यदि देश से प्रेम है तो,,यदि पार्टियों से प्रेम है तो भी…,.
2014 से पहले एक थी बेहद शरीफ भाजपा, जिसे केवल 1 वोट से संसद भवन में गिरा दिया गया था, और सोनिया जी के होंठों पर मंद-मंद मुस्कराहट थी। अटल बिहारी वाजपेयी जी हाथ हिला-हिलाकर अपनी चिर-परिचित शैली में व्यस्त...









