Thursday, March 26, 2026
Uncategorized

6 बार के सांसद पर लगे खिलाड़ियों की इज्जत से खेलने के आरोप,सांसद फांसी चढ़ने को तैयार

भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) के अध्यक्ष बृजभूषण शरण ने बुधवार को शीर्ष भारतीय पहलवानों द्वारा उनके खिलाफ लगाए गए यौन उत्पीड़न के आरोपों को खारिज कर दिया, जिन्होंने उनके और महासंघ के खिलाफ दिल्ली के जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन किया. साथ ही उन्होंने कहा कि ‘अगर मेरे खिलाफ आरोप साबित हुए तो मैं खुद फांसी लगा लूंगा.’ इससे पहले, बुधवार को स्टार पहलवान विनेश फोगाट ने डब्ल्यूएफआई अध्यक्ष पर महिला पहलवानों का यौन उत्पीड़न करने का आरोप लगाया था.

यौन उत्पीड़न के आरोप साबित हुए, तो फांसी पर लटक जाऊंगा

बृजभूषण शरण ने कहा, ‘जब मुझे पता चला कि पहलवान विरोध कर रहे हैं तो मुझे नहीं पता था कि आरोप क्या हैं. डब्ल्यूएफआई अध्यक्ष ने कहा, ‘यह मेरे खिलाफ साजिश है और इसमें एक बड़े उद्योगपति का हाथ है. जब विनेश फोगाट हार गई थीं, तो मैं ही था जिसने उन्हें प्रेरित किया. मैं खिलाड़ियों से बात करूंगा.’

इस शख्स ने अपने बयान से अचानक मचाई सनसनी

66 वर्षीय बृज भूषण ने यह भी कहा कि वह डब्ल्यूएफआई अध्यक्ष का पद नहीं छोड़ेंगे. बृज भूषण ने कहा, ‘मैं किसी भी तरह की जांच का सामना करने के लिए तैयार हूं. यौन उत्पीड़न कभी नहीं हुआ. अगर एक भी एथलीट सामने आया और यह साबित कर दिया तो मैं फांसी पर लटक जाऊंगा. मुझे उम्मीद है कि ये सभी आरोप को वह (विनेश) लिख कर मेरे पास भेज देंगी. मैं उनका जवाब दूंगा. बाकी की जांच सीबीआई या पुलिस द्वारा की जा सकती है. यह एक बहुत बड़ा आरोप है.’

 

दिल्ली के जंतर-मंतर (Jantar Mantar) पर कुश्ती फेडरेशन संघ के खिलाफ धरने पर बैठे भारतीय पहलवानों से मिलने के लिए कुश्ती फेडरेशन के अध्यक्ष और बीजेपी सांसद बृजभूषण शरण सिंह (Brigebhushan Sharan Singh) खुद जंतर-मंतर पहुंचे हैं। उन्होंने वहां पहुंचते ही मीडिया से बातचीत में बताया, ‘जैसे ही मैंने इस खबर के बारे में सुना मैंने तुरंत फ्लाइट पकड़कर इन पहलवानों से मिलने का निर्णय लिया, जिसके लिए मैं यहां पहुंचा हूं। बीजेपी सांसद ने कहा कि ये आरोप लगाने वाला कोई सामने है कि कभी कुश्ती फेडरेशन संघ के खिलाड़ियों का शोषण किया है?’  हमने अभी चलते-चलते पढ़ा कि चीफ कोच का नाम लिया गया है कि वो पसंदीदा खिलाड़ियों का शोषण करते हैं।

बृजभूषण सिंह ने आगे कहा, ‘मेरे ऊपर भी आरोप लगाया जाता है कि मैं लखनऊ में खिलाड़ियों को घर पर बुलाता हूं लेकिन मैं आपको बता दूं कि मैं जेड प्लस सुरक्षा में रहने वाला व्यक्ति हूं जो अपने घर भी नहीं जाता है। लखनऊ के अपने घर में गए हुए मुझे कई साल बीत जाते हैं। मैं पूछता हूं कि पिछले 10 सालों में ये दिक्कत क्यों नहीं आई दिक्कत तब आती है जब फेडरेशन कोई नियम बनाया जाता है। सुशील और नरसिंह यादव के मामले में कोई ट्रायल का नियम नहीं था तभी ऐसा हो पाया था। अगर बाईचांस वो खिलाड़ी हार जाए तो उसे 15-20 दिन बाद फिर से मौका दिया जाएगा।’ वहीं जब पत्रकारों ने उनसे पूछा कि सेक्सुअल हैरेसमेंट हुआ कि नहीं तो बृजभूषण शरण ने साफ तौर पर इनकार करते हुए कहा, ऐसा कतई नहीं हुआ।

 

भारतीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह हमेशा की तरह एक बार फिर चर्चा में हैं
हालांकि, इस बार यूपी के गोंडा से कैसरगंज बीजेपी सांसद बृजभूषण शरण सिंह की साख दांव पर लगी है
बुधवार को स्‍टार महिला पहलवार विनेश फोगाट ने बृजभूषण शरण सिंह पर यौन शोषण का आरोप लगाया
लखनऊ: यूपी के गोंडा से कैसरगंज बीजेपी सांसद और भारतीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह (Brij Bhushan Sharan Singh) हमेशा की तरह एक बार फिर चर्चा में हैं। हालांकि, इस बार उनकी साख दांव पर लगी है। बुधवार को कॉमनवेल्‍थ खेलों में गोल्‍ड मेडल जीत चुकीं स्‍टार महिला पहलवार विनेश फोगाट (Vinesh Phogat) ने कोच समेत खुद बृजभूषण शरण सिंह पर यौन शोषण (Women Wrestlers molestation) का आरोप लगा दिया। दिल्‍ली में आयोजित इस प्रेस कॉन्‍फ्रेंस में विनेश के साथ दूसरी महिला पहलवान भी थीं। बृजभूषण शरण सिंह फौरन दिल्‍ली पहुंचे और अपनी सफाई दी। इन तमाम आरोपों को झुठलाते हुए बीजेपी सांसद ने कहा, अगर ये आरोप सही हैं तो कोई सामने आकर क्‍यों नहीं कहता कि उसका शोषण किया है।

बाबा रामदेव के खिलाफ मोर्चा
बृजभूषण सिंह हमेशा से विवादों और अपने बागी तेवरों के लिए मशहूर रहे हैं। हाल ही में उनके निशाने पर बाबा रामदेव थे। बृजभूषण सिंह ने कहा था कि रामदेव महर्षि पतंजलि के नाम पर कारोबार कर रहे हैं। बात इतनी बढ़ी कि उन्‍हें पतंजलि की ओर से कानूनी नोटिस भी मिला। इस पर भी बृजभूषण शरण सिंह अडे़ रहे। उनका कहना था, मेरे और बाबा रामदेव के बीच कोई लड़ाई नहीं है। हम खड़े हैं किसान हित में। महर्षि पतंजलि के नाम का दुरुपयोग हो रहा है हम उसके लिए खड़े हैं। अगर मुझे जेल भी जाना पड़े तो मैं जिंदगी भर जेल में रहने को तैयार हूं लेकिन मैं जमानत नहीं कराऊंगा।

अपनी ही सरकार पर बरसे
इससे कुछ समय पहले साल 2022 में मॉनसून के दौरान जब उनके क्षेत्र में बाढ़ तो उन्‍होंने अव्‍यवस्‍था की शिकायत करते हुए अपनी ही पार्टी की प्रदेश सरकार पर हमला बोल दिया। बाढ़ को लेकर फैली अव्यवस्थाओं पर उन्‍होंने यहां तक कह दिया था कि जनप्रतिनिधियों की जबान बंद है, बोलेंगे तो बागी कहलाएंगे। प्रदेश सरकार को लेकर उन्होंने कहा, ‘पहले सरकार कोई भी होती थी तो बाढ़ से पहले एक तैयारी बैठक होती थी। मुझे नहीं लग रहा है कि इस बार कोई तैयारी बैठक हुई है।’ जब उनसे कहा गया कि इसका मतलब इस अव्‍यवस्‍था की जानकारी सीएम योगी आदित्‍यनाथ तक नहीं पहुंच पा रही है, तो उन्होंने कहा, ‘मेरे मुंह से कुछ न कहलवाएं। मैंने अपने जीवन में ऐसी बदइंतजामी नहीं देखी।’

राज ठाकरे को दी धमकी
पिछले साल ही जून में उन्‍होंने महाराष्‍ट्र नव निर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे को अयोध्‍या में न घुसने देने की धमकी दी थी। बृजभूषण शरण सिंह मुंबई में उत्‍तर भारतीयों को उत्‍पीड़न और उनके साथ होने वाले दुर्व्‍यवहार को लेकर राज ठाकरे से नाराज थे। हालांकि, बाद में उन्‍होंने यह विरोध वापस ले लिया।

पहलवान को मारा थप्‍पड़
बृजभूषण शरण सिंह अपने गर्म तेवर की वजह से भी जाने जाते हैं। उन्‍होंने झारखंड में आयोजित एक कुश्‍ती प्रतियोगिता के दौरान एक पहलवान को थप्‍पड़ जड़ दिया था। इस बात का जिक्र भी बुधवार को विनेश और दूसरे पहलवानों ने किया था। उनका कहना था कि अध्‍यक्ष महोदय पहलवानों को थप्‍पड़ तक मार देते हैं।

शुरू से पहलवानी के शौकीन
बृजभूषण शरण सिंह लगातार 6 बार सांसद बने हैं। उन्होंने पहली बार 1991 में गोंडा लोकसभा सीट से चुनाव लड़कर जीत दर्ज की थी। यहां उन्होंने आनंद सिंह को रिकॉर्ड 1.13 लाख वोट से हरा कर इतिहास बना दिया था। उनका जन्म 8 जनवरी 1956 को विश्नोहरपुर गोंडा में हुआ था। पहलवानी के शौकीन बृजभूषण ने 1979 में कॉलेज से छात्र राजनीति शुरू की थी। इसके बाद 1980 के दौर में इनकी पहचान पूर्वांचल के युवा नेता के तौर पर बनी, 1988 के दौर में इनका बीजेपी से संपर्क हुआ और यहां से उन्होंने हिंदूवादी नेता के तौर पर छवि बनानी शुरू कर दी।

बाहुबली की छव‍ि रही
बृजभूषण सिंह की बाहुबली की छवि रही है। दिसंबर 2022 में वह बल्‍लीपुर गोलीकांड में बरी हुए थे। साल 1993 के बल्लीपुर कांड में सपा नेता पंडित सिंह को गोली मारी गई थी। इसका आरोप बृजभूषण सिंह पर लगा था, लेकिन 29 साल बाद गोंडा की एमपीएमएलए कोर्ट ने सबूतों के अभाव में उन्‍हें बरी कर द‍िया।

बल्‍लीपुर कांड से लेकर घनश्‍याम शुक्‍ला की मौत तक…
इसके अलावा बृजभूषण सिंह पर बीजेपी नेता घनश्याम शुक्ला की संदिग्ध मौत मामले में भी उंगली उठी थी। साल 2004 में लोकसभा चुनाव के लिए जिस दिन गोंडा-बलरामपुर में वोटिंग हुई थी, उसी दिन घनश्याम शुक्ला की एक सड़क हादसे में मौत हुई थी। लेकिन इस मामले में भी सीबीआई जांच में क्लीन चिट मिल गई थी।

लेकिन इस बार बृजभूषण शरण सिंह पर जो आरोप लगे हैं उनसे फिलहाल काफी नुकसान पहुंच सकता है। कुश्‍ती संघ के अध्‍यक्ष की कुर्सी पर तो खतरा मंडरा ही रहा है साल 2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव में टिकट की दावेदारी भी खटाई में पड़ी दिख रही है। महिला पहलवानों के यौन शोषण मामले में महिला आयोग भी उतर आया है। बुधवार को दिल्‍ली महिला आयोग की अध्‍यक्ष स्‍वाति मालिवाल धरने पर बैठी महिला रेसलर्स से मिलने पहुंचीं।

Leave a Reply