मुंबई (Mumbai) . महाराष्ट्र (Maharashtra) में विधानपरिषद चुनाव में 21 विधायक टूटने से महाविकास आघाड़ी सरकार में असंतोष बढ़ गया है. मुख्यमंत्री (Chief Minister) उद्धव ठाकरे ने शिवसेना विधायक दल की आपातकालीन बैठक मंगलवार (Tuesday) को मुंबई (Mumbai) में बुलाई है. वहीं, कांग्रेस नेता तथा राजस्व मंत्री बालासाहेब थोरात ने कहा कि कांग्रेस पार्टी के उम्मीदवारों को जब पार्टी का सब वोट नहीं मिला तो यह चिंताजनक है. वे इसकी शिकायत पार्टी हाईकमान तक पहुंचाएंगे.
निर्दलीय विधायक रवि राणा ने कहा कि 21 विधायकों के फूटने से साबित हो गया कि उद्धव ठाकरे सरकार विधायकों का विश्वास गंवा चुकी है, इसलिए वर्षाकालीन अधिवेशन में वे सरकार के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव लाएंगे. राणा ने कहा कि यह सरकार कुछ ही दिनों की मेहमान है.
जानकारी के अनुसार भारतीय जनता पार्टी के खुद के 106 विधायक हैं और भाजपा को 7 निर्दलीय विधायकों का समर्थन प्राप्त है. इस तरह भाजपा का कुल संख्या बल 113 है, जबकि भाजपा के सभी पांचों उम्मीदवारों को 134 वोट हासिल हुए हैं. इसी तरह कांग्रेस पार्टी के 44 विधायक हैं, जबकि उसके दोनों उम्मीदवारों को सिर्फ 41 वोट मिल सके हैं. शिवसेना के पास खुद के 55 तथा 8 विधायकों का समर्थन सहित कुल 63 वोट हैं, जबकि शिवसेना के दोनों उम्मीदवारों को सिर्फ 52 वोट मिले हैं. राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के पास 51 वोट हैं, जबकि उसे 57 वोट मिले हैं.
राकांपा उम्मीदवार एकनाथ खडसे ने कहा कि उन्हें अतिरिक्त मत मिले हैं. इससे साबित हो गया कि महाविकास आघाड़ी सरकार खासकर मुख्यमंत्री (Chief Minister) उद्धव ठाकरे से तीनों दलों के समर्थक विधायक नाराज हैं.






