सोनभद्र के रमाशंकर मिश्रा NCL कंपनी में सीनियर इंजीनियर थे, 1.5 लाख रुपया महीना कमाते थे, पिछले कुछ दिनों से उनकी नाइट ड्यूटी लगी हुई थी, जिसका पूरा फायदा रमाशंकर की पत्नी प्रियंका मिश्रा उठा रही थी।
वह अपनी दोनों बेटियों को नींद की गोली खिलाकर अपने प्रेमी विकास चौहान के साथ लगातार पिछले 2 सालों से अपनी सूखी और मुरझाई फसल को पानी दे रही थी, एक दिन रमाशंकर मिश्रा की एक फाइल घर पर छूट गई जिसको उठाने वह रात को 1:00 बजे घर पर आया।
उसने अपने घर का गेट बजाया, लेकिन काफी देर तक गेट नहीं खुला फिर उसने अपनी कार से अपने फ्लैट की एक्स्ट्रा चाबी निकाली, और अंदर प्रवेश किया, अंदर जाकर देखा तो किचन में कुछ अलग ही प्रोग्राम चल रहा था।
जिसके बाद पति गुस्से में प्रेमी को मारने दौड़ा, लेकिन उससे पहले ही पत्नी ने कुकर सर में दे मारा, फिर दोनों ने मिलकर फर्श में कई बार सर पटका जिसके बाद रमाशंकर की मौके पर ही मौत हो गई।
जिसके बाद रात्रि में शव को उठाकर सड़क किनारे फेंक दिया, अगले दिन राहगीरों की सूचना पर पुलिस ने शव को बरामद किया, प्रथम दृष्टया पुलिस ने भी इसको महज एक हादसा ही माना, लेकिन सीनियर अधिकारियों ने रमाशंकर के माता-पिता से पूछा कि आपकी किसी से दुश्मनी तो नहीं चल रही है, उन्होंने कहा नहीं साहब हमारी किसी से कोई दुश्मनी नहीं चल रही है लेकिन एक बार हमारे बेटे का पत्नी से एक नंबर को लेकर विवाद हुआ था, बस फिर क्या था पुलिस को यहीं से सुराग मिल गया और पत्नी की कॉल डिटेल खंगाली गई।
कॉल डिटेल में पुलिस को एक नंबर मिला पुलिस ने जब पूछताछ की और “आन मिलो सजना” वाली ट्रीटमेंट दी तब प्रियंका मिश्रा जी ने रट्टू तोते की तरह सब कुछ बता दिया।
दरअसल इस मामले में विकास के अलावा दो और लड़के पकड़े गए हैं उनको विकास चौहान ने बॉडी ठिकाने के लिये बुलाया था और उन लड़कों को भरोसा दिलाया था कि एक रात तुमको भी प्रियंका के साथ अकेले बिताने का मौका मिलेगा।
( समझ में नहीं आता कि 40+ उम्र होने के बाद भी ऐसी कौन सी जरूरत थी जो 1.5 लाख महीना कमाने वाला पति नहीं पूरा कर पा रहा था… उससे भी ज्यादा मुझे बुरा उन दो लड़कों के लिए लग रहा है जिन्होंने प्रियंका जी के हाथों कुछ खाया पिया भी नहीं और बेचारे जेल की हवा खायेंगे। ) #viralpost
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