Friday, May 8, 2026
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फिल्मी जिहाद: भृष्ट नेता 58% ब्राह्मण,62% बेईमान वैश्य व्यापारी,74 % सिख कॉमेडी पात्र,74% धंधे वाली ईसाई,मुसलमान 84% ईमानदार,16 % मात्र अपराधी पर 100% नमाज़ी, इस साल बॉलीवुड 2000 करोड़ के घाटे में,बहिष्कार से

बॉलीवुड की फिल्मों में 58% भ्रष्ट नेताओं को ब्राह्मण दिखाया गया है।

62% फिल्मों में बेइमान कारोबारी को वैश्य सरनेम वाला दिखाया गया है।

फिल्मों में 74% फीसदी सिख किरदार मज़ाक का पात्र बनाया गया।

जब किसी महिला को बदचलन दिखाने की बात आती है तो 78 फीसदी बार उनके नाम ईसाई वाले होते हैं।

84 प्रतिशत फिल्मों में मुस्लिम किरदारों को मजहब में पक्का यकीन रखने वाला, बेहद ईमानदार दिखाया गया है, यहाँ तक कि अगर कोई मुसलमान खलनायक हो तो वो भी उसूलों का पक्का होता है।

कट्टरपंथियों के कब्जे में फिल्म इंडस्ट्री

कुल मिलाकर बॉलीवुड में एक खास धड़ा इसी पर काम कर रहा है, उन्हें पक्का यकीन है कि वो अगर हिंदू संस्कृति पर सवाल उठाएँगे तो ज़ाहिर है लिबरल सनातन समाज उन्हें कठघरे में नहीं खड़ा करेगा,  जबकि मुस्लिम समुदाय कार्टून/कैरिकेचर बनने पर ही बवाल खड़े कर देता है। यही वजह है कि कुछ फिल्मों में हिंदू धर्म के प्रति पक्षपाती रवैया देखा गया।

एक फिल्म निर्देशक का काम है सही रिसर्च करना अगर वो एक महाकाव्य पर फ़िल्म बनाने की इच्छा रखते हैं। और सवाल यह है कि बॉलीवुड में सिर्फ हिंदू भावनाओं के साथ क्यों खिलवाड़ किया जाता आ रहा है। ख़ैर हमारी उम्मीद ही शायद गलत है। जिन लोगों की ख़ुद की ज़मीर ही नहीं न खुद की इज़्ज़त, वो दूसरो के धार्मिक भावनाओं का क्या ध्यान रखेंगे। समय आ गया है खुद के लिए आवाज़ उठाने का। अपनी आवाज़ बुलंद करे और पूर्ण रूप से इस अपमानजनक फिल्म का बहिष्कार करें। जब बॉलीवुड हमारे इतिहास और भावनाओं का सम्मान नही कर सकता तो उसे भी सम्मान नही मिलेगा।

इस साल का 10 महीना शुरू हो गया है और बॉक्स ऑफिस पर बॉलीवुड का हाल अभी भी नहीं सुधरा है। अभी भी ऐसी कोई फिल्म नहीं है, जिनसे धुरंधर तरीके से कमाई हो। पिछले महीने रिलीज हुई ब्रह्मास्त्र ने जरूर अच्छा बिजनेस किया था, जिसके बाद आई फिल्म विक्रम वेधा, चुप, धोखा सभी फ्लॉप साबित हुई। पिछले 273 दिनों की बात करें तो गंगूबाई काठियावाड़ी, द कश्मीर फाइन्स, भूल भुलैया 2, जुग जुग जियो और ब्रह्मास्त्र के अलावा कोई फिल्म बॉक्स ऑफिस पर कमाई नहीं कर पाई। इस साल आमिर खान (Aamir Khan), अक्षय कुमार (Akshay Kumar) से लेकर  रणबीर कपूर (Ranbir Kapoor), रणवीर सिंह (Ranveer Singh), शाहिद कपूर (Shahid Kapoo), टाइगर श्रॉफ (Tiger Shroff), अजय देवगन (Ajay Devgn) जैसे सुपरस्टार्स तक सुपरफ्लॉप साबित हुए। रिपोर्ट्स की मानें तो सुपरस्टार्स की बिग बजट फिल्में फ्लॉप होने के कारण पिछले 9 महीनों में इंडस्ट्री को करीब 2000 करोड़ का घाटा झेलना पड़ा।

नीचे पढ़ें किन भारी-भरकम बजट वाली फिल्में सिनेमाघरों में दर्शकों को तरसी और कितने करोड़ का हुआ मेकर्स को नुकसान…

बात सबसे पहले सैफ अली खान और ऋतिक रोशन की फिल्म विक्रम वेधा की करते है। 175 करोड़ के बजट में बनी ये फिल्म ने अपनी रिलीज के 7 दिन में महज 58 करोड़ रुपए की कमाई की। अभी तक आंकड़ों को हिसाब से मेकर्स को 117 करोड़ का घाटा हो रहा है। वहीं, ट्रेड एनालिस्ट का कहना है कि जिस रफ्तार से फिल्म की कमाई को रही है, उसका 100 करोड़ के क्लब में शामिल होना मुश्किल है।

इस साल मार्च में आई अक्षय कुमार और कृति सेनन की फिल्म बच्चन पांडे बॉक्स ऑफिस पर औंधे मुंह गिरी। 180 करोड़ के बजट में बनी फिल्म ने 73 करोड़ रुपए का बिजनेस किया। फिल्म से मेकर्स को 72 करोड़ का घाटा उठाना पड़ा। फिल्म के हालात इतने खराब थे कि इसे दर्शक तक नसीब नहीं हुए थे।

अप्रैल में आई जॉन अब्राहम और जैकलीन फार्नांडिज की फिल्म अटैक 1 को भारी नुकसान झेलना पड़ा। फिल्म को 80 करोड़ के बजट में तैयार किया गया था और इसने बॉक्स ऑफिस पर महज 22 करोड़ का ही बिजनेस किया। मेकर्स को करीब 58 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ।

अप्रैल में ही आई शाहिद कपूर और मृणाल ठाकुर की फिल्म जर्सी को भी दर्शक नसीब नहीं हुए। फिल्म की रिलीज को कई बार टाला गया और जब से रिलीज हुई तो बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप साबित हुई। फिल्म को 80 करोड़ के बजट में तैयार किया गया था और इसनें 27 करोड़ रुपए की ही कमाई की। मेकर्स को करीब 53 करोड़ का घाटा हुआ।

अजय देवगन, अमिताभ बच्चन और रकुल प्रीत सिंह की फिल्म रनवे 34 भी अप्रैल में ही रिलीज हुई। 55 करोड़ के बजट में बनी इस फिल्म को 22 करोड़ का घाटा झेलना पड़ा। फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर 33 करोड़ रुपए का बिजनेस किया। फिल्म सिनेमाघरों में ज्यादा दिनों तक नहीं टिक पाई।

टाइगर श्रॉफ और तारा सुतारिया की फिल्म हीरोपंती 2 भी उसी दिन रिलीज हुई जिस दिन रनवे 34 रिलीज हुई थी। 70 करोड़ के बजट में इस फिल्म ने अपनी लागत की आधी कमाई यानी 35 करोड़ रुपए कमाए और 35 करोड़ का मेकर्स को फटका लगा।

मोस्ट अवेटेड फिल्म जयेशभाई जोरदार मई में सिनेमाघरों में रिलीज हुई। फिल्म में रणवीर सिंह और शालिनी पांडे लीड रोल में थे। पुराने कॉन्सेप्ट को नई तरीके से दर्शकों के सामने करने के बाद फिल्म बॉक्स ऑफिस कमाल नहीं दिखा पाई। 80 करोड़ के बजट वाली इस फिल्म ने सिर्फ 26 करोड़ ही कमाए। मेकर्स को 60 करोड़ रुपए का घाटा हुआ।

मई में आई कंनाट रनोट की फिल्म धाकड़ का बॉक्स ऑफिस पर सबसे ज्यादा बुरा हाल रहा। 85 करोड़ के बजट वाली इस फिल्म ने सिर्फ 4 करोड़ रुपए ही कमाए। मेकर्स को 81 करोड़ रुपए का घाटा हुआ। फिल्म को हफ्तेभर में ही सिनेमाघरों से हटाना पड़ा।

जून में आई अक्षय कुमार, संजय दत्त और मानुषी छिल्लर की फिल्म सम्राट पृथ्वीराज से मेकर्स को बहुत ज्यादा उम्मीदें थी, लेकिन सारी उम्मीदों पर पान फिर गया। 300 करोड़ के बजट वाली इस फिल्म ने सिर्फ 90 करोड़ रुपए कमाए। फिल्म फ्लॉप होने की वजह से मेकर्स को 201 करोड़ रुपए का घाटा हुआ।

जुलाई में आई रणबीर कपूर, संजय दत्त और वाणी कपूर की फिल्म शमशेरा का बॉक्स ऑफिस पर बुरा हाल रहा। फिल्म को रिलीज वाली दिन ही फ्लॉप घोषित कर दिया गया। 150 करोड़ के बजट वाली इस फिल्म ने 64 करोड़ का बिजनेस किया और मेकर्स को 86 करोड़ का घाटा झेलना पड़ा।

जुलाई में रिलीज हुई फिल्म एक विलेन रिटर्न्स बुरी तरह से फ्लॉप साबित हुई। अर्जुन कपूर, दिशा पाटनी, तारा सुतारिया और जॉन अब्राहम की फिल्म को 80 करोड़ के बजट में तैयार किया गया था। फिल्म ने63 करोड़ रुपए कमाए और मेकर्स को 17 करोड़ का घाटा उठाना पड़ा।

इस साल की सबसे बड़ी फ्लॉप साबित हुई आमिर खान और करीना कपूर की फिल्म लाल सिंह चड्ढा। फिल्म का जमकर बायकॉट किया गया और कईयों ने लोगों को फिल्म नहीं देखने तक की सलाह दे डाली थी। अगस्त में आई फिल्म को 180 करोड़ में बनाया गया था और इसने 57 करोड़ रुपए कमाए। मेतर्स 123 करोड़ का फटका लगा।

अगस्त में ही आई अक्षय कुमार और भूमि पेडनेकर की फिल्म रक्षा बंधन भी बुरी तरह फ्लॉप साबित हुई। 70 करोड़ के बजट में बनी फिल्म ने 59 करोड़ रुपए का बिजनेस किया। मेकर्स को 11 करोड़ का नुकसान उठाना पड़ा।

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