Saturday, March 28, 2026
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बस एक दोस्त मिल जाये ज़िंदगी मे,कैलाश विजयवर्गीय जैसा

KAILASH VIJAYVARGIYA A TRUE FRIEND/MNS NEWS
भारत के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर की प्रशंसा यूं तो सभी जगह आव भगत,अपनेपन और प्रेम व्यवहार के लिए है ही लेकिन मित्रता निभाने के अनुकरणीय और भाव विभोर कर देने वाले व्यक्तित्व के शहर के रूप में भी फिर स्थापित हो गयी है।भाजपा राष्ट्रीय महासचिव एवं इंदौर के पूर्व महापौर कैलाश विजयवर्गीय ने पहली बार नही किया ऐसा की एक नज़ीर बन जाये,ऐसे सैंकड़ो उदाहरण हैं जब लोग कहते हैं….
“ज़िंदगी मे एक दोस्त मिल जाये कैलाश विजयवर्गीय जैसा”

कैलाश विजयवर्गीय की प्रदीप सिंह रघुवंशी से करीब 30 साल पुरानी दोस्ती थी.5 जनवरी को कैलाश विजयवर्गीय के मित्र प्रदीप रघुवंशी की अचानक जिम में एक्सरसाइज करने के दौरान हार्ट अटैक से मृत्यु हो गई थी. तब तक स्वर्गीय रघुवंशी अपनी बेटी की शादी के कार्ड भी बांट चुके थे. विवाह संबंधी सारी तैयारियां हो चुकी थी. इस तरह अचानक प्रदीप रघुवंशी के निधन के बाद उनके मित्र एवं भाजपा महासचिव ने रघुवंशी परिवार से वादा किया था कि जिस तरह प्रदीप जी ने बेटी के विवाह की तैयारियां की थी विवाह उसी तरह भव्य रूप में संपन्न होगा.


कैलाश विजयवर्गीय ने इंदौर के लाभ-गंगा परिसर में 18 जनवरी को आयोजित रघुवंशी परिवार के विवाह समारोह में स्वागत द्वार पर खड़े होकर पहले तो सभी मेहमानों का स्वागत किया. शादी की समस्त तैयारियां अपने आगे रहकर संपन्न करवाई. इसके बाद पूरे आयोजन में खुद उपस्थित रहकर बेटी का कन्यादान भी किया. यह पहला मौका था जब किसी बेटी के पिता की तेहरवी के दौरान ही उसका कन्यादान हुआ हो.

विजयवर्गीय नहीं भूले दोस्ती का फर्ज

दोस्ती निभाना नहीं भूलते कैलाश:मालवा अंचल में दोस्ती निभाने के लिए क्या कैलाश विजयवर्गीय ने उन्हें लेकर कहीं जाने वाली मान्यता एक बार फिर चरितार्थ की. प्रदीप रघुवंशी उनके मित्र रहे हैं. यूं तो स्वर्गीय प्रदीप रघुवंशी के दोस्तों की भी बड़ी फौज है, लेकिन कैलाश विजयवर्गीय उनके अभिन्न मित्र रहे हैं. ऐसे में जब मित्रता निभाने की बारी उनके निधन के बाद कैलाश की आई तो कैलाश विजयवर्गीय ने शादी के पूर्व भी कहा था कि, प्रदीप के जाने का दुख सभी को है, लेकिन जैसा उन्होंने सोचा था समारोह ठीक वैसा ही होगा. इसलिए टीम विजयवर्गीय ने इस शादी को भव्य रूप से आयोजित किया एवं परिवार को कहीं भी कोई परेशानी नहीं आने दी.

KAILASH VIJAYVARGIYA A TRUE FRIEND/MNS NEWS
ये कहानी आपको भावुक कर देगी. बेटी की शादी के ठीक तेरह दिन पहले पिता की हार्ट अटैक में मौत हो गयी. जिस दिन पिता की तेरहवीं होना थी, ठीक उसी दिन औऱ उसी मुहूर्त में पिता की आखिरी इच्छानुसार बेटी की शादी कर ससुराल विदा किया गया. बेटी के कन्यादान और रस्मो रिवाज में पिता के दोस्त औऱ बीजेपी नेता कैलाश विजयवर्गीय ने अपनी जिम्मेदारी निभायी और बेटी के हाथ पीले कर दिए गए.

इंदौर में होटल वृंदावन के मालिक प्रदीप सिंह रघुवंशी 5 जनवरी को नहीं रहे. सुबह जिम में दिल का दौरा पड़ने से उनका निधन हो गया. घर में बेटी की शादी थी. वे जिम जाने से पहले पत्नी से कहकर गए थे कि तैयार रहना, आज सबको बेटी की शादी का निमंत्रण देना है. लेकिन किस्मत को ये मंजूर नहीं था.
कैलाश विजयवर्गीय के पारिवारिक मित्र थे प्रदीप
प्रदीप सिंह रघुवंशी बीजेपी महासचिव कैलाश विजयवर्गीय के पारिवारिक मित्र थे. प्रदीप सिंह का परिवार उन्हें ताऊ कहकर बुलाता है. खुशी के मौके पर दुख के आने से परिवार टूट गया. किसी को कुछ समझ ही नहीं आ रहा था कि क्या करें. परिवार शादी टालना चाहता था. ऐसे मुश्किल समय में बीजेपी महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने दोस्ती का फर्ज निभाया. परिवार वालों को ढांढ़स बंधाया और उन्हें प्रदीप की इच्छा और तय कार्यक्रम के अनुसार शादी करने के लिए राजी किया. पिता की आखिरी इच्छा पूरी करने के लिए उसी दिन, उसी मुहूर्त में मौत के 13 दिन बाद बेटी की धूमधाम से शादी की गयी और उसे ससुराल विदा किया.

KAILASH VIJAYVARGIYA A TRUE FRIEND/MNS NEWSआसान नहीं था काम
विजयवर्गीय ने लड़का पक्ष और पंडितों-ब्राह्मणों से राय-मश‌विरा किया और परिवार को समझाया कि प्रदीप सिंह की दिली इच्छा थी कि बेटी की शादी खूब धूमधाम से हो. ऐसे में शादी को टालना या औपचारिकता करना ठीक नहीं रहेगा. तमाम पंडितों से राय ली गई. लड़का-लड़की दोनों पक्षों को समझाया गया. दोनों सहमत हो गए.
विजयवर्गीय ने किया कन्यादान
जब वर वधु दोनों पक्ष सहमत हो गए तो सब कुछ पहले से तय कार्यक्रम के मुताबिक शादी की रस्में हुईं. कैलाश विजयवर्गीय ने बारातियों की आवभगत, स्वागत सत्कार कर उन्हें न केवल भोजन परोसा बल्कि बेटी का सपत्नीक कन्यादान भी किया. कैलाश विजयवर्गीय की प्रदीप सिंह रघुवंशी से करीब 30 साल पुरानी दोस्ती थी.
वो आखिरी रात
मौत से पहले प्रदीप सिंह गणेशजी को न्योता दे चुके थे. मंत्री तुलसी सिलावट और जीतू जिराती को भी घर निमंत्रण देकर आए थे. 4 जनवरी की शाम को उन्होंने परिवार के लोगों के साथ मंत्रणा की. इस दौरान वाट्सअप पर निमंत्रण कार्ड भेजने के बारे में सबको काम सौंपे. साथ ही महिला संगीत सहित अलग-अलग प्रोग्राम में कौन-कौन सी पार्टी में लोग रहेंगे, इसके बारे में बताया. रात 11 बजे वे मंत्री तुलसी सिलावट और बीजेपी के प्रदेश उपाध्यक्ष जीतू जिराती के घर गए और उन्हें निमंत्रण दिया. फिर सुबह रोज की तरह जिम गए जहां उन्हें हार्टअटैक आ गया और वो चल बसे.

परिवार को अब तक यकीन नहीं
परिवार ने बताया- उनकी मौत का कारण समझ से परे है. कई बार तो वे जिम खुलने के पहले ही पहुंच जाते थे. हमने घटना वाली सुबह के जिम के सारे फुटेज देखे थे. इसमें रोज की तरह उन्होंने व्यायाम किया. मौत के कुछ ही देर पहले आखिरी में उन्हें रोज की तरह ट्रेड मिल की कसरत की और सहज हुए थे. फिर अचानक गिर गए और नहीं उठे. वे सालों से घर पर खुद ही प्रोटीन बनाकर लेते थे. दो दिन पहले ही प्रोटीन खत्म होने पर अपने लिए नया तैयार किया था. प्रदीप स्वास्थ्य के प्रति काफी सजग थे. उन्हें कोई व्यसन भी नहीं था. दो माह पहले ही उन्होंने अपना पूरा बॉडी चेकअप कराया था. इसमें सभी जांच रिपोर्ट नॉर्मल आई थीं.

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