झांसी. लगभग बीस साल पहले जय सिंह ठाकुर से मोहम्मद जावेद बने युवक ने शनिवार को जिले के सिद्धेश्वर मंदिर में हिंदूवादी संगठन के सदस्यों की मौजूदगी में धार्मिक अनुष्ठान कर हिंदू धर्म अपना लिया. बताया जा रहा है कि लगभग 4 साल पहले जावेद (जय सिंह) की मुस्लिम युवती रुखसार से शादी हुई थी और अब उनके एक तीन साल का बच्चा भी है. जावेद के साथ ही उसकी पत्नी रुखसार ने भी हिंदू धर्म अपनाकर अपना नाम माया रख लिया. वहीं, बच्चे औरंगजेब का भी इस मौके पर विजय नामकरण किया गया.
बता दें कि 20 साल पहले झांसी में सीपरी बाजार थाना क्षेत्र के मिशन कंपाउंड के रहने इलियास नाम के एक शख्स को शहर कोतवाली थाना क्षेत्र के सैयर गेट के रहने वाले निर्मल सिंह, और निर्मल सिंह की पत्नी ने बेटे जय सिंह को इलियास के पास मजदूरी करने के लिए छोड़ गए थे. अब इलियास के खिलाफ जय सिंह ने एक महीने पहले आईजी आरएस पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई थी कि 20 साल पहले इलियास ने जबरन जयसिंह का धर्म परिवर्तन कराकर जयसिंह को जावेद बना दिया था. जावेद के बड़े होने के बाद इलियास ने जावेद की शादी रुखसार नाम की एक महिला से करा दी थी. दोनों की शादी चार साल पहले हुई थी, दोनों के एक बेटा है औरंगजेब.
इलियास की इस करतूत और सीपरी बाजार थाने की पुलिस के मामले में कोई कार्रवाई नहीं करने से परेशान जावेद ने हिंदूवादी संगठन के नेता विनोद अवस्थी से मदद मांगी. इस पर हिंदूवादी संगठन के नेता विनोद अवस्थी ने जावेद, पत्नी रुखसार, बेटे औरंगजेब को मंदिर में बैठाकर दोबारा शादी करवाई. इसके बाद दोबारा जावेद से जयसिंह बना, पत्नी रुखसार से माया बनी, और बेटा औरंगजेब से विजय बन गया.
इस पूरे मामले एसएसपी शिव हरी मीणा का कहना है कि मामले की गहनता से जांच कराई जा रही है. जय सिंह को इलियास के पास उसकी मां ने छोड़ा था. जावेद बने जयसिंह ने अपनी मर्जी से मंदिर में शादी की है. ये प्रथम दर्शया जानकारी मिली है. उन्होंने बताया कि इस मामले में दोषी होगा उसके खिलाफ़ सख्त कार्रवाई की जाएगी.





