Tuesday, May 28, 2024
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केजरीवाल खुद ही नही मिलना चाह रहा संजय सिंह से,कोई खेल खेल रहा है क्या संजय सिंह?

 

आम आदमी पार्टी (आप) के राज्यसभा सांसद संजय सिंह के आरोपों पर भाजपा के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने पलटवार किया है. उन्होंने अरविंद केजरीवाल और संजय सिंह दोनों पर बड़ा आरोप लगा दिया है. सचदेवा ने दावा किया कि उनके सूत्र यह बताते हैं कि अरविंद केजरीवाल तो अब संजय सिंह से मिलना ही नहीं चाहते हैं क्योंकि संजय सिंह विधायकों की जोड़तोड़ कर मुख्यमंत्री बनना चाहते हैं, जबकि केजरीवाल मुख्यमंत्री का पद अपने परिवार में ही रखना चाहते हैं.

उन्होंने कहा कि संजय सिंह को जो संदेश चाहिए वह अरविंद केजरीवाल ने दे दिया है. संजय सिंह को इशारों में यह बात समझनी चाहिए कि केजरीवाल किससे मिलना चाहते हैं और किससे नहीं मिलना चाहते हैं. तिहाड़ जेल दिल्ली सरकार के अंतर्गत आता है और अरविंद केजरीवाल की सरकार द्वारा बनाए गए जेल मैन्युअल- 2018 के नियम-602 के तहत इस तरह के हाई-प्रोफाइल कैदी की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए शीशे की दीवार के आरपार से और इंटरकॉम के जरिए ही मुलाकात करवाई जा सकती है.

सुरक्षा कारणों से किसी भी राज्य के मुख्यमंत्री की जेल में बंद कैदी से मुलाकात के लिए जेल में व्यवस्था करना कोई साधारण बात नहीं होती, ना ही सामान्यतः मुख्यमंत्री अथवा बड़ी सुरक्षा प्राप्त नेता इस तरह जेल में जाकर कैदी से मिलने की जिद करते हैं. इसके बावजूद तिहाड़ जेल जो दिल्ली सरकार की ही जेल है, उसके अधिकारियों ने जेल में बंद कैदी दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल एवं पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के बीच मुलाकात तय की है.

सचदेवा ने कहा कि संजय सिंह को भी यह नियम पता है, वह खुद लंबे समय तक जेल में रहकर आए हैं. लेकिन, फिर भी जानबूझकर भ्रम फैलाने के लिए यह कह रहे हैं कि मिलने नहीं दिया जा रहा है. उन्होंने कहा कि सरकार आपकी है, अधिकारी आपके हैं, मिलने से कौन रोक रहा है? कई बार कैदी खुद भी यह तय करता है कि उसको किससे मिलना है.

उन्होंने दावा किया कि फेस टू फेस मिलने की सुविधा अरविंद केजरीवाल स्वयं उठा रहे हैं, न्यायालय ने उनको छूट दी है और जो नाम अरविंद केजरीवाल ने दिए हैं, वह उनसे मिल भी रहे हैं और घर का खाना भी खा रहे हैं और जो भी पॉलिटिकल संदेश उन्हें देना होता है, वह अपनी पत्नी के माध्यम से देते हैं. उन्होंने कहा कि जेल में प्रवेश करते समय अरविंद केजरीवाल ने जो 10 मुलाकाती नाम लिखवाए थे, उनमें भगवंत मान और संजय सिंह का नाम ही नहीं था, इसलिए यह मुलाकातें तय होने में समय लगा है और अब जेल मैन्युअल के अनुसार ही कार्यवाही होगी.
भाजपा नेता ने यह भी आरोप लगाया कि ऐसा प्रतीत होता है कि अरविंद केजरीवाल जेल में कुछ उस तरह की छूट एवं सुविधाएं चाहते हैं, जैसी मनमानी सुविधाओं का आनंद उनके पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन 2022 में उठाते पकड़े गए थे. उन्होंने आम आदमी पार्टी द्वारा बाबा साहेब अंबेडकर की जयंती के दिन राजनीतिक अभियान शुरू करने की आलोचना करते हुए यह भी कहा कि आप के मंत्री गोपाल राय द्वारा अंबेडकर जयंती के अवसर पर ‘संविधान बचाओ’ के नाम से जो राजनीतिक अभियान छेड़ने की घोषणा की गई है, वह बहुत ही दुखद और निंदनीय है. दिल्ली एवं देश की जनता अब अरविंद केजरीवाल सरकार की अराजकता को समझ चुकी है और उन्हें कभी माफ नहीं करेगी.

 

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