Saturday, February 24, 2024
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कांग्रेस सांसद ने दिखा दिया आईना दिग्विजय सिंह को

ईवीएम की विश्वसनीयता को लेकर कांग्रेस में दो फाड़ हो गया है। एक तरफ कुछ वरिष्ठ नेता ईवीएम को लेकर सवाल उठा रहे हैं को दूसरी तरफ कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम ने कहा है कि उन्हें ईवीएम पर पूरा भरोसा है। दरअसल मध्य प्रदेश राजस्थान और छत्तीसगढ़ में मिली करारी हार के बाद कांग्रेस ने वरिष्ठ नेताओं ने ईवीएम को लेकर सवाल उठाए हैं

 ईवीएम की विश्वसनीयता को लेकर कांग्रेस में दो फाड़ हो गया है। एक तरफ कुछ वरिष्ठ नेता ईवीएम को लेकर सवाल उठा रहे हैं को दूसरी तरफ कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम ने कहा है कि उन्हें ईवीएम पर पूरा भरोसा है। दरअसल, मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में मिली करारी हार के बाद कांग्रेस ने वरिष्ठ नेताओं ने ईवीएम को लेकर सवाल उठाए हैं।

सांसद कार्ति चिदंबरम ने बुधवार को कहा, “ईवीएम पर मेरा पूरा भरोसा है। मुझे ईवीएम के काम पर कोई संदेह नहीं है। मैं जानता हूं कि पार्टी के कई सहयोगी हैं जिनकी राय अलग हो सकती है, लेकिन मैं 1996 से चुनाव में या तो एक उम्मीदवार के रूप में या अन्य उम्मीदवारों के एजेंट के रूप में इसमें शामिल रहा हूं। ईवीएम में मेरा विश्वास नहीं बदलेगा।”

दिग्विजय सिंह ने ईवीएम पर सवाल खड़े किए

तीनों राज्यों में भाजपा को मिली जीत के बाद कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह और कमलनाथ ने भी ईवीएम की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े किए हैं। दिग्विजय सिंह ने कहा, “चिप वाली किसी भी मशीन को हैक किया जा सकता है। मैंने 2003 से ही ईवीएम द्वारा मतदान का विरोध किया है। क्या हम अपने भारतीय लोकतंत्र को पेशेवर हैकरों द्वारा नियंत्रित करने की अनुमति दे सकते हैं! यह मौलिक प्रश्न है जिसका समाधान सभी राजनीतिक दलों को करना होगा।”

उन्होंने आगे कहा कि माननीय चुनाव आयोग और माननीय सर्वोच्च न्यायालय क्या आप कृपया हमारे भारतीय लोकतंत्र की रक्षा करेंगे?

…यह बात तो कांग्रेस से पूछिए

वहीं, मंगलवार को ईवीएम के भरोसे पर जब दिग्विजय सिंह से सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि मुझे तो ईवीएम पर भरोसा नहीं है। इसके बाद मीडिया ने उनसे पूछा कि क्या कांग्रेस को भी ईवीएम पर भरोसा नहीं है तो उन्होंने इसके जवाब में कहा कि यह बात तो कांग्रेस से पूछिए।

तीनों राज्यों के चुनावी नतीजे

बता दें कि 3 दिसंबर को चार राज्यों के आए विधानसभा के नतीजों में भाजपा ने तीन राज्य जीत लिए। मध्य प्रदेश में भाजपा को 230 सीटों में से 163, छत्तीसगढ़ में 90 सीटों में से 54 और राजस्थान में 199 सीटों में से 115 सीटें मिली हैं। जबकि तीनों की राज्यों में कांग्रेस को शिकस्त मिली है। हालांकि, कांग्रेस तेलंगाना बहुमत पाकर में सरकार बनाने में सफल रही।

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