Monday, April 22, 2024
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कोई फरिश्ता तो था नही अतीक अहमद, विपक्ष में महिला नेत्री का दमदार बयान,बाकी नपुंसक नेता दुकान चला रहे अतीक के नाम पर

प्रयागराज/श्रीनगर। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में शनिवार को माफिया से राजनेता बने अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की गोली मारकर हत्या कर दी गई। मीडिया के कैमरे के सामने पुलिस सुरक्षा घेरे में हुए इस हत्याकांड ने देश को झकझोर कर रख दिया। विपक्षी पार्टियां इस घटना को लेकर यूपी की योगी सरकार पर तीखे हमले कर रही हैं। इस बीच जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने इस हत्याकांड पर चौंकाने वाला बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि अतीक अहमद कोई फरिश्ता नहीं था। लेकिन पुलिस कस्टडी में इस तरह हत्या होना बताता है कि यूपी में जंगलराज है।

 

ध्यान हटाने के लिए हुई है हत्या

महबूबा मुफ्ती ने आगे कहा कि सत्यपाल मलिक ने पुलवामा हमले में क्या लापरवाही बरती गई और उसे छिपाने के लिए किस तरह से कोशिश की गई, इसे लेकर जो कहा है उन बातों से ही जनता का ध्यान हटाने के लिए अतीक और उसके भाई की हत्या करवाई गई है। पीडीपी प्रमुख ने कहा कि इस हत्याकांड ने साफ कर दिया है कि उत्तर प्रदेश में कानून का शासन नहीं बल्कि जंगल राज है।

सपा प्रमुख अखिलेश ने ये कहा

उधर, उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा यूपी में अपराध की पराकाष्ठा हो गई है। प्रदेश में अपराधियों के हौसले बुलंद हैं। जब पुलिस के सुरक्षा घेरे में सरेआम गोली मारकर लोगों की हत्या हो रही है तो आम जनता की सुरक्षा का क्या होगा? सपा सुप्रीमो ने आगे कहा कि इस तरह के हत्याकांड के बाद प्रदेश में भय का वातावरण बन रहा है, ऐसा लग रहा है कि कुछ लोग जानबूझकर ऐसा वातावरण बना रहे हैं।

मैं कांप उठी हूं- शिवसेना नेता

शिवसेना की राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने अतीक-अशरफ हत्याकांड को लेकर उत्तर प्रदेश की पुलिस पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा है कि पुलिस के सुरक्षा घेरे में रहते हुए और मीडिया से बात करते हुए दो लोगों को कैसे मार दिया गया, मैं इसी बात से कांप उठी हूं। उन्होंने कहा कि इस मामले की स्वतंत्र जांच होनी चाहिए। क्या अतीक अहमद के आंतकी नेक्सस का खुलासा होने से पहले कोई उसे चुप कराना चाहता था।

शनिवार को हुई दोनों की हत्या

बता दें कि इसे पहले माफिया अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ अहमद की शनिवार रात प्रयागराज में गोली मारकर हत्या कर दी गई। दोनों को पुलिस मेडिकल जांच के लिए अस्पताल ले जा रही थी। इस दौरान पत्रकार अतीक और अशरफ से सवाल पूछ रहे थे, तभी मीडियाकर्मी की भेष में आए तीन हमलवारों ने पुलिस का सुरक्षा घेरा तोड़ते हुए दोनों पर गोलियां बरसा दी। हमलावरों ने पहले अतीक के सिर में गोली मारी, जिसके बाद वो नीचे गिर गया। फिर अशरफ पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। इस गोलीबारी में दोनों की मौके पर ही मौत हो गई।

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