सुपरटेक के ट्विन टावर को आज दोपहर 2:30 बजे मात्र चंद सेकेंड में जमींदोज कर दिया गया। न्यायालय के आदेश पर पहली बार इतनी बड़ी इमारतों को धराशाई किया गया है। जानकारी के अनुसार ध्वस्तीकरण के सम्पूर्ण प्रोसेस के दौरान एटीएस विलेज की लगभग 10 मीटर बाउंड्री वॉल क्षतिग्रस्त हो गई है। इसके अतिरिक्त ट्विन टॉवर्स की तरफ कुछ टॉवर्स के शीशे भी टूट गए हैं। क्षतिग्रस्त बाउंड्री वॉल को कार्यदाई संस्था एडिफाईस इंजीनियरिंग द्वारा शीघ्र ही बनवा दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त टूटे हुए शीशे भी दोबारा लगाए जाएंगे। वहीं, ट्विन टावर में ब्लास्ट के बाद गवर्नमेंट ने करप्ट ऑफिसरों की सूची भी जारी कर दी है। ये हैं वो करप्ट अधिकारी…
नोएडा ट्विन टॉवर्स के करप्शन में संलिप्त ऑफिसरों की सूची।
1- मोहिंदर सिंह, CEO नोएडा (रिटायर्ड)
2- एस।के।द्विवेदी, CEO,नोएडा (रिटायर्ड)
3- आर।पी।अरोड़ा/अपर CEO,नोएडा (रिटायर्ड)
4- यशपाल सिंह/विशेष कार्याधिकारी (रिटायर्ड)
5- स्व। मैराजुद्दीन/प्लानिंग असिस्टेंट (रिटायर्ड)
6- ऋतुराज व्यास/ सहयुक्त नगर नियोजक(वर्तमान में यमुना प्राधिकरण में प्रभारी महाप्रबंधक)
7- एस।के।मिश्रा /नगर नियोजक (रिटायर्ड)
8- राजपाल कौशिक/वरिष्ठ नगर नियोजक (रिटायर्ड)
9- त्रिभुवन सिंह/मुख्य वास्तुविद नियोजक (रिटायर्ड)
10- शैलेंद्र कैरे/उपमहाप्रबन्धक,ग्रुप हाउसिंग (रिटायर्ड)
11- बाबूराम/परियोजना अभियंता (रिटायर्ड)
12- टी।एन।पटेल/प्लानिंग असिस्टेंट (सेवानिवृत्त)
13- वी।ए।देवपुजारी/मुख्य वास्तुविद नियोजक (सेवानिवृत्त)
14- श्रीमती अनीता/प्लानिंग असिस्टेंट (वर्तमान में उ।प्र।राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण)
15- एन।के। कपूर /एसोसिएट आर्किटेक्ट (सेवानिवृत्त)
16- मुकेश गोयल/नियोजन सहायक (वर्तमान में प्रबंधक नियोजक के पद पर गीडा में कार्यरत)
17- प्रवीण श्रीवास्तव/सहायक वास्तुविद (सेवानिवृत्त)
18- ज्ञानचंद/विधि अधिकारी (सेवानिवृत्त)
19- राजेश कुमार /विधि सलाहकार (सेवानिवृत्त)
20- स्व। डी।पी। भारद्वाज/प्लानिंग असिस्टेंट
21- श्रीमती विमला सिंह/ सहयुक्त नगर नियोजक
22- विपिन गौड़/महाप्रबंधक (सेवानिवृत्त)
23- एम।सी।त्यागी/परियोजना अभियंता (सेवानिवृत्त)
24- के।के।पांडेय/ मुख्य परियोजना अभियंता
25- पी।एन।बाथम/ अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी
26- ए।सी सिंह/वित्त नियंत्रक (सेवानिवृत्त)
सुपरटेक लिमिटेड के निदेशक तथा आर्किटेक्ट की सूची निम्नवत
1- आर।के।अरोड़ा-निदेशक
2- संगीता अरोड़ा-निदेशक
3- अनिल शर्मा-निदेशक
4- विकास कंसल-निदेशक
5- Deepak Mehta (Architect)
6- NAVDEEP (Architect)
केवल 10 सेकंड में हुआ ब्लास्ट
आपको बता दें कि माननीय सुप्रीम कोर्ट द्वारा 31 अगस्त 2021 को पारित आदेश के अनुसार भूखण्ड संख्या- जीएच 4, सैक्टर- 93ए, नोएडा पर निर्मित ट्विन टावर्स को आज 28 अगस्त 2022 को गिराया गया। बता दें कि टावर के ध्वस्तीकरण की तारीखों में कई बार परिवर्तन किया गया। इसमें मुम्बई की मैसर्स एडिफाईस इंजीनियरिंग तथा साउथ अफ्रीका की जेड डिमॉलिशन एजेन्सी द्वारा बटन दबाकर सुरक्षित ध्वस्तीकरण किया गया। ध्वस्तीकरण प्रक्रिया में 10 सेकेण्ड से भी कम समय लगा। ब्लास्ट के बाद धूल और धुंए का तेज गुबार उठा, जो लगभग 10 मिनट तक रहा।
स्वीपिंग मशीन से हुई सड़कों की सफाई
आपको बता दें कि ध्वस्तीकरण के उपरान्त ही स्मॉग गन वाटर स्प्रिंकलर से छिड़काव किया गया। वाटर टैंकर, स्वीपिंग मशीन एवं सफाई कर्मचारियों द्वारा सड़क की सफाई का काम पूरा कर लिया गया है। इसके अतिरिक्त एक्सप्रेस-वे को खोल दिया गया है। साथ ही ट्विन टॉवर्स के पास एमरॉल्ड न्यायालय और एटीएस विलेज में भी सफाई की गई।
वायु की गुणवत्ता जानने के लिए लगाए गए थे उपकरण
आपको बता दें कि यूपी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा हुए ब्लास्ट के पास के 6 स्थानों पर वायु गुणवत्ता यंत्र भी लगाए गए हैं। जिससे प्राधिकरण द्वारा समय-समय पर ध्वस्तीकरण से पहले और बाद में वायु की गुणवत्ता की जानकारी मिल सके। वहीं, प्राधिकरण द्वारा स्थापित इन्टीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेन्ट सिस्टम के साथ लगे वायु गुणवत्ता की मॉनिटरिंग के उपकरणों से भी रियल टाईम वायु गुणवत्ता के आंकड़े प्राप्त हो रहे हैं। बता दें कि टावर के ध्वस्तीकरण से पूर्व नोएडा प्राधिकरण ने और कार्यदाई संस्था द्वारा कई प्रकार की तैयारियां की गई थी। जिसके बाद ये ब्लास्ट सफल हो सका। हालांकि, क्षतिग्रस्त बाउंड्री वॉल और टूटे शीशों को जल्द ठीक करा दिया जाएगा।






