मॉस्को
रूस के मुस्लिम बहुल इलाके में आज एक हमलावर के अल्लाहू अकबर कहकर पुलिसवाले को चाकू मारने के बाद पुलिस ने उसे गोली मार दी। इस किशोर ने कुकमोर इलाके में पुलिस थाने को आग लगाने का प्रयास किया था। 16 साल का यह लड़का धारदार चाकू से लैस था और उसने गोली मारे जाने से पहले एक पुलिसवाले को बुरी तरह से घायल कर दिया।
स्थानीय मीडिया ने इस हमलावर का नाम विटले अंतीपोव बताया है। रूस की जांच एजेंसी ने कहा कि वे इसे आतंकवाद की घटना मानकर व्यवहार कर रहे हैं और एक आपराधिक मामला दर्ज किया है। रूस की समाचार एजेंसी इंटरफैक्स ने कहा कि यह हमलावर अल्लाहू अकबार के नारे लगा रहा था। उसने पुलिस को हमले के दौरान काफिर बताया था। यह घटना मुस्लिम बहुल टटारस्तान में हुई है।
पुलिस की इमारत को आग लगाने की कोशिश की
जांचकर्ताओं ने कहा कि हमलावर ने जिले की पुलिस की एक इमारत को आग लगाने की कोशिश की और गिरफ्तार करते समय पुलिस अधिकारी को चाकू मार दिया। उसने पुलिसवालों से कहा, ‘मैं तुम सभी को मारने जा रहा हूं।’ उसने पुलिस अधिकारी पर तीन बार चाकू से वार किया। एक अन्य पुलिस अधिकारी ने उसे चेतावनी देने के लिए हवा में गोली चलाई लेकिन वह नहीं माना। इसके बाद पुलिस ने उसे गोली मार दी। हमलावर की मौके पर ही मौत हो गई।
घायल पुलिस अधिकारी को अस्पताल में भर्ती कराया गया है लेकिन उसकी जान अभी भी खतरे में बनी हुई है। जांचकर्ताओं ने इसे ‘आतंकी घटना का प्रयास’ करार देते हुए मामले की जांच शुरू कर दी है। अंतीपोव साइबेरिया के अल्टाई इलाके का है और एक हलाल कैफे में काम करता है। इस कैफे का मालिक भी हथियारों के अवैध निर्माण और तोड़फोड़ के आरोप में 14 साल जेल की सजा काट चुका है।

फ्रांस के नीस शहर में तीन लोगों की निर्मम हत्या से स्थानीय लोग बेहद गुस्से में हैं। इस खौफनाक घटना के बाद नीस के लोगों ने गुरुवार रात को नॉट्र डैम चर्च के पास रैली निकालकर, मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने आतंकी संगठन ISIS के खिलाफ नारे लगाए और फ्रांस का राष्ट्रगान गाया। इस दौरान कई लोगों के ‘इस्लाम यूरोप से वापस जाओ’ के नारे लगाने के वीडियो भी वायरल हो रहे हैं।
इस रैली के जरिए नीस के लोगों ने कट्टरवाद और आतंकवाद के खिलाफ अपनी एकजुटता का प्रदर्शन किया। साथ ही कहा कि अब लोगों के एकसाथ आने का समय हो गया है। वे आतंकियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे थे। इससे पहले ट्यूनीशियाई मूल के हमलावर ने नीस के एक चर्च में एक महिला का गला काट दिया और दो अन्य लोगों की चाकू मारकर निर्मम तरीके से हत्या कर दी थी। अब तक की जांच में यह भी पता चला है कि हमलावर हाथ में कुरान की किताब और चाकू लेकर चर्च के अंदर घुसा था।
हमलावर ‘अल्लाह-हू-अकबर’ चिल्ला रहा था
पेरिस की तरह ही यहां की घटना को भी आतंकवाद करार दिया गया है। नीस के मेयर क्रिस्चियन इस्तोर्सी ने बताया कि नॉट्र डैम चर्च में हुई घटना के बाद हमलावर को गिरफ्तार कर लिया गया। घटना को आतंकवाद करार देने के बाद फ्रांस के आतंकवाद निरोधक विभाग ने जांच की जिम्मेदारी ली है। नीस के मेयर ने दावा किया है कि आरोपी गिरफ्तार किए जाने के बाद ठीक उसी तरह ‘अल्लाह-हू-अकबर’ चिल्ला रहा था जैसे पेरिस की घटना में हुआ था।
आतंकी हमले की जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। ऐंटी टेररिज्म प्रॉसीक्यूटर के मुताबिक नीस के चर्च में घुसकर जिस शख्स ने तीन लोगों की हत्या की, वह एक ट्यूनीशियाई नागरिक है। 20 साल का यह शख्स इटली के रास्ते फ्रांस में दाखिल हुआ था। उसके पास इटली के रेडक्रॉस का डॉक्यूमेंट है। वह प्रवासियों की नौका से इटली के लामपेदुसा द्वीप पहुंचा था। उसे पुलिस ने गोली मार दिया है और उसकी हालत गंभीर है।





