कंगना रनौत (Kangana Ranaut) जो कहती हैं उस बात को सहीं करने के लिए उन्हें फिर हजार तर्क देने पड़े तो वह देती हैं. हाल ही में ‘भीख में मिली आजादी’ वाले बयान को देने के बाद जब सोशल मीडिया पर लोगों ने उन्हें ट्रोल किया तो उन्होंने पद्मश्री (Padma Shri) सम्मान वापस कर देने की बात कह डाली, लेकिन इस सम्मान को वापस करने के लिए उन्होंने कुछ सवालों को दाग दिया. उन्होंने दो टूक कहा कि मेरी बात गलत साबित हुई तो सम्मान वापस करने के साथ माफी भी मांग लूंगी. इस ऐलान के बाद उन्होंने फिर एक लंबा चौड़ा पोस्ट शेयर किया हैं, जो खूब वायरल हो रहा है.
कंगना रनौत (Kangana Ranaut) के बयान को लेकर हंगामा मचा हुआ है. लोग उन्हें ट्रोल कर रहे हैं. देश के कई हिस्सों में उनके खिलाफ शिकायत दर्ज हो चुकी है. कंगना ने अपनी पोस्ट में फिर कई सवाल किए हैं. उन्होंने पूछा अगर अंग्रेजों ने अपराध किए थे, तो क्या हमने कोई केस किया? क्या हमने उनके खिलाफ कोई एक्शन लिया, जिन्होंने देश को बांट दिया. कंगना का ये लंबा चौड़ा पोस्ट अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. इस पोस्ट को उनके फैंस पसंद कर रहे हैं.
ब्रिटेन भारत के लिए कोई प्रतिपूर्ति नहीं करता
कंगना रनौत (Kangana Ranaut) ने ब्रिटिश मीडिया संस्था बीबीसी के 2015 का एक लेख का स्क्रीनशॉट साझा किया है. कंगना ने लिखा है, ‘यह 2015 में बीबीसी द्वारा प्रकाशित एक लेख है, जिसमें तर्क दिया गया है कि ब्रिटेन भारत के लिए कोई प्रतिपूर्ति नहीं करता है. अब आप बताइए कि ये गोरे उपनिवेशवादी या उनके हमदर्द आज के जमाने में इस तरह की बकवास से क्यों और कैसे दूर हो सकते हैं? अगर आप इसका पता लगाने की कोशिश करते हैं, तो इसका जवाब मेरे टाइम्स नाउ समिट स्टेटमेंट (जहां कंगना ने आजादी भीख वाला बयान दिया था) में है.
अनगिनत अपराधों के लिए अंग्रेजों को जिम्मदार ठहराया?
उन्होंने आगे कहा, ‘ऐसा इसलिए क्योंकि हमारे राष्ट्र निर्माताओं ने भारत में किए गए अनगिनत अपराधों के लिए, हमारे देश के धन को लूटने से लेकर हमारे स्वतंत्रता सेनानियों को बेरहमी से मारने, हमारे देश को दो भागों में विभाजित करने, स्वतंत्रता के समय में किए गए अनगिनत अपराधों के लिए अंग्रेजों को जिम्मेदार नहीं ठहराया है.’
स्वतंत्र भारत की अदालतों में कभी उनके खिलाफ मुकदमा चलाया गया
कंगना रनौत ने अपने लंबे पोस्ट में आगे लिखा, ‘द्वितीय विश्व युद्ध के बाद, अंग्रेजों ने अपनी शर्तों पर भारत को छोड़ दिया. विंस्टन चर्चिल को युद्ध नायक के रूप में उस वक्त सम्मानित किया गया. वह वही व्यक्ति था जो बंगाल के अकाल के लिए जिम्मेदार था. क्या अंग्रेजों द्वारा किए गए अपराधों के लिए स्वतंत्र भारत की अदालतों में कभी उनके खिलाफ मुकदमा चलाया गया था? तो जवाब मिलेगा नहीं’.
सिरिल रैडक्लिफ को 5 हफ्ते के लिए क्यों लाया गया?
पंगा गर्ल यहीं नहीं रुकीं उन्होंने आगे कहा कि एक अंग्रेज श्वेत व्यक्ति सिरिल रैडक्लिफ, जो पहले कभी भारत नहीं आया था, केवल 5 सप्ताह में विभाजन की रेखा खींचने के लिए अंग्रेजों द्वारा भारत लाया गया. कांग्रेस और मुस्लिम लीग दोनों ही उस समिति के सदस्य थे, जिसने अंग्रेजों द्वारा खींची गई विभाजन रेखा की शर्तों को तय किया, जिसके परिणाम ये हुआ कि लगभग 10 लाख लोग मारे गए. अब बताए कि क्या दुखद रूप से मरने वालों को आजादी मिली?
विभाजन के बाद हुए नरसंहार के लिए जिम्मेदार कौन?
कंगना ने आगे कहा, ‘क्या ब्रिटिश या कांग्रेस, जो विभाजन रेखा से सहमत थे. विभाजन के बाद हुए नरसंहार के लिए जिम्मेदार नहीं थे? हमारे प्रथम प्रधानमंत्री श्री जवाहर लाल नेहरू की तरफ से 28 अप्रैल 1948 को ब्रिटिश सम्राट को एक पत्र है, जिसमें भारत के गवर्नर जनरल के रूप में पश्चिम बंगाल के तत्कालीन गवर्नर की नियुक्ति के लिए ब्रिटिश स्वीकृति का अनुरोध किया गया है. (पत्र मेरी पोस्ट की दूसरी छवि में पाया जा सकता है) यदि ऐसा कोई पत्र मौजूद है तो क्या आप मानते हैं कि कांग्रेस ने अंग्रेजों को उनके अपराधों के लिए जवाबदेह की कोशिश की गई? अगर हां, तो कृपया बताएं कि मेरा कहना कैसे गलत है.
स्वतंत्रता सेनानियों का अनादर कर रहे हैं!
कंगना ने अपने पोस्ट के आखिर में कहा, ‘स्वतंत्र भारत के लिए अपनी जान देने वाले स्वतंत्रता सेनानियों को क्या पता था कि ब्रिटिश और हमारे राष्ट्र निर्माता अविभाजित भारत को दो हिस्सों में बांट देंगे, जिसके परिणामस्वरूप 10 लाख लोगों का नरसंहार होगा? आखिर मैं यह कहकर अपनी बात समाप्त करना चाहती हूं कि यदि हम भारत में किए गए असंख्य अपराधों के लिए अंग्रेजों को जिम्मेदार नहीं ठहराते हैं, तब भी हम अपने स्वतंत्रता सेनानियों का अनादर कर रहे हैं.’ जय हिंद.





