Saturday, February 24, 2024
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कार्टून नेताओ का देश भारत: मुख्यमंत्री बोली राकेश रोशन पहली बार गए चन्द्रमा पर,मंत्री बोला सभी अंतरिक्ष यात्रियों को बधाई

 

23 अगस्त को, भारत ने अंतरिक्ष अनुसंधान में एक बड़ा मील का पत्थर हासिल किया, जब ISRO के चंद्रयान -3 मिशन ने चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर विक्रम लैंडर की सॉफ्ट लैंडिंग को सफलतापूर्वक पूरा किया। जैसे ही देश ने जश्न मनाया, राजनेताओं के संदेश और शुभकामनाएं आने लगीं। संदेशों के बीच, पश्चिम बंगाल की सीएम और तृणमूल कांग्रेस (TMC) ममता बनर्जी की एक वीडियो क्लिप वायरल हो गई।

वीडियो में, ममता बनर्जी को यह कहते हुए देखा गया कि, ‘मुझे याद है, जब राकेश रोशन चंद्रमा पर उतरे थे, तो इंदिरा गांधी ने उनसे पूछा था कि वहां से भारत कैसा दिखता है।’ सीएम ममता बनर्जी की वीडियो क्लिप वायरल हो गई और लगभग तुरंत ही लोगों ने पूछना शुरू कर दिया कि क्या ममता बनर्जी चंद्रयान-3 लैंडिंग की ISRO की लाइवस्ट्रीम के बजाय फिल्म ‘कोई मिल गया’ देख ली थी। सोशल मीडिया यूजर्स ने पूछना शुरू कर दिया कि क्या फिल्म ‘कोई मिल गया’ की परिकल्पना इसी तरह की गई थी, जब ‘राकेश रोशन’ चंद्रमा पर गए थे और वहां उनकी मुलाकात जादू (Alien) से हुई थी। इसके साथ ही दिवंगत अभिनेता राकेश रोशन के स्पेससूट पहने हुए मीम्स भी वायरल होने लगे।

राकेश शर्मा और राकेश रोशन में भटकीं ममता:-

दरअसल, ममता बनर्जी का आशय शायद भारत के पहले अंतरिक्ष यात्री विंग कमांडर राकेश शर्मा और तत्कालीन भारतीय प्रधान मंत्री इंदिरा गांधी के बीच हुई बातचीत से था। भारतीय वायु सेना के पायलट विंग कमांडर राकेश शर्मा ने अप्रैल 1984 में सोवियत अंतरिक्ष यान सोयुज टी-11 में उड़ान भरी थी, जो अंतरिक्ष की यात्रा करने वाले पहले भारतीय बने थे। अंतरिक्ष उड़ान सोवियत इंटरकोस्मोस कार्यक्रम का एक हिस्सा थी। इंदिरा गांधी और शर्मा के बीच प्रसिद्ध बातचीत तब हुई जब वह अंतरिक्ष यान पर सवार थे।

जब इंदिरा गांधी ने शर्मा से पूछा कि अंतरिक्ष से भारत कैसा दिखता है, तो शर्मा ने जवाब दिया था कि, “सारे जहां से अच्छा, हिंदुस्तान हमारा” यानी “दुनिया में सबसे सुंदर”। अंतरिक्ष में जाने वाले पहले और अब तक के एकमात्र भारतीय नागरिक राकेश शर्मा ने अंतरिक्ष में 7 दिन, 21 घंटे और 40 मिनट बिताए। ममता बनर्जी के बयान में एक और बड़ी चूक यह थी कि उन्हें लगा कि राकेश शर्मा (जिन्हें उन्होंने राकेश रोशन कहा था) चंद्रमा पर आ गए हैं। जबकि, सोयुज टी-11 कभी चंद्रमा पर नहीं गया, यह एक अंतरिक्ष मिशन था।

कांग्रेस मंत्री ने भी दी विचित्र बधाई:-

सीएम ममता की तरह राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार के खेल मंत्री अशोक चंदाना ने भी एक बड़ी गलती कर दी थी। शायद वे इतने दिनों से की जा रही चंद्रयान की कवरेज देख ही नहीं रहे थे, या फिर उन्होंने लाइव लैंडिंग भी नहीं देखी होगी। देखते तो शायद यह गलती न करते। उन्होंने कहा, ”हम सफल रहे और सुरक्षित लैंडिंग की, मैं चंद्रयान में भेजे गए हमारे सभी यात्रियों को सलाम करता हूं और बधाई देता हूं।” हालाँकि, ISRO शुरू से कह रहा है कि, यह मानव रहित मिशन है, कोई इंसान चंद्रयान-3 के साथ भेजा नहीं गया है। किन्तु, शायद मंत्री चंदाना ने इससे जुड़ी ख़बरें नहीं देखी होंगी।

 

 

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