बच्चों की तस्करी (bacho ki taskari) की आशंका में महोबा (Mahoba) जंक्शन रेलवे स्टेशन से गुजरने वाली बरौनी एक्सप्रेस से 24 नाबालिग मुस्लिम बच्चों (nabalig muslim bacche) को आरपीएफ और जीआरपी पुलिस (RPF and GRP Police) ने बरामद किया है।
इन बच्चों को एक युवक लेकर जा रहा था। युवक का दावा है कि वह इनको तालीम दिलाने लेकर जा रहा था। पुलिस टीम (police team) मामले में जांच कर रही, वहीं बच्चों को चाइल्ड हेल्पलाइन (child helpline) को सौंप दिया गया है। युवक से पूछताछ की जा रही है और बच्चों के अभिभावकों से संपर्क करने का प्रयास किया जा रहा है।
महोबा जंक्शन रेलवे स्टेशन (Mahoba Junction Railway Station) में गुजरात जाने वाली बरौनी एक्सप्रेस से आरपीएफ व जीआरपी पुलिस ने चाइल्ड हेल्पलाइन की सूचना पर 24 नाबालिग मुस्लिम बच्चों को बरामद (Mahoba me nabalik bachhe baramad) किया है। दरअसल आरपीएफ प्रभारी राजेंद्र कुमार (RPF in charge Rajendra Kumar) बताते हैं कि झांसी कंट्रोल से गुजरने वाली ट्रेनों की चेकिंग के निर्देश मिले थे। इसी दरमियान सूचना मिली कि गुजरात को जाने वाली बरौनी एक्सप्रेस में एक युवक 6 से 15 साल तक के मुस्लिम बच्चों को लेकर जा रहा है।
दिल्ली पुलिस द्वारा बांदा में इन बच्चों को बरामद करने का प्रयास किया गया, लेकिन तब तक ट्रेन वहां से निकल चुकी थी। ऐसे में महोबा जीआरपी और चाइल्डलाइन की मदद से महोबा रेलवे स्टेशन में ही बरौनी एक्सप्रेस के बोगी नंबर S3, S4 में सवार इन तमाम बच्चों को बिहार निवासी युवक मोहम्मद अनवार अहमद के साथ बरामद कर लिया गया। आरपीएफ पुलिस ने सभी बच्चों को चाइल्ड हेल्पलाइन के सुपुर्द करते हुए पूरे मामले की जांच के लिए बच्चों को लेकर जा रहे युवक से पूछताछ शुरू कर दी है। बच्चे कहां और क्यों जा रहे थे इसको लेकर हर पहलू से पुलिस जांच कर रही है।
आरपीएफ प्रभारी बताते हैं की पूछताछ के दौरान उक्त युवक ने बच्चों को बिहार से गुजरात ले जाने की बात स्वीकारी है। वह बताता है कि बच्चे गुजरात में एक मदरसे में तालीम हासिल करने जा रहे हैं। उसकी बात में कितनी सच्चाई है इसको लेकर पुलिस कई पहलू से पूछताछ में जुटी है, जबकि नाबालिग मासूम बच्चों को चाइल्ड लाइन के सुपुर्द कर दिया गया है और पूरे मामले की जानकारी जीआरपी और आरपीएफ पुलिस द्वारा उच्च अधिकारीयों तक पहुंचा दी गई है।





