीड़ित शिवकुमार ने बताया कि रईस के घर वालों से जब बात हुई तो कहा कि जब से तुम्हारी बेटी गायब है, तब से वो भी गायब है।
मालिहाबाद पुलिस ने नहीं लिया एक्शन, डर में जी रहा परिवारपीड़ित शिव कुमार ने कहा कि इस बात की जानकारी होने के बाद भी सीधे मलिहाबाद थाने पहुंचे जहां उन्होंने थाने में आरोपी मोहम्मद रईस के खिलाफ तहरीर देते हुए मुकदमा दर्ज करने व कड़ी कार्रवाई करने की मांग की पीड़ित ने बताया कि थाने में तैनात दरोगा हाशमी ने उनसे एप्लीकेशन तो ले ली लेकिन उसके बाद उन्होंने लुधियाना में दी गई शिकायत को लेकर आने के लिए कहा। हालातों से परेशान पिता वापस 17 तारीख को लुधियाना एप्लिकेशन लेने के लिए पहुंचे। कड़ी मशक्कत के बाद 23 अगस्त को लुधियाना में FIR दर्ज हुई और फिर वही कॉपी लेकर 27 अगस्त को लखनऊ पहुंचे। मलिहाबाद थाने में लुधियाना में दर्ज हुई FIR कॉपी सौंपने के बाद भी पुलिस ने मामले को गम्भीरता से नहीं लिया और छानबीन करने का हवाला देकर वापस भेज दिया। तब से इस मामले में मलिहाबाद थाने की ओर से कोई कर्रवाई नहीं हुई है।






