क्राइम ब्रांच के TI धनेंद्र सिंह भदोरिया को मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान के इशारे के बाद आज निलंबित कर दिया गया। मुख्यमंत्री तक इस TI की वसूली और भ्रष्टाचार की शिकायत पहुंची थी। शुक्रवार शाम विमानतल पर मुख्यमंत्री को कई नेताओं ने इस टीआई के कारनामों का खुलासा किया था। लेकिन, CM की तत्काल कार्रवाई की घोषणा के बाद भी उसे निलबिंत करने में 24 घंटे लगे।


मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शनिवार को प्रदेश की कानून व्यवस्था की समीक्षा की बैठक ली थी। इस बैठक में उन्होंने इंदौर के एक टीआई के खिलाफ लोगों को डरा धमकाकर वसूली करने वसूली करने की शिकायतों पर नाराजगी जताई थी। उन्होंने मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस और डीजीपी सुधीर सक्सेना सहित सभी आईजी एसपी और कलेक्टर को संबोधित करते हुए कहा था कि हम यहां इसलिए नहीं बैठे हैं कि टीआई लोगों को डरा धमकाकर वसूली का गैर कानूनी काम करें।
मुख्यमंत्री की इस नाराजगी के बाद उस टीआई का नाम धनेंद्र सिंह भदौरिया सामने आया। कहा जाता है कि ये प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा का मुंह लगा है और उनके इशारे पर ही इसे दतिया से ट्रांसफर करके इंदौर में तैनात किया गया। इसके खिलाफ ग्वालियर-चंबल में भी भ्रष्टाचार और वसूली की जानकारी सामने आई थी। हाईकोर्ट ग्वालियर बेंच के निर्देश पर इसे जेल भी भेजा जा चुका है। पुलिस में रहते हुए अपने काले कारनामों के कारण 2015 में थाने में पोस्टिंग के दौरान भ्रष्टाचार के मामले में भी इन पर कार्रवाई हो चुकी है।
इनके कारनामों की जानकारी मिलने पर मुख्यमंत्री ने बहुत गुस्से में कहा था कि करप्शन के मामले में जीरो टॉलरेंस है। कल मुझे एक टीआई की शिकायत मिली है। हम यह इजाजत नहीं दे सकते कि कोई वसूली करने का काम करें, उस पर हम तत्काल कार्रवाई करेंगे। इंटेलिजेंस को ऐसे लोगों की एक सूची बनना चाहिए जो हमारे पास आना चाहिए। जो गड़बड़ी करते पाया जाएगा, उसे नहीं छोड़ेंगे जरूरत पड़ने पर EOW भी कार्रवाई करेगा।
इस टीआई के बारे में मिली जानकारी के अनुसार जिला बदर भांग माफिया मंजूर की 16200 किलो पकड़ी गई भांग में भी इस टीआई ने आरोपियों को बचाने की कोशिश की थी। गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा तक ने इसके लिए फोन किया था। बताते हैं कि नरोत्तम मिश्रा के निजी सहायक पांडे इस टीआई के सबसे बड़े संरक्षक हैं। धनेंद्र सिंह भदौरिया के अवैध वसूली के काम को वहीं से संरक्षण दिए जाने की जानकारी भी मिली है।






