बिहार के अररिया जिले से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। एक शादीशुदा महिला ने मोहम्मद आलम नाम के शख्स पर महीनों तक बंधक बनाने और कई बार रेप करने का आरोप लगाया है। महिला का कहना है कि आलम उसे घर से जबरदस्ती ले गया था और कई हफ्तों तक तक दिल्ली और बिहार में अलग-अलग जगहों पर बंधक बनाकर रखा था।
पीड़िता ने उसके चंगुल से छूटने के बाद पति के साथ जाकर कोर्ट में मोहम्मद आलम समेत 8 लोगों के खिलाफ शिकायत दी है। पीड़िता ने कहा कि उस पर जबरन मुस्लिम धर्म अपनाने का दवाब बनाया गया था, उसके बच्चों को मारने तक की धमकी दी गई। पीड़िता ने बताया जबरन उसके साथ संबंध बनाए और गौ मांस खिलाया। साथ ही, उस पर कलमा और नमाज पढ़ने के लिए भी दबाव दिया जाता रहा था और जब वह भगवान का नाम लेती तो उसकी पिटाई का जाती।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, पीड़िता ने बताया कि आलम उसके पति का दोस्त है और उसी के फोन से उसका नंबर लिया था। महिला पढ़ी लिखी नहीं है तो आलम ने उससे एक पेपर पर साइन करवा लिया था जिसमें लिखा था कि महिला उसके साथ तीन महीने तक रहने के लिए तैयार है। इसका विरोध करने पर उसके साथ मारपीट की गई। महिला का कहना है कि कुछ दिनों तक आलम ने उसे अपने घर में भी रखा था।
पीड़िता ने बताया कि जब भी वह आलम के साथ संबंध बनाने से मना करती थी वो मारपीट करता था और उसकी पत्नी कहती थी इसको गौ मांस खिलाकर मुस्लिम बनाओ। महिला के मुताबिक, उसने आलम को कहा कि वह अगर उसे जाने देगा तो वह किसी को कुछ नहीं बताएगी जिसके बाद वह उसके चंगुल से आजाद हो पाई।
अदालत ने मामले की गंभीरता देखते हुए फारबिसगंज थानाध्यक्ष को तत्काल FIR दर्ज कर जाँच शुरू करने का आदेश दिया। पीड़िता का कहना है कि वह अपने बच्चों के भविष्य को लेकर डरी हुई थी लेकिन अब वह चाहती है कि दोषियों को सजा मिले ताकि और कोई महिला ऐसी यातना न सहे। वहीं, पीड़िता के वकील का कहना है कि सीमावर्ती क्षेत्र में धर्म परिवर्तन कराने वाले पूरे गिरोह सक्रिय हैं।






