वैसे तो नरेंद्र मोदी के खिलाफ माहौल बनाने में इंडी वाले और राहुल गांधी कोई कमी नहीं छोड़ते हैं. लेकिन इनकी दिक्कत ये है कि ये लोग अपनी हवाबाजी में फंस जाते हैं और इनका नैरेटिव दो दिन भी नहीं टिकता.
क्योंकि आप देखिए कि चुनाव आयोग के मामले को लेकर इंडी वालों ने सीधे पीएम मोदी को घेर लिया. राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दी. अखिलेश, ममता, केजरीवाल सब आ गए थे. इन्हें लगा कि नरेंद्र मोदी के खिलाफ अब बड़ा मौका मिल गया है. लगे हाथ इन्होंने इंडी वालों की मीटिंग भी बुला ली. इन्हें लगा कि माहौल अभी गरम है और इसी में हथौड़ा मार दो, लेकिन इनकी हालत आज की डेट में ये है कि हथौड़ा लेकर ये सब एक दूसरे के पीछे दौड़ पड़े.
मीटिंग तो बुला ली, लेकिन कोई आने को तैयार नहीं. सब एक दूसरे से मुंह फुलाए नाराज फूफा बने बैठे हैं. क्या अखिलेश यादव, क्या केजरीवाल और क्या दूसरी पार्टियां, जितने नेता, उतने मुंह और उतनी बातें इंडी के अंदर चल रही है. इतना ही ये सब एक दूसरे को ऐसा कोस रहे हैं कि कोई कह रहा है कि हम क्यों मीटिंग में आएं, कोई कह रहा है कि राहुल गांधी कुछ भी कर लें, पांच पुश्तों तक पीएम नहीं बन पाएंगे. सोचिए ये सब गजब कांड हो रहे हैं इंडी के अंदर.
ये सब आपको बताएंगे और ये भी बताएंगे कि कांड तो राहुल गांधी के साथ भी हो गया क्योंकि राहुल गांधी वोट चोरी का माहौल ही बनाते रहे गए, उधर ऐसे ऐसे सबूत आ गए कि जिसने कांग्रेस के पूरे प्लान को कबाड़ कर दिया. क्योंकि कांग्रेस की पूरी कोशिश तो ये है कि राहुल गांधी के चेहरे को कैसे चमकाया जाए. कैसे राहुल गांधी को उनकी पुरानी इमेज से निकाल कर नई इमेज में लाया जाए इसी वजह से डायरेक्ट मोदी शाह पर ‘आंय बांय सांय’ अटैक किए जा रहे हैं.
ये कहने लगे कि ज्ञानेश कुमार को हटाओ, क्योंकि ज्ञानेश कुमार ही नरेंद्र मोदी को जिता रहे हैं. लेकिन लोग ये पूछने लगे हैं कि नरेंद्र मोदी तो ज्ञानेश कुमार के आने से पहले भी लगातार जीत रहे थे. अगर ज्ञानेश कुमार के आने के बाद से सारी गड़बड़ शुरू हुई तो फिर क्या कांग्रेस वालों ने मान लिया कि ज्ञानेश कुमार के पहले के सारे चुनाव पाक साफ थे. आज हम इसके बारे में आपको बताएंगे कि ज्ञानेश कुमार के आने के पहले कितने चुनाव कांग्रेस हारती थी और ज्ञानेश कुमार के आने के बाद कैसे खुद कांग्रेस ने कई कई चुनाव जीते हैं. आपको ये भी बताएंगे कि कौन सा CEC था जिसके राज में 28 लाख महिलाओं के वोट काट दिए गए थे.
यानी खुद कांग्रेस अपने ही गेम में एक्सपोज होती जा रही है उधर एक्सपोज तो कॉकरोच पार्टी वाले भी हो रहे हैं. और यही वजह है कि अब केजरीवाल खुलकर इनके लिए खेलने लगे हैं. आज हम इसके बारे में भी आपको बताएंगे कि केजरीवाल और कॉकरोच पार्टी का पीएम मोदी के खिलाफ नया प्लान क्या है.
आप देखिए कि इंडी वाले हफ्ते भर से पूरा माहौल बना रहे थे. इधर से राहुल गांधी, उधर से ममता बनर्जी, इनके बीच में अखिलेश और केजरीवाल, ये सारे लोग मिलकर नरेंद्र मोदी के खिलाफ नया मोर्चा खोलने वाले थे. आज कांग्रेस ने अपनी कांग्रेस वर्किंग कमेटी यानी CWC की मीटिंग भी कर ली. कल इंडी वालों की मीटिंग होने वाली है. लेकिन इसी बीच इंडी वालों की कहानी में ऐसा ट्विस्ट आया है कि आप भी हैरान रह जाएंगे. पहले तो सब कह रहे थे कि मोदी के खिलाफ मोर्चा खोलना है. ज्ञानेश कुमार को हटाना है. क्योंकि ज्ञानेश कुमार ही मोदी को जितवा रहे हैं. लेकिन जो लोग मोदी को हटाने चले हैं, वो अपने मतभेद नहीं हटा पा रहे हैं और खुद ही एक्सपोज हो रहे हैं.
आप देखिए कि इंडी गठबंधन की कल बैठक होने वाली है लेकिन इस बैठक का हाल ये है कि अखिलेश यादव नहीं आ रहे हैं, वो यूपी में राज्यसभा चुनाव का हवाला दे रहे हैं. अखिलेश यादव की जगह उनकी पार्टी से कोई नेता आएंगे. अभी देश में सबसे बड़ा चुनाव यूपी में होने वाला है. ऐसे में अखिलेश यादव की मौजूदगी का बड़ा मैसेज जाता. हाल ही में अखिलेश यादव की रथ यात्रा को लेकर भी कांग्रेस और सपा में तनातनी हो गई थी. उस बीच अखिलेश यादव का ना आना इंडी की एकता के लिए बड़ा झटका है. हालांकि कांग्रेस इस मुद्दे को ये कहकर डाउनप्ले कर रही है कि अखिलेश नहीं आ रहे तो क्या हुआ उनकी पार्टी के नेता तो आ रहे हैं.
अखिलेश यादव आते तो राहुल गांधी से मिलते, यूपी में राहुल-अखिलेश की जोड़ी एकजुट है ये मैसेज जाता, लेकिन शायद अखिलेश यादव ने जता रहे हैं कि गठबंधन में सबकुछ ठीक नहीं है. आप देखिए यूपी में कांग्रेस और सपा नेताओं में तगड़ी बयानबाजी चल रही है यूपी में कांग्रेस नेता कह रहे हैं कि हमें गठबंध में 150 से ज्यादा सीटें चाहिए.
इस पर सपा नेता आईपी सिंह ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि ‘अखिलेश यादव आते तो राहुल गांधी से मिलते, यूपी में राहुल-अखिलेश की जोड़ी एकजुट है ये मैसेज जाता लेकिन शायद अखिलेश यादव ने जता रहे हैं कि गठबंधन में सबकुछ ठीक नहीं है आप देखिए यूपी में कांग्रेस और सपा नेताओं में तगड़ी बयानबाजी चल रही है यूपी में कांग्रेस नेता कह रहे हैं कि हमें गठबंध में 150 से ज्यादा सीटें चाहिए इस पर सपा नेता आईपी सिंह ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि ‘लुटियंस कांग्रेसियों यूपी की 403 सीटों पर चुनाव लड़ो. आगे RG क्या अगली 5 पुश्तों से अब कभी कोई तथाकथित गांधी PM नहीं बनेगा. 1989 से गांधी परिवार को PM की कुर्सी नसीब नहीं हुई न आगे कई दशकों तक होगी. सभी कांग्रेसी दिल्ली में बैठकर दिन में मुंगेरी लाल के हसीन सपने देखते हैं. सिर्फ कैमरे, मंच,और बड़े-बड़े बयान राजनीति में जनाधार नहीं बनाते. और रही कांग्रेस-भाजपा के कथित ‘पैक्ट’ की बात… तो यह आरोप नहीं, जनता के सामने उठ रहा एक राजनीतिक सवाल है. कांग्रेस को स्पष्ट करना चाहिए कि उसकी राजनीति वास्तव में किसके लिए और किस दिशा में है.’






