Saturday, February 24, 2024
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हमास आतंकवादियों का बयान,हमारे मज़हब में इजाज़त,औरतों बच्चीयों से बलात्कार की

हमास के इस्लामी कट्टरता का घिनौना चेहरा पूरा विश्व देखा। जब इजरायल पर आतंकी हमले के दौरान जीवित और मृत बच्चियों तथा महिलाओं के साथ बलात्कार जैसी दरिंदगी के बाद गोली मारी गई। अब इज़रायल हमास के हमलों के बाद बलात्कार के मामलों का दस्तावेज तैयार कर रही है। जिसके लिए फोरेंसिक सबूतों, वीडियो और गवाहों के बयान और संदिग्धों से पूछताछ किया जा रहा है। इस तरह के खुलासे प्रत्यक्षदर्शियों ने किए हैं और वो इंसानियत को शर्मसार करने वाले हैं। हमास के आंतकियों ने पकड़ी गई महिलाओं और लड़कियों का खौफनाक तरीके से रेप और यौन उत्पीड़न ही नहीं किया बल्कि उनके साथ शारीरिक तौर पर भी भयानक हिंसा की थी।

किसी की छाती काट डाली तो किसी को रेप करने के दौरान ही गोली मार कर जान ले ली गई। दावा किया गया है इजरायली बच्चियों की लाशों पर पड़े ताजा स्पर्म ये चीख-चीख कर कह रहा था कि उनके साथ हमास के आतंकियों ने हैवानियत की है। खून से सने उनके जिस्मों पर अनगिनत घाव गवाही दे रहे थे कि हैवानियत का नंगा नाच किया गया। इजरायल दावा किया हमास के नरसंहार के बाद जब वो किसी जिंदा बचे शख्स की तलाश में घर-घर जा रहे थे।

उस दौरान उन्हें एक बेडरूम में दो दो युवा किशोर लड़कियों की लाश मिली थी। एक की लाश बिस्तर पर पड़ी हुई थी और दूसरी की एक फर्श पर। फर्श पर पड़ी लड़की अपने पेट के बल थी। उन्हें इसमें कोई शक नहीं था कि किशोरी के साथ बलात्कार किया गया था, लेकिन उन्हें यह नहीं पता चला कि वह पहले मर गई थी या नहीं।उसकी पैंट घुटने तक खुली हुई है और उसकी गर्दन के पीछे सिर के पास गोली के जख्म थे। उसके सिर के चारों ओर खून का ढेर लगा था है और उसकी पीठ के निचले हिस्से पर स्पर्म पड़ा था।जबकि बिस्तर पर पड़ी लड़की के पूरे शरीर पर चोट के निशान थे और उसकी छाती में गोली लगी थी।

इन दो लड़कियों को उनके पहुँचने से कुछ वक्त पहले ही मारा गया या पहले मार डाला गया हो शायद उनके ही बेडरूम में उनके साथ बलात्कार किया गया था लेकिन अब जाँच के बाद ही पता लगेगा। नोवा संगीत समारोह में इसी तरह की खौफनाक और हैवानियत हुई। आयोजक रामी शमूएल ने कहा कि जब वह भाग रहे थे तो उसने महिला पीड़ितों को बगैर कपड़ों के देखा और जो कुछ हुआ उसके बारे में उसे कोई संदेह नहीं है। उन्होंने बताया, उन्हें नंगा कर महिलाओं के दोनों पैर फैलाए गए थे और उनमें से कुछ को मार डाला गया था। ऐसा लग रहा था कि इन महिलाओं से वहशीपन की हद पार करते हुए यौन हिंसा की गई थी।

उनका कहना था कि हमास के आतंकियों ने खासकर औरतों, युवा युवतियों के कपड़े उतार फेंके थे। इससे साफ है कि उनका मकसद पहले से ही इनके साथ बलात्कार करना था, क्योंकि उन्होंने वहाँ उस दिन किसी भी पुरुष के कपड़े नहीं उतारे थे।इज़रायल की पुलिस मानती है कि उनकी जाँच में महीनों लग सकते हैं। मानवाधिकार कानून विशेषज्ञ एल्कायम-लेवी कहती हैं कि यह साफ नहीं है कि किसी भी मामले को कैसे और कहाँ संभाला जाएगा।

उन्होंने कहा कि दोहरी नागरिकता वाले कुछ परिवार इज़रायल के अलावा अन्य देशों में न्याय के लिए जा सकते हैं और साथ ही अंतरराष्ट्रीय अदालतों में भी अपने मामले को ले जा सकते हैं।इजरायली अधिकारियों ने एक प्रेस ब्रीफिंग में बताया जो सबूत जुटाए थे। उसमें एक महिला का बयान भी शामिल था। इस महिला ने 7 अक्टूबर, 2023 को अपने छिपने की जगह से नोवा म्यूजिक फेस्टिवल पर हमास आंतकियों के हमले को अपनी आँखों से देखा था।

इस मायने में उनका बयान काफी मददगार साबित होगा।महिला ने अपने बयान में कहा, उन्होंन किसी को झुकाया हुआ था और मुझे समझ आया कि वह उस युवती के साथ बलात्कार कर रहा था और फिर वह उसे दूसरे को बलात्कार के लिए सौप रहा था।उसने आगे बताया, वह जीवित थी। वह अपने पैरों पर खड़ी थी और उसकी पीछे से खून बह रहा था। मैंने देखा कि वह उसके बाल खींच रहा था। उसके लंबे भूरे बाल थे। मैंने उन्हें उसके स्तन काटते हुए देखा और फिर वह उसकी कटे स्तनों को सड़क की ओर फेंक रहा था। उसे दूसरे शख्स ने किसी दूसरे की तरफ उछाला और वो उससे खेलने लगे।

इसके बाद भी हमास के आतंकियों ने उस युवती को नहीं छोड़ा। गवाह ने आगे बताया, मुझे याद है कि एक अन्य शख्स ने फिर और उसके साथ बलात्कार किया था और उससे बलात्कार करते-करते ही उसने युवती के सिर में गोली मार दी। दरिंदगी के हजारों बयान वीडियो क्लिप इजरायली पुलिस के पास है।

सुपरिटेंडेंट डूडी काट्ज़ ने बताया हमास के हमलों से जुड़े 1,000 से अधिक बयान और 60,000 से अधिक वीडियो क्लिप इकट्ठा किए गए हैं। इनमें उन लोगों के बयान भी शामिल हैं जिन्होंने महिलाओं के साथ बलात्कार होते देखा था। उनके अनुसार हमास के इन आतंकियों की इस काली करतूत को दुनिया के सामने लाने के लिए सुबूत जरूरी है।

तभी इजरायल के पुलिस कमिश्नर शबताई याकोव कहते हैं कि जाँच संभावित तौर पर अभियोग लगाने के काम आएगी, लेकिन अभी इन अपराधों के दस्तावेज़ तैयार करना पहला मिशन है।मानवाधिकार कानून विशेषज्ञ कोचाव एल्कायम-लेवी ने अत्याचारों के सबूतों के दस्तावेज तैयार करने के लिए अपने साथियों के साथ एक नागरिक आयोग का गठन किया है। उन्हें डर है कि गाजा और इजरायल की जंग के बीच दुनिया इजरायली महिलाओं और लड़कियों के खिलाफ हिंसा पर गौर करना कहीं भूल न जाए।

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