उत्तराखंड के वरिष्ठ कांग्रेस नेता हरीश रावत के ढुलमुल रवैय्ये का नमूना पंजाब प्रभार के दौरान देखा जा चुका है,अब उत्तराखंड में वो क्रेडिट लेने में लगे हैं दूसरे के काम का,
पूर्व कैबिनेट मंत्री यशपाल आर्य और उनके विधायक पुत्र संजीव आर्य के कांग्रेस ज्वाइन करने के 24 घंटे के भीतर ही कांग्रेस में बवाल शुरू हो गया है। कांग्रेस की महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष सरिता आर्य खुलकर विरोध में आ गई है। सरिता आर्य ने पार्टी छोड़ने की धमकी दे डाली है। इधर कांग्रेस चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष और पूर्व सीएम हरीश रावत के सोशल मीडिया में की गई पोस्ट के भी सियासी मायनों में कई मायने निकाले जाने लगे हैं। हरीश रावत ने कांग्रेस से जाने और आने के बहाने को चमत्कार करार देते हुए तंज कसा है। जिसको लेकर कांग्रेस के अंदर एक बार फिर नई बहस शुरू हो गई है।
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महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष ने पार्टी छोड़ने की दी धमकी
भाजपा छोड़कर चुनाव से पहले कांग्रेस का दामन थामने वाले यशपाल आर्य और उनके बेटे संजीव आर्य का कांग्रेस में खुलकर विरोध होने लगा है। विरोध करने वाली कांग्रेस की महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष सरिता आर्य हैं। जो कि 2017 विधानसभा चुनाव में नैनीताल सीट से संजीव आर्य के खिलाफ चुनाव लड़ी थी। इस चुनाव में सरिता 7 हजार से ज्यादा वोटों से चुनाव हारी थी। अब चुनाव से पहले संजीव अपने पिता के साथ कांग्रेस में आ गए तो सरिता ने विरोध शुरू कर दिया है। सरिता ने सोशल मीडिया के जरिए अपनी भड़ास भी निकाली है। सरिता आर्य ने लिखा है कि उत्तराखंड में जो आज राजनीतिक घटनाक्रम हुआ है , उस परिपेक्ष में कांग्रेस पार्टी में निष्ठां पूर्वक व् समर्पित भाव से एक महिला कार्यकर्ता होने के नाते पार्टी कि विपरीत परिस्तिथियों में पार्टी को मजबूत करने के लिए सड़क से विधानसभा तक संघर्ष किया| दुखी मन से, व्यक्तिगत तौर पर मेरे पास बहुत से विकल्प खुले है। उन्होंने कहा कि अतिशीघ्र अपने के साथ विचार विमर्श कर पर्दे के पीछे का खेल न खेलकर सार्वजनिक रूप से निर्णय लूंगी। साफ है कि सरिता आर्य ने पार्टी छोड़ने की धमकी दे दी है। जिससे आने वाले दिनों में वे नया राजनैतिक कदम उठा सकती हैं।
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हरीश रावत के पोस्ट से भी मचा बवाल
इधर हरीश रावत ने सोशल मीडिया पर एक नया पोस्ट किया है। जिससे राजनैतिक गलियारों में नई बहस शुरू हो गई है। हरीश रावत के इस पोस्ट को भी यशपाल आर्य के प्रकरण से देखा जा रहा है। यशपाल आर्य 2017 में कांग्रेस छोड़कर जब गए तो उसके लिए भी हरीश रावत को कारण बताया गया। अब हरीश रावत ने सोशल मीडिया में लिखा है कि रेफरी फाऊल खेलने लग जाय तो क्या कहना चाहिए। राजनीति में जाने के लिए भी बहाना चाहिये, आने के लिए भी माध्यम चाहिये। जाने वाले जिसको बहाना बनाकर गये, आते वक्त वही व्यक्ति रास्ता बन जाय तो इससे बड़ा चमत्कार क्या हो सकता है, इसलिये कहा गया है चमत्कार को नमस्कार। हरीश रावत के इस बयान को यशपाल आर्य के प्रकरण से जोड़ा जा रहा है। 2017 विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस छोड़कर भाजपा में गए यशपाल आर्य ने तब हरीश रावत की वजह से कांग्रेस छोड़ी थी और अब हरीश रावत ये बताने की कोशिश में जुटे हैं कि उनकी वजह से ही यशपाल आर्य कांग्रेस में वापस आए हैं। जिसका जिक्र वे इस पोस्ट में कर रहे हैं। इसी को हरदा चमत्कार मान रहे हैं। साफ है कि हरीश रावत की इस पोस्ट का आने वाले दिनो में कांग्रेस के अंदर नई खींचतान देखी जा सकती है।
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कांग्रेस में गुटबाजी भी शुरू
राजनीति के जानकार मानते हैं कि यशपाल आर्य के कांग्रेस में आने से हरीश रावत नहीं प्रीतम सिंह गुट मजबूत हुआ है। सोमवार को जब यशपाल आर्य ने बेटे के साथ कांग्रेस ज्चाइन की तो सोशल मीडिया पर प्रीतम और हरीश रावत गुट एक्टिव हो गए। दोनों गुट अपने-अपने नेता को इस प्रकरण के लिए हीरो बताने में जुटे रहे। हालांकि कांग्रेसी सूत्रों का दावा है कि यशपाल आर्य की एंट्री कराने में प्रीतम सिंह का सबसे बड़ा रोल रहा है। प्रीतम कई दिनों से दिल्ली में डटे रहे। हरीश रावत गुट को इसकी ज्यादा भनक नहीं थी। इस बात को लेकर हरीश रावत और प्रीतम समर्थक आमने सामने हैं। जो कि आने वाले दिनों में कांग्रेस के लिए नई मुसीबतें खड़ी कर सकता है। राजनीति के जानकार ये भी मानते हैं कि आने वाले दिनो में कांग्रेस के अंदर प्रीतम सिंह का कद बढ़ सकता है। हरीश रावत के फैसलों से कई बार पार्टी और दूसरे कार्यकर्ताओं को असहज महसूस होना पड़ा है। जिससे कांग्रेस ने भी हरीश रावत को सीएम प्रत्याशी नहीं बनाया। अब यशपाल आर्य के आने से प्रीतम सिंह का कद पार्टी में बढ़ गया है। जिससे आने वाले दिनों में दोनों गुटों में एक बार फिर नई सियासी जंग देखी जा सकती है।





