बिहार में अफसरशाही से पीड़ित एक महिला ने न्याय के लिए अब कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। साथ ही लालू यादव के बड़े बेटा तेज प्रताप यादव से भी मदद करने की गुहार लगाई है। महिला ने RJD के पूर्व विधायक गुलाब यादव और राज्य सरकार के एक अफसर संजीव हंस पर दुष्कर्म करने और उसका वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने का गंभीर आरोप लगाया है।
महिला ने आरोप लगाते हुए कहा, ‘दोनों ने कई दिनों तक दुष्कर्म किया और वीडियो बनाकर ब्लैकमेल किया। इसके बाद गर्भवती हो गई। इन पर कार्रवाई के लिए इससे जुड़े दस्तावेज सरकार के पास भी भेजा, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। थाने में जब केस दर्ज नहीं किया गया तो कोर्ट में केस दर्ज कराना पड़ा।’ महिला ने कहा है, “हमारे बच्चे का DNA टेस्ट करा लिया जाए। मामला स्पष्ट हो जाएगा।’पीड़िता गुरुवार रात दस्तावेजों के साथ तेज प्रताप यादव के पास पहुंची। उसने बताया, ‘दानापुर कोर्ट में दोनों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाया है। अब हम पर दबाव बनाया जा रहा है। हमारी हत्या हो सकती है। अगर ऐसा कुछ हुआ तो इसके जिम्मेदार दोनों आरोपित होंगे।
पीड़िता ने बताया, “एक काम के सिलसिले में तब के विधायक से मिली थी। तब फरवरी 2016 में तत्कालीन RJD विधायक ने पटना के रूपसपुर थाना क्षेत्र के रुकनपुरा मोहल्ले में अपने आवास पर बुलाया। प्रलोभन दिया कि राज्य महिला आयोग का सदस्य बनवा देंगे। इस झांसे में मैं आ गई। इसके बाद उसने अपने फ्लैट पर बुलाया और बंदूक की नोंक पर दुष्कर्म किया।पीड़िता ने बताया कि जब थाने में मामला दर्ज कराने जाने लगी तो पूर्व विधायक ने सिंदूर मंगवाया और मांग भरते हुए कहा कि आज से तुम मेरी पत्नी हो, मैं जल्द अपनी पत्नी से तलाक ले लूंगा और तुमसे शादी कर लूंगा। इस तरह से झांसे में लेकर पूर्व विधायक ने दिल्ली के एक इंस्टीच्यूट में मेरा दाखिला दिला दिया और वहां शिफ्ट करवा दिया। इसके बाद एक दिन फोन कर पुणे के एक होटल में बुलाया। कहा कि मैंने अपनी पत्नी से तलाक ले लिया है और अब वे पुणे में रहेंगे, ताकि कोर्ट मैरेज कर सके।
महिला ने बताया कि उसके साथ फिर धोखा हुआ। पुणे के होटल में जब वह पहुंची तो वहां पहले से कमरे में बिहार कैडर के एक IAS अधिकारी भी थे। होटल के कमरे में ही खाने के दौरान IAS अधिकारी ने खाने में नशीला पदार्थ मिलाकर दे दिया और दोनों ने मिलकर दुष्कर्म किया। पूर्व विधायक ने इसका वीडियो भी बना लिया। इसके बाद दोनों दिल्ली के विभिन्न होटलों में बुलाते रहे और वीडियो दिखाकर ब्लैकमेल कर घिनौनी हरकत करते रहे।पीड़िता ने बताया कि इसी दौरान प्रेग्नेंट हो गई। इसके बाद पूर्व विधायक और IAS अधिकारी ने कहा- वह अबॉर्शन कर ले। दोनों मामले को रफा-दफा करने में लग गए। काफी दबाव के बावजूद हमने अबॉर्शन नहीं कराया। 25 दिसंबर 2018 को महिला ने बच्चे को जन्म दिया। बच्चे के जन्म के बाद से दिल्ली से इलाहाबाद शिफ्ट कर गईं।
पीड़ित महिला ने बताया कि 12 मई 2020 को बिहार सरकार को पत्र भेजकर दोनों आरोपियों की इस घिनौनी हरकत की शिकायत भी की थी, लेकिन किसी पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। 28 अक्टूबर 2021 को पटना SSP और रूपसपुर थाना को रजिस्टर्ड पत्र से भी इस बारे में पूरी जानकारी दी। जब कहीं कोई कार्रवाई नहीं हुई तो गुरुवार को पटना के दानापुर कोर्ट में मुकदमा दर्ज कराया





